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भाभी की मतवाली गांड को अपने लोडे से चोद डाला सेक्स स्टोरी

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भाभी की मतवाली गांड को अपने लोडे से चोद डाला सेक्स स्टोरी : हैल्लो दोस्तों, आप सभी कामुकता डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियाँ पढ़ने वालो को मेरा नमस्कार और में आज आप सभी को मेरी आप बीती एक सच्ची घटना सुनाने जा रहा हूँ, जिसमें मैंने अपने एक दोस्त की पत्नी की बहुत जमकर चुदाई करके उसको खुश कर दिया और में सब कुछ आज आप लोगों को बताने यहाँ पर आया हूँ। में उम्मीद करता हूँ कि यह सभी बातें मेरी चुदाई का तरीका आप सभी को जरुर पसंद आएगा। दोस्तों अनिल और में एक दूसरे के बहुत अच्छे दोस्त है, इसलिए हम दोनों का एक दूसरे के घर पर हर कभी आना जाना लगा रहता। दोस्तों उसकी पत्नी संगीता इतनी सुंदर तो नहीं है, लेकिन उसकी गांड बहुत मोटी बाहर निकली हुई है और उस वजह से जब भी वो चलती है तो उसकी गांड ऊपर नीचे होती है और उसको देखकर मेरा लंड अक्सर खड़ा हो जाता है और मुझे वैसे भी मुझे गांड मारना बहुत अच्छा लगता है, क्योंकि मेरी पत्नी कुसुम भी मुझसे हमेशा बड़ी खुश होकर अपनी गांड नहीं मरवाती है और वैसे तो उसकी गांड का मुकाबला कोई भी नहीं कर सकता।

दोस्तों अनिल को हमेशा कुछ ज़्यादा रहता रहता है और उन दिनों भी वो अपने काम में बहुत ज्यादा व्यस्त था, इसलिए वो ज़्यादातर समय अपनी फेक्ट्री में ही रहता। एक दिन रविवार की रात को हम दोनों पति पत्नी अनिल के घर पर उनसे मिलने चले गए और हम सभी आपस में बातें करते रहे और हमें वहीं पर बहुत रात हो गई फिर संगीता मुझसे बोली कि आप बैठिए में अभी चाय बनाकर लेकर आती हूँ और संगीता के जाते ही कुछ देर बाद अनिल भी उठा और बाथरूम में जाकर पेशाब करने चला गया। फिर कुछ देर बाद संगीता ने रसोई से आवाज लगाकर अनिल से कहा कि अनिल अंदर आकर ऊपर से यह शक्कर का डब्बा नीचे उतारकर मुझे दो, लेकिन उस समय अनिल बाथरूम में पेशाब करने गया था, इसलिए उसको कुछ भी पता नहीं चला और में वो आवाज सुनकर रसोई के अंदर चला गया। उस समय संगीता भी थोड़ा सा ऊंचाई पर उसको उतारने की कोशिश कर रही थी और वो मुझे देखकर मुस्कुराने लगी, लेकिन मेरा हाथ नीचे से ही ऊपर पहुंच जाता, इसलिए में वो शक्कर का डब्बा नीचे उतारने लगा।

फिर तभी अचानक से संगीता का पैर फिसल गया और वो एकदम से आकर मेरी बाहों में झूल गई। उसके बूब्स पर मेरे दोनों हाथ लग गए और उसकी गांड मेरे लंड से जा टकराई और फिर मैंने सही मौका देखकर एक अजीब सी हरकत से उसकी गांड में अपनी एक ऊँगली को को डाल दिया और उस समय वो जो कुछ मुझसे बोली उस पर मुझे बिल्कुल भी विश्वास नहीं हुआ, क्योंकि वो मुझसे बोली कि अगर तुम्हे उंगली ही डालनी है तो थोड़ा अच्छी तरह से डाल दो, मुझे उससे कुछ मज़ा तो आए और इतना कहते हुए उसने अपनी साड़ी को ऊँचा कर दिया और उसने अपनी गांड को मेरे सामने कर दिया। फिर मैंने भी बिना समय गंवाये उसकी गांड में अपनी एक उंगली और उसकी चूत में अपनी दूसरी उंगली को डाल दिया और उस दर्द की वजह से वो चिल्लाई उूउईईईईईइ ऊफफ्फ्फ्फ़ आह्हह्हह्हह्हह और में कुछ देर मज़े लेकर वहां से बाहर आकर हम दोनों ने चुपचाप चाय पीना शुरू किया और हम दोनों एक दूसरे को देखकर थोड़ा सा मुस्कुरा भी रहे थे और में उनकी हंसी का मतलब अब साफ साफ समझ चुका था कि वो मुझसे अपनी चुदाई करवाने के लिए तैयार है और वो सपना बहुत दिनों से देख रहा था। फिर करीब दो महीने के बाद मेरी पत्नी कुसुम सर्दियों की छुट्टियों में कोटा चली गई और मेरी मम्मी हर कभी घूमने चली जाती थी। उस दिन भी वो मेरी अच्छी किस्मत से वहीं पर गई थी, जिनको वापस आने में कुछ दिन लगते है। फिर उसी दिन अनिल ने मुझसे फोन करके कहा कि यार आज रात को तो हम साथ में मिलकर अंडाकरी की सब्ज़ी खाएँगे और तुम एक काम करना मेरी पत्नी संगीता शाम को तुम्हारे घर पर आकर सब्ज़ी बना देगी, इसलिए तू अपने काम पर जाने से पहले घर की चाबी संगीता का दे जाना। फिर करीब शाम को चार बजे संगीता मेरे घर पर आ गई और में भी शाम को करीब 4:15 बजे ऑफिस से अपने घर पर आ गया, मुझे देखकर संगीता मुस्कुराई और में तुरंत समझ गया कि आज तो दाल में जरुर कुछ काला है। फिर संगीता मुझसे कहने लगी कि मेरे पास अनिल का फोन आया था और उसने मुझसे कहा है कि आज उसको कुछ ज़्यादा काम है इसलिए वो रात को थोड़ा देर से आएगा और महेश से कहना कि वो और तुम खाना खा लेना, मेरा इंतजार मत करना। दोस्तों उस समय संगीता के बच्चे भी स्कूल की छुट्टियाँ होने की वजह से अपनी नानी के घर पर चले गए थे और फिर उसी समय संगीता मुझसे कहने लगी कि महेश में नहाकर खाना बना दूंगी, इसलिए अब में नहाने के लिए आपके बाथरूम को काम में ले रही हूँ और इतना कहकर वो बाथरूम में नहाने चली गई और उसके जाते ही मैंने टीवी में अपना सीडी प्लेयर लगाकर में एक ब्लूफिल्म देखने लगा और थोड़ी देर के बाद संगीता नहाकर बाहर आई और मैंने देखा कि उसने उस समय केवल एक पतला गाउन पहना हुआ था और वो मेरी तरफ हंसते हुए देखकर बोली कि मुझे बड़ी गरमी लग रही है, इसलिए मैंने यह पहन लिया है। दोस्तों उसके उस गाउन में से उसके बूब्स के निप्पल मुझे साफ साफ दिख रहे थे और उसकी जांघे तो इतनी चिकनी थी, जैसे वो कोई 18 साल की लड़की हो और उसकी मोटी गांड का तो कहना ही नहीं था।

फिर मैंने संगीता से कहा कि भाभी अब आप भी कुछ देर रुकिए में भी अब नहाकर अभी आता हूँ और में उनसे इतना कहकर बाथरूम में चला गया, लेकिन मेरी गलती की वजह से मेरे कमरे में वो सीडी प्लेयर चलता ही रहा और जब में नहाकर बाथरूम से बाहर आया और में अपने कमरे में पहुंचा तो मैंने देखा कि संगीता उस समय उस सीडी प्लेयर पर ब्लूफिल्म देखकर अपनी चूत में ऊँगली कर रही थी और वो मुझे अपने पास देखकर अपने कपड़े ठीक करके मुझसे कहने लगी कि आप किचन में मेरी थोड़ी मदद करवाओ। फिर मैंने उससे कहा कि हाँ ठीक है, लेकिन हम दोनों बिल्कुल नंगे होकर किचन में जायेंगे और फिर मेरी बात को सुनकर बहुत खुश होकर उसी समय संगीता ने हाँ कहकर अपना वो गाउन तुरंत उतार दिया और मैंने भी उसको कपड़े उतारते हुए देखकर अपने भी कपड़े खोल दिए और इतने में मैंने संगीता को अपनी बाहों में जकड़ लिया। वो बोली कि आह्ह्हह्ह्ह्ह आप यह क्या कर रहे है और मैंने कहा कि जो मुझे बहुत पहले ही करना था। दोस्तों मेरे सर पर तो उसकी गांड का भूत सवार था, इसलिए मैंने वहीं किचन में संगीता को घोड़ी बना दिया और अब में उसकी गांड को चाटने लगा। संगीता ने अपने एक हाथ से मेरे लंड को पकड़ लिया और वो मुझसे कहने लगी कि में पहले इसका जूस पियूंगी। फिर मैंने उससे कहा कि नहीं पहले में तेरी गांड मारूंगा और वो बोली कि नहीं मेरी गांड फट जाएगी और मैंने उसकी गांड में बोरोलिन की ट्यूब डालकर पिचका दिया और मैंने अपनी दो उँगलियों से वो पूरी की पूरी बोरोलिन उसकी गांड में लगाकर अच्छी तरह से मैंने उसकी गांड को पूरा चिकना कर दिया और फिर मैंने अपना 6 इंच का मोटा लंड उसकी गांड के मुहं पर रख दिया। फिर मेरे लंड को देखकर संगीता मुझसे कहने लगी कि इतना लंबा मोटा लंड, यह तो आज जरुर मेरी गांड को फाड़कर ही मेरा दम बाहर निकाल देगा। फिर उसकी अधूरी बात में ही मैंने एक ज़ोर से धक्का मारा और मेरा लंड करीब दो इंच उसकी गांड में चला गया। उस दर्द की वजह से वो ज़ोर से चिल्ला पड़ी आईईईईईइ आह्ह्हह्ह्ह्ह माँ में मर गई और मुझे बहुत दर्द हो रहा है, प्लीज थोड़ा धीरे धीरे करो ऊऊईईईईईइ प्लीज मुझ पर थोड़ा तरस खाओ। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब मैंने अपनी तरफ से दूसरा धक्का मार दिया, जिसकी वजह से इस बार करीब पांच इंच लंड उसकी गांड के अंदर चला गया और अब संगीता मुझसे गंदी गंदी गालियाँ बकने लगी, वो बोली कि मादरचोद बहन के लंड, तेरी माँ की चूत मारूं तू अब मुझे छोड़ दे या तू मेरी चूत में अपना लंड डाल दे, कुत्ते मेरी गांड का पीछा अब तू छोड़ दे वरना मेरी गांड तो आज फट ही जाएगी। फिर मैंने उससे बोला कि थोड़ा सा सब्र कर में तेरी गांड मारकर ही तेरी चूत में भी अपने लंड को डालकर उसकी चुदाई करूंगा और माँ की लोड़ी आज तू मेरा ज़्यादा लंड खाएगी में तेरी चूत का अपने लंड से भरता बना दूँगा। दोस्तों मैंने उससे इतना कहकर इस बार लंड को वापस उसकी गांड से बाहर निकालकर एक बार फिर से अपने लंड पर तेल लगाकर उसकी गांड में एक जोरदार धक्का देकर पूरा अंदर डाल दिया।

इस बार मेरा पूरा का पूरा लंड संगीता की गांड में फिसलता हुआ अंदर चला गया और अब संगीता मुझसे कहने लगी कि हाँ थोड़ा और ज़ोर से डालो मेरी गांड में ऊफ्फफ्फ्फ्फ़ वास्तव में अब मुझे बड़ा मज़ा आ रहा है। फिर मैंने आगे की तरफ झुककर उसकी चूत में अपनी दो उँगलियाँ को डाल दिया और इस वजह से उसकी गांड में मेरा लंड और उसकी चूत में मेरी दो उँगलियाँ डालकर में उसको चोदता रहा और अपना कमाल दिखाता रहा। उस समय हम दोनों ही पूरे जोश में थे, वो भी इसलिए मेरा पूरा पूरा साथ दे रही थी, लेकिन करीब दस मिनट जोरदार