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जब इस चूत में से पूरा बच्चा निकल आता है तो लंड क्या चीज़ है

दोस्तो, मैं भरत एक बार फिर हाजिर हूं मेरी नयी हिंदी सेक्स स्टोरीके साथ.. बात उस समय की है जब मैं आगरा अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई करने के लिए पहुंचा। जब मैं आगरा पहुंचा तो वहां पर मेरे रहने की व्यवस्था पहले से ही थी। मेरे बाप के एक फ्रेंड आगरा में रहते थे और उन्हीं ने अपने यहां पर नीचे एक रूम मेरे लिए व्यवस्थित करा दिया था। वो फस्ट फ्लोर पर रहते थे।

वह रूम तो सिर्फ मेरे लिए एक नाम मात्र का था क्योंकि अंकल और आंटी मुझे अपने परिवार का एक सदस्य के रूप में मानते थे। मेरे लिए किसी भी चीज की कोई रोक-टोक नहीं थी। यहाँ भी देखे >> चचेरी बहन की चूत से खून टपकाया चूत में से खून निकलना चुदाई के समय मैं उनके बाथरूम से लेकर बेडरूम तक सभी चीजें उपयोग में लेता था। मतलब कि नीचे का रूम मेरे लिए एक स्टडी रूम की तरह था।

मकान मालिक के परिवार में मियां बीवी और दो बेटे और दो बेटियां थी। बड़ी बेटी की शादी हो गई थी। बड़े बेटे का नाम शुबम छोटे का नाम आकाश, बड़ी बेटी का नाम करिश्मा और छोटी बेटी का नाम करीना था। शुबम दिल्ली में जॉब करता था और करीना ने इसी वर्ष बी एस सी के लिए अजमेर में एडमिशन लिया था और छोटा बेटा घर पर ही रहता था।

उनकी छोटी बेटी करीना मेरी हम उम्र थी। दिखने में एकदम आकर्षक थी  हम दोनों एक दूसरे को पहले से जानते थे क्योंकि वह मेरे बाप के फ्रेंड की बेटी थी। >> चूत में से खून निकालते हुए फोटो XXX Pic वर्जिन खूनी चुत के नग्न फोटो हम लोग घंटों एक दूसरे से बातें करते रहते थे। कभी वह मेरे रूम में आ जाती थी और कभी मैं उसके बेडरूम में चला जाता था, परंतु ना तो कभी मेरे मन में गलत विचार आये और नहीं कभी किसी को आपत्ति हुई।

जब इस चूत में से पूरा बच्चा निकल आता है तो लंड क्या चीज़ है

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मेरे आगरा पहुंचने के करीब 6 महीने बाद दिसंबर के महीने में बड़े बेटे की शादी हुई। शादी के बाद नई बहू घर में आई परंतु करीना के फर्स्ट सेमेस्टर के एग्जाम होने की वजह से उसे शादी के तुरंत बाद अजमेर जाना पड़ा। मेरा भी ऊपर जाना कम हो गया क्योंकि मुझे नई भाभी के सामने जाने में शर्म लगती थी।

एक दिन अंकल ने मुझे ऊपर बुला कर पूछा- क्या बात है आजकल तुम दिखाई नहीं दे रहे हो? कोई परेशानी तो नहीं है?

तो मैंने कहा- ऐसी कोई बात नहीं है अंकल, नई भाभी आई हैं तो कहीं मेरे बार-बार ऊपर आने से उन्हें अनकंफर्टेबल फील हो।

यह बात सुनकर अंकल ने डांट लगाई और कहा- तुम भी इस घर के एक सदस्य हो!

और उन्होंने नई भाभी अंजू को आवाज़ लगाई और मेरा परिचय करवाया कि यह भी इस घर का सदस्य है।

इसके बाद मेरा ऊपर आना एक मजबूरी बन गया। अब मैं कॉलेज से आने के बाद और शाम को ऊपर जाने लगा। धीरे धीरे मेरी भाभी से बात होने लगी। उनका स्वभाव भी बहुत अच्छा था और उनके साथ जल्द ही घुल मिल गया।

उधर दो हफ्ते बाद करीना के एग्जाम खत्म हो गए और वह भी वापस आगरा आ गई।

कुछ दिन बाद एक दिन मैं अपने रूम में बैठकर पढ़ाई कर रहा था तभी करीना अपनी बुक्स लेकर नीचे मेरे रूम में आ गई और बोली- मैं भी यहीं बैठ कर स्टडी करूंगी क्योंकि ऊपर ज्यादा डिस्टर्ब होता है।

मैंने ऐसे ही उससे पूछ लिया- ऊपर डिस्टर्ब क्यों होता है?

तो उसने मुझे अजीब से नजरों से देखा।

मैं कुछ समझ नहीं पाया तो मैंने उससे दोबारा पूछा- ऐसे क्यों रिएक्ट कर रही हो?

तो उसने कहा- नई भाभी को भी एकान्त चाहिए।

मैंने पूछा- उन्हें एकांत की क्या जरूरत है?

तो उसने कहा- भैया की three दिन की छुट्टी बची है इसलिए उन्हें एकांत की जरूरत है।

यह सुनकर मुझे हंसी आ गयी परंतु मैं मुस्कराकर रह गया। मेरी मुस्कुराहट से वह शरमा गई तो मैंने उससे शरारती अंदाज में पूछा- वे एकांत में क्या करेंगे?

यह सुनकर वह बुरी तरह से शर्मा गई और अपनी किताब लेकर ऊपर भाग गई।

मेरे और उसके बीच में इस तरह की घटना पहली बार हुई थी। मैं समझ नहीं पाया कि वह क्यों भाग गई। मैं वापस अपनी पढ़ाई में व्यस्त हो गया।

शाम को जब मैं ऊपर गया तो वह मुझे देख कर मुस्करायी और वहां से चली गई। यह मुझे कुछ अजीब लगा और मैं भी अपने कमरे में नीचे आकर लेट गया। थोड़ी देर बाद करीना नीचे आई और बोली- तुम वापस क्यों चले आये?

तो मैंने उससे पूछा- तुम मेरे आने के बाद वहां से क्यों चली गई थी?

उसने कहा- ऐसी कोई बात नहीं थी.

मैंने उससे पूछा- तुम दोपहर में जब स्टडी करने नीचे आई थी तो ऊपर क्यों चली गई थी?

यह सवाल सुनकर वह शरमा गई और ऊपर जाने लगी परंतु मैंने उसे पकड़ कर बैठा दिया।

वह बोली- तुमने बात ही ऐसी पूछी थी।

मैंने कहा- तो इसमें भागने की क्या जरूरत थी… हर मियां बीवी यह काम करते हैं।

यह सुनकर वह बोली- तुम बहुत बदतमीज हो गए हो!

और ऊपर चली गई।

पहली बार मुझे उसको लेकर गलत विचार आए और पूरे दिन की बातें दिमाग में घूमने लगी। धीरे धीरे मेरा मूड बन गया और फिर बाथरूम में जाकर मुठ्ठी मारी और सो गया।

अगले दिन जब मैं कॉलेज से आया तो अंकल ने आवाज लगाई और कहा- शाम को हम सभी डिनर पर जाएंगे, तैयार हो जाना।

हम सभी रात को डिनर पर गए। डिनर करते समय करीना मेरे दाएं तरफ बैठी थी। डिनर लगभग आधा हुआ था कि करीना का पैर मेरे पैर से टकराया और तुरंत अलग हो गया।

मैंने उसको नजरअंदाज कर दिया, मुझे लगा कि पैर ऐसे ही टकरा गया होगा।

परंतु थोड़ी देर बाद पुनः उसका पैर मेरे पैर से टकराया लेकिन इस बार अलग नहीं हुआ। मैंने थोड़ा इंतजार किया लेकिन उसका पैर अलग नहीं हुआ तो मैंने भी उसके पैर को अपने पैर के नीचे दबा दिया।

उसने तिरछी नजर से मेरी तरफ देखा और खाना खाना शुरू कर दिया।

यह घटना मेरे लिए बहुत ही आश्चर्यजनक थी। जिस लड़की के बारे में सोच कर पिछली रात मैंने मुट्ठी मारी हो वही लड़की मुझे लाइन दे रही थी।

मैंने खुद पर कंट्रोल करते हुए जल्दी खाना खत्म किया और हाथ टेबल के नीचे कर लिए। मैंने अपना दाहिना हाथ उसकी जांघ पर रख दिया. उसने धीरे से मेरे हाथ को हटा दिया और मेरी बगल को नोच लिया। उसके बाद मैंने कोई और हरकत नहीं की।

अब मुझे यकीन हो गया था कि यह जल्द ही मेरे लंड को मजा देगी।

घर आकर मैं अपने रूम में पढ़ने लगा क्योंकि मेरी भी परीक्षा नजदीक आ रही थी।

रात को मेरे दरवाजे पर दस्तक हुई। मैंने दरवाजा खोला तो सामने करीना अपनी किताबें लेकर खड़ी हुई थी। दरवाजा खोलते ही वह मुस्कुरायी और बोली- मैं अपना प्रोजेक्ट तैयार करूंगी… प्लीज मेरी हेल्प कर देना।

मैं समझ गया कि वह कौन सा प्रोजेक्ट बनाएगी। मैंने उसे कमरे के अंदर बुलाया और दरवाजा बंद कर दिया।

मुझ पर सेक्स चढ़ गया था में अब उसे चोदना चाहता था फिर मैंने उसे खींच कर अपनी