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दीदी ने मेरी चूत जीजाजी से चुदवाई – रिश्तों में चुदाई अन्तर्वासना सेक्स कहानियाँ

मेरी रंडी बहन ने मेरी चूत जीजाजी से चुदवाई – रिश्तों में चुदाई अन्तर्वासना सेक्स कहानियाँ : हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम श्रीदेवी है और में कॉलेज में पड़ती हूँ , दोस्तों में आज आप सभी को अपनी एक सच्ची कहानी “मेरी रंडी बहन ने मेरी चूत जीजाजी से चुदवाई” सुनाने जा रही हूँ.

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यह एक सच्ची घटना है जीजाजी से अपनी चूत मरवाने की यह घटना उस समय की है जब मेरी गर्मियों की छुट्टियाँ चल रही थी और में घूमने अपनी बड़ी बहन आँचल के यहाँ गए हुए थे. मेरी रंडी बहन की शादी पिछले 5 साल पहले हुई थी और वो मेरे जीजाजी ब्रिजेश के साथ एक फ्लेट में रहती थी. मेरे जीजाजी बहुत ख़राब इंसान थे और वह मेरी बहन आँचल को बहुत मारते थे और रोज राज को उसे बहुत बुरा चोदते थे.

दीदी ने मेरी चूत जीजाजी से चुदवाई – रिश्तों में चुदाई अन्तर्वासना सेक्स कहानियाँ

रंडी की होटल में रंडी की चुदाई के फोटो Indian Randi Sex Photos Randi Ki Chut Chudai Photos ग्रुप में चुदाई के फोटो (11)

वो दारू भी बहुत पीते थे और जोर जबरजस्ती मेरी बहन को भी दारू पिलाते थे और उसकी चूत में भी दारू दाल दिया करते थे जिसकी जलन से मेरी बहन तड़पती रहती थी और मेरे जीजाजी उसे तडपता देख बहुत कुश हुआ करते थे.. लेकिन फिर भी दीदी उनकी सब बात मानती थी और उन्हे बहुत प्यार करती थी और जब उन्हे पता चला कि में आ रही हु तो वो बहुत खुश थी…. मेरी रंडी बहन ने मेरी चूत जीजाजी से चुदवाई – रिश्तों में चुदाई अन्तर्वासना सेक्स कहानियाँ

फिर मेंरे स्टेशन पर पहुंचे ही देखा कि मेरे जीजाजी मुझे लेने आए हुए थे और उनकी गन्दी नज़र मुझ पर अटक गयी. क्योंकि वो हम से बड़े दिनों के बाद मिल रहे थे. तो अब तक में एक छोटी सी बच्ची से एक जवान चोदन लायक , खुबसूरत लड़की हो चुकी थी.

फिर वो मेरे पास आए और उन्होंने मुझे गन्दी नीयत से अपने गले लगाया मेरे मोटे मोटे बूब्स एकदम से उनके स्पर्श से टाईट हो गये और मेरे पूरे जिस्म में एक सनसनी दौड़ गयी और फिर हम उनके घर पर पहुंचे.

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फिर में सूटकेस से सामान निकालने लगी और जीजाजी आँचल दीदी के साथ किचन की तरफ चले गये. में उनके लिए सर्प्राइज़ लाई थी इसलिए चुपके से उनके पीछे गयी तो जीजाजी आँचल दीदी को पकड़कर धीरे धीरे कह रहे थे कि यार श्रीदेवी तो बहुत मस्त माल बन गयी है और साली तो आधी घरवाली होती है.. कहकर हंस रहे थे.

फिर में तो उनकी यह सब बातें सुनकर शर्म से पानी पानी हो गयी और फिर वापस रूम में चली गयी.फिर धीरे धीरे रात हो गयी थी और हम सब जब खाना खाने एक साथ बैठे हुए थे तो जीजाजी मुझे घूर घूरकर गन्दी नजरो से देख रहे थे और मेरी रंडी बहन को कह रहे थे कि दो दिन बाद होली है.. श्रीदेवी को बहुत रंग लगाएँगे फिर बहुत मज़ा आएगा और जीजाजी जीजाजी और जोर से हसने लगे हा….हा…हा………………

फिर खाना खाने के बाद हम सोने चले गए. मैंने दीदी से बोला कि दीदी यहाँ पर तो सिर्फ एक ही बेड है इस पर हम लोग कैसे सोएंगे? तो दीदी तपाक से बोली कि तू अपने जीजाजी के साथ बेड पर सो जाना और में नीचे ज़मीन पर. तो में एकदम घबराकर बोली कि ना बाबा ना आप ही सोना जीजाजी के साथ और फिर हम सो गए .. लेकिन रात भर मुझे नींद नहीं उस पलंग की बहुत आवाज़ आ रही थी शायद मेरे जीजाजी मेरी बहन को चोद रहे थे और मेरी बहन की आह.. आह.. की गंदी गंदी आवाज भी आरही थी.

फिर दूसरे दिन में खाना बनारही थी और मेरी रंडी बहन जीजाजी  धीरे धीरे कुछ बात कर रहे थे और में चुपके से सुन रही थी क्योंकि मुझे दाल में कुछ काला लग रहा था.. जीजाजी मेरी  दीदी को कह रहे थे प्लीज कुछ ऐसा करो कि मेरी साली श्रीदेवी एक बार मेरा लंड लेने को मान जाए बहुत मज़ा आएगा. तो मेरी बहन बोली कि बिल्कुल नहीं.. किसी को पता चल जाएगा तो मुसीबत हो जाएगी…

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फिर मेरे जीजाजी ने उनको बोला की यदि तूने उसे मुझसे चुदवाने को नहीं राजी करा तो में आज तेरी चूत में केकटस की झाड़ी गुसेड डालूँगा उनकी यह बात सुन मेरी दिदी दर गयी और उनकी आँखों से आंसू निकलने लगे फिर मेरी बहन बोली कि ठीक है में कोशिश करती हूँ.

फिर दिन को हम सब खाना खाने बैठे तो जीजाजी मेरे खाने और मेरी बहुत  तारीफों कर रहे थे.. मैंने दीदी से बोला कि देखो जीजाजी मुझे छेड़ कर रहे है. तो दीदी हंसी और बोली कि साली के ऊपर तो जीजा का पूरा हक बनता है और में शरमा गयी और जैसे तैसे रात हुई.

फिर जब हम सोने जा रहे थे.. जीजाजी बोले क्यों श्रीदेवी कल नींद तो अच्छी तरह से आई थी ना? और मैंने भी उन्हे छेड़ते हुए कहा कि आपकी वजह से नहीं आई. तो जीजाजी बोले कि मुझे पता है छोटा सा रूम है और तुम कल नीचे सोई थी लेकिन कोई बात नहीं आज में नीचे सो जाता हूँ और यह बात सुनते ही सोनू बोला कि में अकेले नीचे सो जाता हूँ आप तीनों ऊपर पलंग पर सो जाओ. तो यह बात सुनते ही में मना करने लगी.

थोड़ी देर बाद आँचल दीदी एक बहुत ही सेक्सी गहरे गले का बिना बांह वाला छोटा गाऊन पहन कर आई और मुझसे बोली कि तू ऊपर नहीं सोएगी तो में सोनू के साथ नीचे सो जाउंगी. तो यह बात सुनकर में मान गयी. मैंने भी एक ढीला ढाला आगे से खुला हुआ गाऊन पहना हुआ था. फिर पलंग के एक तरफ जीजाजी एक तरफ में और बीच में दीदी सोई हुई थी और सुबह जब में उठी तो सब सो रहे थे और में देखकर हेरान रह गयी..

मेरे गाऊन के सारे बटन खुले हुए थे और मेरी ब्रा पेंटी साफ साफ दिख रही थी और मेरी रंडी बहन का भी गाऊन उतरा हुआ था और मेरी नजरें दीदी के मोटे मोटे बूब्स पर गई जो कि बहुत बड़े थे.. लेकिन मुझसे कम और चूत गीली थी. बिस्तर से भी कुछ महक आ रही थी. जीजाजी उस तरफ मुहं करके सोए हुए थे. तो में एकदम बहुत घबरा कर जल्दी से उठी अपना गाऊन ठीक तक किया और टॉयलेट में चली गयी.

दुसरे दिन मैंने काम करते करते थोड़ा हिचकिचाते हुए पूछा कि दीदी क्या आप रोज़ सेक्स करती हो? तो दीदी बोली कि इसमे इतनी शरमाने वाली क्या बात है? इनका लंड ही इतना बड़ा सुडोल और मस्त है कि मुझसे अपनी चूत चुदवाये बिना रहा नहीं जाता और मेरी रंडी बहन ने चान्स मारते हुए कहा कि तुझे भी सेक्स करना है क्या?

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दीदी बोली कि तेरे मोटे मोटे बूब्स तो मेरे से भी बड़े है. मेरी रंडी बहन की बात सुन मुझे दिन भर कुछ कुछ हो रहा था. एक अजीब सी खुजली हो रही थी और मेरी चूत भी दिन भर एकदम गीली थी और में दीदी की बात को सोचे जा रही थी. फिर ऐसे ही दिन गुज़र गया..

रात को मेरी रंडी बहन ने बिस्तर लगा दिए. दीदी बोल रही थी देखना यह पीकर आएँगे और इनका सब काम मुझे करना पड़ेगा और इतने में घंटी बजी और मेरी रंडी बहन दरवाजा खोलने गई. तो जीजाजी थोड़ा लड़खड़ाते हुए अंदर आए और धम से गिर पड़े और में एकदम से डर गयी.

फिर दीदी बोली कि देखा ना ऐसा ही करते है और मेरी रंडी बहन नीचे झुककर उनके जूते, मोजे उतार रही थी तो एकदम साफ दीदी के मोटे मोटे बूब्स लटकते हुए नज़र आ रहे थे और उन्होंने जीजाजी की शर्ट को भी उतार दिया.. फिर बेल्ट निकालने लगी तो वो बड़ी मुश्किल से हिला हिलाकर निकली. फिर पेंट के हुक खोले और उसे उतारने की कोशिश कर रही थी और मुझे बोली कि श्रीदेवी मेरी थोड़ी मदद कर इनकी पेंट मुझसे नहीं उतर रही है. तो मैंने उनकी मदद की और उनकी पेंट उतर गई और अब जीजाजी सिर्फ़ अंडरवियर में थे..

 

अंडरवियर के अंदर कोई बहुत बड़ी सी चीज़ जो बाहर आने के लिए बेताब  नजर आ रही थी.

जिसे में बहुत ध्यान से देखे जा रही थी और सोच रही थी कि दीदी अब मुझसे अंडरवियर भी ना उतारने के लिए कहे और जीजाजी के बदन से मेरी आँखें नहीं हट रही थी. क्या मस्त बॉडी थी उनकी सीना चौड़ा और अंडरवियर के अंदर कोई बहुत बड़ी सी चीज़ जो बाहर आने के लिए बेताब  नजर आ रही थी. तो अचानक से मेरी रंडी बहन ने मुझे देख लिया कि में जीजाजी के लंड की तरफ देख रही हूँ और उन्होंने मुझसे कहा कि यह वही सांप है जो रोज़ मुझे डसता है.. क्या तुझे देखना है तो बता?

में कुछ नहीं बोल पा रही थी और मेरे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि में क्या जवाब दूँ? में बस देखे जा रही थी और इतने में देखते ही देखते मेरी रंडी बहन ने अंडरवियर को एक झटका देकर खींच दिया और लंड को बाहर निकालकर सलहलाने लगी. तो में देखकर मुस्कुरा रही थी और मुझे डर लग रहा था कि कहीं जीजाजी उठ ना जाए?

दीदी बोली देख इन्हे कितना मज़ा आ रहा है.. में तो बस देखे ही जा रही थी. उनका इतना बड़ा और मोटा था कि बस पूरी चूत गीली हो रही थी. फिर दीदी बोली कि तू भी एक बार इस सांप को पकड़कर देख कितना मज़ा आता है और उन्होंने मेरा हाथ खीचकर लंड पर रख दिया और बोली कि ऊपर नीचे करके देख कितना मज़ा आएगा. फिर मैंने जैसे ही हाथ रखा वो इतना गरम था और इतना मोटा, सख्त, लंबा कि मेरे पूरे बदन में सनसनी सी दौड़ रही थी. मेरे हाथ रखने के कुछ देर बाद जीजाजी ने मुहं से आवाज़ निकाली और मैंने एकदम हाथ हटा दिया और सो गयी.

 

जीजाजी पूरे नंगे मेरे पास में सोए थे और मेरी रंडी बहन हमारे बीच में नहीं थी और मेरे गाऊन के बटन भी खुले हुए थे..

मेरी रंडी बहन ने लाईट बंद की और मेरी रंडी बहन मेरे पास में लेटकर मेरे मोटे मोटे बूब्स को पकड़कर बोली कि क्यों श्रीदेवी सांप को देखने से इतनी घबरा रही हो कि ठंड के मारे तुम्हारी कंपकपी छूट रही है और अगर वो काट लेता तो क्या होता? वो हंस पड़ी और सो गयी. में रात भर सो नहीं पाई और मेरे दिमाग़ में अजीब अजीब ख़याल आ रहे थे. में उस मोटे और तगड़े लंड के बारे में सोच रही थी और अचानक से मेरी नींद खुली तो मैंने देखा कि जीजाजी पूरे नंगे मेरे पास में सोए थे और मेरी रंडी बहन हमारे बीच में नहीं थी और मेरे गाऊन के बटन भी खुले हुए थे..

जीजाजी मु मु मु कर रहे थे और अचानक से उन्होंने मेरे मोटे मोटे बूब्स नींद में पकड़ लिए और दबा रहे थे. बहुत सख्त हाथ थे उनके.. उन्होंने मेरे मोटे मोटे बूब्स को मसल मसल कर लाल कर दिया और मुझे भी मज़ा आ रहा था. तो मैंने सोचा कि यह तो मेरे जीजाजी है में इनके साथ कैसे यह सब कर सकती हूँ और मेरी रंडी बहन के आने की आहट से में घबराकर उनसे अपने आपको छुड़ाकर उठ गयी और बाहर हॉल में आ गयी.

दीदी हॉल में आई और बोली कि हैप्पी होली.. आज तो बहुत मज़ा आएगा और होली वाले दिन में बहुत घबराई हुई थी और जीजाजी उठ गये थे.. लेकिन में उनसे नज़रें चुरा रही थी और मेरी रंडी बहन मंद मंद मुस्करा रही थी और सोनू तो सुबह से ही रंग के गुब्बारे और अपनी पिचकारी के साथ व्यस्त था. तो दीदी, जीजाजी कुछ धीरे धीरे कह रही थी..

शायद कल रात वाली बात के बारे में और फिर दीदी हॉल मे