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बहनचोद भाई ने मेरे पूरे शरीर पर वीर्य की बारिश करी मेरे भाई ने मेरी चूत गांड को खूब चोदा

रंडी बाज बहनचोद भाई ने मेरे पूरे शरीर पर वीर्य की बारिश करी मेरे भाई ने मेरी चूत गांड को खूब चोदा mere bhaee ne meree choot gand ko khoobasoorat aur mere boobs bhee chuse : रंडी बाज रंडी बाज बहनचोद भाई ने मेरे पूरे शरीर पर वीर्य की बारिश करी मेरे भाई ने मेरी चूत गांड को खूब चोदा और मेरे बूब्स भी चुसे : एक बार फिर मैं आपकी प्यारी चुदक्कड़ दोस्त मधु आप लोगों का अपनी आत्मकथा में स्वागत करती हूँ। यह भी देखे >> खाला की चूत भंग कर दिया दोस्तों में अपने भाई से चुदी हु और मैंने अपने भाई का लंड अपनी चुत और गंद में डलवा कर बहुत मजा ले रखा है दोस्तों मेरी अपनी चुदाई की इस सेक्स कहानी में मैं मैं अपने मौसेरे बहनचोद धर्मेन्द्र भाई से कैसे चुदी और उसने किस तरह मेरे पूरी शरीर पर वीर्य की बारिश करी सब बताने जा रही हु…

बहनचोद भाई ने मेरे पूरे शरीर पर वीर्य की बारिश करी मेरे भाई ने मेरी चूत गांड को खूब चोदा

Outdoor Romance Nude Photo मलमल के बिस्तर पर चोदने लायक माल को जंगल मे ले जाके चोदते ह चूतिये (28)

यह बात उस समय की है जब मेरा भाई धर्मेन्द्र और में पार्क में नंगे होकर सेक्स कर रहे थे और हमारी चुदाई का प्रोग्राम ख़तम हो चूका था तब मैं चुदाई से खुश हँसती हुई मेरे धर्मेन्द्र भाई से बोली- बहनचोद तो तुम बन ही गए हो अपनी बहन की गंड मारकर और चुत चोद कर, अब मेरे कपड़े और ब्रा चड्डी तो दे दो, पार्क अब खुलने वाला है। मोबाइल में वक्त देखा तो 5:20 हो रहे थे।

बहनचोद धर्मेन्द्र भाई बोला- मेरी चुदक्कड़मर बहन, कपड़े तो बाइक की डिकी में ही भूल गया।
फिर मैं बोली- भूलेगा कैसे नहीं साले? तू तो मुझे चोदने और गांड मारने ही तोआया था।
फिर हम दोनों हँसने लगे हा..हा…हा………………………..।
मैं बोली- जा बहनचोद कपड़े लेकर आ !
तो बहनचोद धर्मेन्द्र भाई बोला- यार मेरी चुदक्कड़मर बहन, ऐसे ही बाहर चलो ना, अभी कोई नहीं होगा।
मैं बोली- अच्छा अगर किसी ने इस हाल में हमें देख लिया तो फिर वो भी चोद देगा।
तो बहनचोद धर्मेन्द्र भाई बोला- कुछ नहीं होगा, चलो।

फिर हम दीवार के पास आये तो बहनचोद धर्मेन्द्र भाई बोला- मेरी चुदक्कड़मर बहन, आप चढ़ो, मैं आपको धक्का देता हूँ।
मैं दीवार पर चढ़ने लगी लेकिन बहनचोद धर्मेन्द्र भाई तो मेरे नंगे जिस्म से खेल रहा था, कभी वो मेरी चूचियों को ऐंठ देता तो कभी धक्का देने वक़्त गांड में दाँत चुभो देता।
मुझे अच्छी लग रही थी और मैं भी खेल रही थी। मैं भी जान बूझकर उसकी गोद में गिर जाती फिर मजे करती। सेक्स करते करते समय का ख्याल ही नहीं रहा।

तभी एक 20-22 साल के लड़के ने बहनचोद धर्मेन्द्र भाई को पीछे से थपथपाया और बोला- भाई, ये क्या हो रहा है?
बहनचोद धर्मेन्द्र भाई डर गया।
वो लड़का पार्क का गार्ड था।
बहनचोद धर्मेन्द्र भाई हकलाते हुए बोला- वो भाईई वो…

उस लड़के ने मोबाइल का टोर्च ऑन किया तो मुझे नंगी देखकर बोला– अच्छा तो ये कहानी है चुदाई कर रहे हो लड़की की।
फिर मैं बहनचोद धर्मेन्द्र भाई को बोली- तू जा और बाइक स्टार्ट कर… मैं आती हूं।
बहनचोद धर्मेन्द्र भाई बोला- मेरी चुदक्कड़मर बहन, आप अकेली?
मैं बोली- जा तू… मैं 2 मिनट में आती हूँ।

तो बहनचोद धर्मेन्द्र भाई चला गया।

उसके जाते ही मैंने उस गार्ड को गले लगाया और एक चुम्मी दे दी और बोली- आज के लिए इतना ही! और पार्क में ब्रा पेंटी तेरे लिए छोड़ कर जा रही हूँ।
और मैं जाने लगी तो लड़का बोला- मैडम जी, एक बार और गले मिल लो।
मैं जैसे ही मिलने गयी, उसने मेरे बूब्स पर किस किया.

मुझे उसकी ये बात अच्छी लगी, मैंने अपने बूब्स उसके मुँह में रख दीये और बोली- ये लो पी लो मेरा दूध।
और फिर उसको अपनी दुधु पिलाकर बहनचोद धर्मेन्द्र भाई के पास चली गयी।

तब हनचोद धर्मेन्द्र भाई बोला- आप ठीक तो हो दी?
मैं बोली- बिल्कुल!
फिर उसने मुझे कपड़े दिये, मैं कपड़ों को लेकर उसके पीछे नंगी ही बैठ गयी और बोली- चल!
तो बहनचोद धर्मेन्द्र भाई बोला- मेरी चुदक्कड़मर बहन कपड़े तो पहन लो?
मैं बोली- आज नंगी ही जाऊँगी।
तो बहनचोद धर्मेन्द्र भाई बोला- वाह मेरी चुदक्कड़मर बहन, क्या बात है!

फिर हम दोनों बहनचोद धर्मेन्द्र भाई के रूम की ओर निकल पड़े।
बहनचोद धर्मेन्द्र भाई बोला- काश आप मेरी बीवी होती!
मैं बोली- साले भाई होकर भी पति वाला काम तो कर ही लिया।
फिर बहनचोद धर्मेन्द्र भाई बोला- ठीक है, आज से मैं आपका पति हूँ और आपकी रोज चुदाई करूँगा
और हँसने लगा।

बहनचोद धर्मेन्द्र भाई मेरी चूचियों के मजे लेने के लिये रास्ते ब्रेक में जानबूझकर अचानक ब्रेक मारता तो मैं बोली– ब्रेक क्यों मार रहा है? सीधे क्यों नहीं बोलता कि तेरे से चिपक कर बैठूँ।
फिर बहनचोद धर्मेन्द्र भाई बोला- मेरी चुदक्कड़मर बहन, आप बहुत अच्छी हो।
हम पहुँचने ही वाले थे तो बहनचोद धर्मेन्द्र भाई बोला- मेरी चुदक्कड़मर बहन, आप पार्क में अकेली वो भी नंगी क्या कर रही थी?
अब मैं सोच में पड़ गयी- क्या बोलूं?

फिर मैंने झूठ बोल दिया- यार वो सहेली की बर्थडे पार्टी से लौट रही थी, तभी कुछ लड़के जबरदस्ती करने लगे और मेरा रे प करने की कोशिश करना चाह रहे थे लेकिन मैं जैसे तैसे भाग निकली और पार्क के छुप गयी।
उसे क्या मालूम कि पाँचों लड़कों ने मेरी जम कर चूत मारी।

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फिर हम बहनचोद धर्मेन्द्र भाई के यहाँ पहुँच गए। जैसे ही रूम में गयी, बहनचोद धर्मेन्द्र भाई ने लाइट जलाई। फिर अपने आप को देखा, मेरे पूरे शरीर पर बहनचोद धर्मेन्द्र भाई की वीर्य थी जो बिल्कुल सूख गया था, समय देखा तो 6 बज गये थे। मेरे पास कपड़े भी नहीं थी कि मैं घर जा सकती।

फिर मैंने मॉम को फोन करके कहा- मैं बहनचोद धर्मेन्द्र भाई के यहाँ हूँ, आने में थोड़ी देर लगेगी।
मॉम को मेरे पे शक हो गयी कि मैं झूठ बोल रही हूँ तो मॉम बोली- बहनचोद धर्मेन्द्र भाई से बात करवा?
तो मैंने बहनचोद धर्मेन्द्र भाई को फोन दे दिया, मॉम से बहनचोद धर्मेन्द्र भाई बोला- मासी, आप टेंशन मत लो, मैं शाम को आऊंगा तो मधु को अपने साथ ले आऊंगा।
मॉम मान गयी।

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मैं रात भर चुद चुद कर बिल्कुल थक गई थी और बिस्तर पर लेट गयी। बहनचोद धर्मेन्द्र भाई भी मेरे पास लेट गया और मुझे किस करने लगा, मेरे बूब्स चूसने लगा, वो मेरे बदन के साथ खेल रहा था। और मैं पता नहीं कब नींद की आगोश में चली गयी।
जब मेरी नींद खुली तो देखा कि बहनचोद धर्मेन्द्र भाई मेरे पास बिल्कुल नंगा सोया हुआ है और लन्ड भी बिल्कुल ढीला सोया था। मैं उठकर जैसे ही बैठी तो वीर्य मेरी चूची से नीचे टपक रहा था।

फिर मैंने आईने के सामने जाकर देखा तो मेरी चुचियाँ एकदम लाल थी और लव बाईट भी थी। मैं समझ गयी कि बहनचोद धर्मेन्द्र भाई ने मेरी दुधु पर मुठ मेरी है।
मैंने समय देखा तो शाम के 4 बज रहे थे।

फिर मैंने बहनचोद धर्मेन्द्र भाई को उठाया और बोली- उठ बहनचोद, मुझे कपड़े भी लेने हैं और घर भी जाना है।
बहनचोद धर्मेन्द्र भाई ने उठते ही मुझे अपनी ओर बिस्तर पर खींच लिया और बोला- मेरी चुदक्कड़मर बहन, आज रात रुक जाओ ना?
मैं बोली- अच्छा, आज रात ही क्यों, तेरे बच्चे की माँ बनने तक रुक जाती हूँ।
और हम दोनों भाई बहन हँसने लगे।

बहनचोद धर्मेन्द्र भाई हँसते हुए बोला- काश, तू मेरी बीवी होती।
मैं बोली- चल उठ और बाज़ार जाकर मेरे लिए कपड़े लेकर आ, तब तक मैं स्नान कर लेती हूँ।
तो बहनचोद धर्मेन्द्र भाई बोला- मेरी चुदक्कड़मर बहन, मैं भी आपके साथ नहाऊंगा!
मैं बोली- पागल मत बन, जल्दी जा, मुझे देर हो रही है।
लेकिन बहनचोद धर्मेन्द्र भाई जिद करने लगा।

फिर मैं बोली- ठीक है, जल्दी उठ!
और मैं जाने लगी। वो वहीं लेटा मेरी लचकती गांड देख रहा था।
वो अचानक उठा और मुझे पीछे से दबोच लिया, उसका लन्ड मेरी गांड में चुभने लगा था।
वो बोला- मेरी चुदक्कड़मर बहन, आपकी गांड बहुत सेक्सी है। एक बार गांड मारने दो ना?
मैं बोली- पागल हो गया है क्या? बहन हूँ तेरी रंडी नहीं… जब से मिला है चोदे ही जा रहा है।

मैंने थोड़ा गुस्सा दिखाया और बाथरूम में चली गयी। वो भी पीछे-पीछे आ गया और बोला- गुस्सा मत हो मेरी चुदक्कड़मर बहन!
और बाथरूम में घुस गया और मैंने झड़ना शुरू किया और वो दोनों नहाने लगे। वो मुझे बड़े प्यार से स्नान करवा रहा था, मेरी चूची को मसलने लगा.

मैं फिर से थोड़ी उत्तेजित होने लगी, मैं कुछ नहीं बोली. वो फिर आगे बढ़ा और मेरे होंठों को जीभ से चाटने लगा। मेरे शरीर मे झनझनाहट सी फैल गयी। वो मेरे गाल, गर्दन, चूची सिर्फ चाटे जा रहा था जोकि मेरे लिए बिल्कुल नया और अलग अनुभव था। आज तक मैंने बाथरूम में ऐसे नहीं करवाया था। – बहनचोद भाई ने मेरे पूरे शरीर पर वीर्य की बारिश करी मेरे भाई ने मेरी चूत गांड को खूब चोदा

फिर वो अचानक ऐसी जगह पहुँच गया जिसकी मैं कभी कल्पना भी नहीं की थी… वो मेरे दोनों हाथों को ऊपर करके मेरी आर्मपिट चाटने लगा। मेरे मन में एक अजीब सी गुदगुदी सी हुई कि ‘ये क्या कर रहा है’ और मेरी आँखें बंद हो गयी और सब कुछ भूलकर बस मैं आंनद लेने लगी।
इससे पहले मैं कुछ समझ पाती, वो मेरी चूत में उंगली करने लगा और ये पानी तो आग में पेट्रोल छिड़कने का काम कर रही थी।

मैं अब बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी और मेरे मुँह से अपने आप सिसकारियां निकलने लगी- ओह्हह हहहह… आहह…
मैं अपना आपा खो चुकी थी और वो पूरे जोश से कभी मेरी चूची चाटता तो कभी गाल… तो कभी तो कभी होंठ, तो कभी गर्दन, तो कभी मेरी गांड और बीच-बीच में अपनी दाँत चुभो कर और पागल कर देता।
मैं तो बस आँखों को बंद कर एक अजीब सी दुनिया में खोई थी।

तभी उसने अचानक मेरी चूत में अपनी जीभ लगा दी और चूत चाटने लगा। मेरी आँख अचानक से खुली और मैं मदहोशी से बोली- बहनचोद धर्मेन्द्र भाई… अब बस कर! बस मेरी चूत को फाड़ दे।

यह बात सुनते ही जैसे बहनचोद धर्मेन्द्र भाई पागल हो गया और मेरी चूत को अपने मुँह में भर लिया और अपने जीभ से मेरी चुदाई करने लगा। मैं भी उसका पूरा साथ दे रही थी। करीब 5 मिनट बाद मैं उसके मुँह में झर गयी लेकिन वो अभी भी अपने जीभ से चोद रहा था।

फिर मैंने जैसे तैसे उसको अलग किया और बोली- हो गया… बस कर… बहुत नहा ली! अब चल!
और मैं बाथरूम से निकल गयी।
वो मेरे पीछे आया और बोला- मेरी चुदक्कड़मर बहन, ये गलत है। आपका काम तो हो गया लेकि