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महिलाओं की चुत के लिए देसी कॉन्डम ये नहीं देखा तो क्या देखा

महिलाओं की चुत के लिए देसी कॉन्डम ये नहीं देखा तो क्या देखा : कंडोम महिलाओं को अनचाहे गर्भधारण और यौन संचारित रोगों (एसटीडी) से बचाने में सहायक है। स्वदेशी ‘महिला कंडोम‘ मंगळवारी औपचारिक रित्या लॉन्च  हो गया है | महिला कॉन्डम महिलाओं की चुत की आदमी के मुठ से पूरी सुरक्षा प्रदान करता है. महिलाओं को पुरुषो के साथ सुरक्षित यौन संबंध बनाने में मदद करेगा इस कंडोम को लगा कर महिलाओं मजे से चुदवा सकेंगी।

महिला कंडोम का इस्तेमाल कैसे करे। How to use this.Best Health Education Video

 

देसी कॉन्डम महिलाओं को अपनी चुत मरवाने में सशक्त बनाता है। इस फीमेल देसी कंडोम को लडकियों  की चुत के अन्दर छतरी की तरह लगाना होता है और जब कोई लडका उसकी चुत चोदता है तो उसका मुठ इस देसी कॉन्डम की वजह से योनी में नहीं जापाता है यहाँ गर्भनिरोध का कम करता है और इससे सेक्स के आनंद में किसी भी प्रकार की कोइ कमी नहीं आती है|

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ये एक बैग की तरह पाउच होता है, जिसे योनि के भीतर लगाया जाता है, जो एक बैरियर की तरह काम करता है। इसके दोनों सिरों पर रिंग लगे होते हैं। फीमेल कंडोम से जुड़े चार ऐसे महत्वपूर्ण तथ्य हैं, जिन्हें सभी महिलाओं को जानना बहुत ज़रूरी है। यह देसी कॉन्डम महिला की पहल वाली एकमात्र गर्भनिरोधक विधि है जो गर्भ धारण से रोकथाम के साथ- साथ एचआईवी / एड्स से भी दोहरी सुरक्षा प्रदान करता है। इस देसी कॉन्डम की मदद से महिलाएं संतानोत्पत्ति की प्रक्रिया पर अपना नियंत्रण रख सकती हैं।

गर्भनिरोधक की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में यह देसी कॉन्डम एक बहुत ही महत्वपूर्ण साधन साबित हो सकता है और देश की बढ़ती आबादी को नियंत्रित कर सकता है। महिला कंडोम गर्भधारण और संक्रमण दोनों से सुरक्षा प्रदान करता है और सेक्स के दौरान महिलाओं को सुरक्षा पर अधिक नियंत्रण प्रदान करता है।यह प्रभाव लऔर विश्वसनीयता दोनों में पुरुष कॉन्डम के समान है।

महिला कॉन्डम के नये लेटेक्स एडिशन की डिजाइन तैयार कर ली गई है और इसे केरल में तिरुवनंतपुरम स्थित एचएलएल के अनुसंधान एवं विकास केंद्र के वैज्ञानिकों के द्वारा देश में ही पूरी तरह से डिवेलप किया गया है।  वेलविट देसी कॉन्डम को इस वर्ष 2016 मार्च में योग्य करार दे दिया गया था ।

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जानिये क्या है फीमेल कंडोम को लगाने का सही तरीका LIVE HINDI Me इस्तेमाल किये जाने वाले कंडोम की तुलना में फीमेल कंडोम अभी हमारे समाज में बहुत कम प्रचलित है। इसकी एक मुख्य वजह यह है कि लोगों को अभी इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। to देखा जाए …Vedio महिला कंडोम लेनें के लिए डॉक्टर के पर्चे की आवश्यकता नहीं होती, इसलिए ये आसानी से उपलब्ध है। आप अधिकतर दवा की दुकानो और कुछ एक सुपर मार्केट्स से इसे खरीद सकते हैं। महिला कंडोम महिलाओ को संक्रमण से बचने के दायित्व में अपना हिस्सा निभाने का मौका देता है।

जन्म रोकने वाली गोली की अपेक्षा, महिला कंडोम का महिलाओं के प्राकृतिक हार्मोन्स पर कोई प्रभाव नहीं होता।(यद्यपि इसे जन्म रोकने वाली गोली के साथ अतिरिक्त सुरक्षा के लिए उपयोग किया जा सकता है) आदमी के शिश्न के उत्तथान खो देने की अवस्था में भी ये वैसे ही रहता है जैसे था। यह आपके यौन संबंधों के अनुभव को अधिक प्रभाबी बना सकता है।

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योनि संसर्ग के दौरान बाहरी रिंग भग्नासा को उत्तेजित कर सकती है। इसे लैटेक्स की जगह पॉलीयुरथेन (polyurethane) से बनाया जाता है अतः इसका उपयोग वे भी कर सकते हैं जिन्हे लेटेक्स से एलर्जी है। इसे संसर्ग से कुछ घंटों पहले भी लगाया जा सकता है–और याद रखे कंडोम लगाये हुये भी आप बाथरूम का उपयोग कर सकते है। दोस्तों अगर आपको हमारा यह विडियो पसंद आया तो कृपया लाइक करें और अगर आप हमसे कुछ कहना या पूछना चाहते हैं तो कृपया नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी बात लिखें, हमारा यह विडियो देखने के लिए धन्यवाद !

 

देसी फीमेल कंडोम से जुड़ी ये दिलचस्प बातें आपको  हैरान कर देंगी :

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दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में विभिन्न प्रकार के फीमेल कंडोम उपलब्ध हैं। उदहारण के लिए ‘दी क्यूपिड’ कंडोम भारत में भी उपलब्ध होता है। ये वेनिला सुगंधित महिला कंडोम सफेद और गुलाबी कलर में आता है। इसके अलावा इंडियाना यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने एक कंडोम का विकास किया जिसे ‘इलिप्टिकल’ कंडोम कहते हैं, ये योनि के आकार का होता है। इसलिए इसका इस्तेमाल आसान है। इसके अलावा 2012 में भी शोधकर्ताओं ने एचआईवी के खिलाफ एक कंडोम विकसित करने की कोशिश की।

कई अध्ययनों के अनुसार मेल कंडोम एचआईवी के खतरे को 80-95 फ़ीसदी जबकि फीमेल कंडोम 94-97 फ़ीसदी तक कम करता है। इसका मतलब ये हुआ कि अगर महिलाओं को इसके इस्तेमाल का सही तरीका बताया जाए, तो काफी हद तक यौन संचारित रोगों से बचा जा सकता है।

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