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 मम्मी की गांड के बीच लंड धस गया था

ब्रा बेचने वाले के साथ -- Bra Seller Ke Sath Romance -- HOT SHORT FILM-MOVIE - YouTube 2016-03-31 23-48-50

मैं कॉलेज चली जाती थी और पापा बैंक. मम्मी घर पर अकेली ही रह जाती थी. परेशानी ये थी, घर बंद नहीं कर सकते थे क्युकि चोरिया बहुत ज्यादा होने लगी थी. अकेले तो बस डर ही लगा रहता. पापा ने मम्मी से कहा, कि ऊपर का पोर्शन खाली पड़ा है, क्यों ना एक किरायेदार रख. मम्मी ने हाँ कह दिया और पापा ने अपनी जान-पहचान वालो से किसी फॅमिली वाले को अपने यहाँ किरायेदार के लिए बोल दिया.
कुछ दिन बाद, पापा के दोस्त गुप्ता जी एक आदमी को साथ लाये. उनका नाम रमेश था और उनकी उम्र ३५-३६ साल की होगी. रमेश अंकल एक्सपोर्ट डिपार्टमेंट में लोडिंग इंचार्ज थे और रमेश अंकल ने बताया, कि उनका ट्रांसफर २-३ पहले ही हुआ है और अगर मकान किराये पर मिल जाएगा; तो वो अपनी वाइफ को भी ले आयेंगे.
रमेश अंकल को कोई बच्चा नहीं था और गुप्ता जी के कहने पर पापा ने ऊपर का पोर्शन रमेश अंकल को दे दिया. दो दिन ही, रमेश अंकल अपना सब सामान ले आये और साथ में उनकी वाइफ भी आई थी.

रमेश अंकल की वाइफ थोड़ी मोटी और काले कलर की एक छोटे कद की औरत थी और जबकि रमेश अंकल एक हैण्डसम और अच्छी कद-काठी के मालिक थे. तो कुल मिलाकर दोनों की बेमेल जोड़ी थी. रमेश अंकल रात को ड्यूटी पर जाते थे और सुबह ६-७ बजे घर आते थे और फिर वो पुरे दिन घर पर ही रहते थे. इस वजह से पापा भी खुश रहते थे. क्युकि अब घर की रखवाली के लिए कोई परेशानी नहीं थी. कुछ और दिन ऐसे ही बीत गये. एक दिन मम्मी छत पर कपडे डालने गयी. तो उन्होंने रमेश अंकल और नेहा आंटी (रमेश अंकल की वाइफ) के लड़ने की आवाज़ आई और दोनों मिया-बीवी आपस में तकरार कर रहे थे. उनका कमरा बंद था, तो मम्मी ने अपने काम दरवाजे पर लगा दिए. रमेश अंकल कह रहे थे, तुझसे शादी करके मेरे करम ही फुट गये साली. मोटी भैस, कोई काम नहीं करती; बस पड़ी हुई टीवी  देखती रहती है. शीला को देख ( मेरी मम्मी का नाम शीला है) कितना काम करती है और उनकी बॉडी देखी है. कितनी फिट रहती है वो और एक तू है भैस.

नेहा आंटी बोली – तो जाओ, उसी शीला के पास. बहुत सुंदर है ना वो. रमेश अंकल – हाँ, मेरा बस चले तो शीला को बुला लू. तुझ भैस तो पीछा छुटे. मम्मी को ये सुनकर बड़ा गुस्सा आया. पर मिया बीवी के अपने झगड़े में मुझे क्यों घसीट रहे है. तो वो दरवाजा खटखटाने ही वाली थी, कि एकदम रुक गयी. मम्मी ने सोचा – मिया-बीवी झगड़ रहे है और अभी उनके बीच में बोलना उचित नहीं है. पापा से बताउंगी इस बारे में और तभी रमेश उनसके की आवाज़ आई. देखा है शीला जी को. कितनी सुंदर है और स्मार्ट है वो, जैसे विपाशा बासु हो और एक तू है टुन्न-टुन्न. दो बच्चे होने के बाद बावजूद २५-२६ साल की जवान औरत दिखती है शीला और तू. तेरी क्या बराबरी है उनके साथ. मम्मी के बारे में बड़ा दू. मेरी मम्मी की हाइट ५’४” है. रंग सांवला है पर गजब का नमक है चेहरे पर. बहुत ही घने बाल है, जो कमर तक लहराते है. ३६ सजी के बड़े और मस्त जैसे सख्त नारियल हो.

कातीदार चिकनी कमर जिस पर नाभि कमाल के फूल की तरह दिखती है और ३६ साइज़ के चौड़े नितंभ है और सुढौल जांघे. मम्मी के चेहरे पर गजब की कशिश है. कोई भी मर्द उन्हें देखकर आकर्षित हुए बिना नहीं रह सकता. बाज़ार में जब भी मैं मम्मी के साथ होती हु, तो लोग उन्हें मेरी बड़ी बहन ही समझते है. मम्मी ज्यादातर साड़ी ही पहनती है. रमेश अंकल ने जब कहा, कि शीला बिपाशा बासु जैसी दिखती है, तो मम्मी का गुस्सा ठंडा पड़ गया और कोई भी औरत हो उसे अपनी तारीफ अच्छी ही लगती है. मम्मी वहां से नीचे आ गयी और मम्मी शीशे के सामने खड़ी हो कर अपने आप को निहारने लगी. ब्लाउज में कसे हुए उनके मम्मे, चट्टान की तरह खड़े थे और मम्मी अपने को ही देख कर मोहित होने लगी थी. मम्मी के मन में अपनी सुन्दरता का गुमान हो रहा था और सही तो कह रहा है रमेश. कहाँ मैं और कहाँ वो मोटी भैस नेहा. करम ही फुट गये बेचारे के और मम्मी को अब रमेश अंकल से हमदर्दी हो गयी थी.

अगले दिन, मम्मी फिर कपड़े सुखाने गयी. तो रमेश अंकल का दरवाजा बंद था पर कुछ आवाज़े आ रही थी. अहहहहः उफुफुफुफ्फुफु हलके करो ना. नेहा आंटी बोल रही थी. मम्मी ने दरवाजे के छेद दे अन्दर झाँका तो देखा, रमेश अंकल और नेहा आंटी दोनों ही नंगे थे और रमेश अंकल नेहा आंटी की चुचियो को मसल रहे थे. नेहा आंटी की चुचिया काफी लटकी हुई थी और रमेश अंकल का लंड क़ुतुब मीनार की तरह ९ इंच लम्बा और ४ इंच मोटा काला लंड लाल सुर्ख हो रहा था. रमेश अंकल – मेरी जान शीला बहुत हॉट है तू. नेहा आंटी बोली – चोद मुझे रहे हो पर नाम उस कमीनी शीला का ले रहे हो. रमेश अंकल – हाँ साली, देख शीला के नाम से ही जब मेरा लंड इतना खड़ा हो गया. तो शीला सामने होगी तो इसका क्या होगा. मम्मी ये सुनकर सुन्न पड़ गयी और रमेश अंकल ने अब नेहा आंटी को चित लिटाया और अपने लंड को नेहा आंटी की चूत में रख धक्का मारा.

रमेश अंकल – अहहाह शीला शीला शीला मेरी जान. और ताबड़तोड़ धक्के मारने लगे और ये देख मम्मी बहुत उतेजित हो गयी और उनके हाथ अपने आप ही अपनी चुचियो पर चले गये और मम्मी की चूत में खलबली होने लगी. उधर रमेश अंकल मम्मी का नाम लेकर नेहा आंटी की चुदाई करने ले लगे थे और १ घंटे की घनघोर चुदाई के बाद ही, रमेश अंकल ने अपना पानी छोड़ा और इस बीच मम्मी की हालत पतली हो गयी. वो खुद ही अपने बदन से खेलने लगी और रमेश अंकल की बातें उन्हें अब बुरी नहीं लग रही थी और रमेश अंकल मम्मी के बारे क्या-क्या ख्याल रखते है, ये जानकर भी मम्मी ने पापा से इस बारे में कुछ नहीं कहा. ३-४ दिन तक ये सिलसिला चलता रहा. मम्मी रोज़ छत पर पहुच जाती और दोनों मिया-बीवी के बातें सुनती और रमेश उच्नले मम्मी का नाम ले लेकर नेहा आंटी को चोदते और मम्मी नीचे आकर शीशे में अपने को निहारती. १०-१२ दिन बाद, नेहा आंटी रमेश अंकल से लड़कर अपने घर चली गयी.

अब केवल रमेश अंकल और मम्मी ही घर पर होते थे. पर रमेश अंकल नीचे बहुत ही कम आते थे. एक दिन मम्मी उपर गयी, तो रमेश अंकल के रूम से कुछ आवाज़ आ रही थी. मम्मी रुक गयी. मम्मी ने सोचा – अब नेहा तो है नहीं, फिर अंकल किस से बातें कर रहे है? मम्मी ने छेद में से देखा, रमेश अंकल अपने लंड को पेंट के ऊपर से बाहर निकाले हुए है और उनके हाथ में मोबाइल था, जिसमे मम्मी की फोटो थी. रमेश अंकल का लंड विकराल रूप में था. रमेश अंकल – आहाहाह मेरी जान शीला शीला कहकर मुठ मार रहे थे. रमेश अंकल बार-बार मोबाइल में मम्मी की तस्वीर को चूम रहे थे. मम्मी चुपचाप नीचे आ गयी और मम्मी शीशे के सामने खड़ी अपनी जवानी को निहारने लगी. उनका मन वासना की आग में भरने लगा था और मम्मी ने अपनी आग बड़ी मुश्किल से शांत की. अगले दिन, जब पापा और मैं चले गये तो रमेश अंकल नीचे आये और मम्मी से बाते करने लगे.

मम्मी ने चाय को पूछा – तो उन्होंने हाँ कहा. मम्मी चाय बनाने किचन में चली गयी. रमेश अंकल के निगाहे मम्मी को लालची निगाहों से देख रही थी. उनके चेहरे पर वासना की चमक दौड़ पड़ी. मम्मी चाय बनाकर लाई और रमेश अंकल चाय पीने लगे तो मम्मी ने रमेश अंकल से कहा – एक बात पुछु? रमेश – आप अपनी वाइफ से इतना क्यों लड़ते है, जब वो आपो पसंद नहीं, तो अपने शादी क्यों की? रमेश अंकल ने एक पल चुप रहने के बाद बोलामाँ-बाप की मर्ज़ी से शादी हुई है. लेकिन वो मुझे पसंद नहीं. मम्मी ने पूछा – तो आपको कैसी लड़की पसंद है. रमेश अंकल ने तपाक से कहा – आप जैसी शीला जी. मम्मी होले से बोली – ऐसा मुझमे क्या है? जो मुझ जैसी लड़की आपको पसंद है. रमेश अंकल का हौसला बड गया और वो बोले – शीला जी आप बहुत सुंदर और स्मार्ट हो. आप जैसी औरत को पाकर हर मर्द खुशकिस्मत होगा. मम्मी शर्मा गयी और होले से मुस्कुरा दी.

रमेश अंकल एकदम से उठकर मम्मी के एकदम करीब बैठ गये और मम्मी उनके सामने सिर नीचे करके खड़ी थी. मम्मी की बड़ी-बड़ी चुचिया उनकी ताज साँस के साथ ऊपर-नीचे हो रही थी. चेहरे पर शर्म के साथ कामुकता भी झलक रही थी. रमेश अंकल ने एकदम से मम्मी की कमर में हाथ डालकर अपनी ओर खीच लिया. मम्मी – क्या करते हो, छोड़ो मुझे? रमेश अंकल ने मम्मी को अपनी बाहों में कसकर पकड़ लिया. पकड़ इतनी मजबूत थी, कि मम्मी की हड्डिया कड़-कड़ बोलने लगी और उनकी चुचिया रमेश अंकल की छाती में अटक गयी. मम्मी के मुह से गरम सांसे निकलने लगी और मम्मी बोली – छोड़ो ना. कोई आ जायेगा तो क्या कहेगा. रमेश अंकल ने कहा – कुछ नहीं कहेगा शीला मेरी जान और रमेश अंकल ने अपने होठ मम्मी के होठो पर लगा दिए. रमेश अंकल के हाथ मम्मी के मम्मो पर जमे थे और वो उनको मस्ती में मसल रहे थे. मम्मी के मुह से दर्द भरी सिसकिया फूटने लगी थी अहहहाह ऊऊऊऊऊ

रमेश अंकल ने मम्मी की साड़ी खोल दी और मम्मी पेटीकोट ब्लाउज में थी. मम्मी –छोड़ो ना, क्या करते हो? पर विरोध बिलकुल भी नहीं कर रही थी. रमेश अंकल मम्मी के होठो को चूसने लगे और मम्मी सिसकारी मार रही थी और रमेश अंकल ने मम्मी के ब्लाउज के बटन तोड़ दिए और ब्लाउज को निकाल फेंका और ब्लैक ब्रा में मम्मी की चुचिया आधी बाहर निकली हुई थी. रमेश अंकल ने मुम्मी के पेटीकोट का नाडा भी खोल दिया, जिससे उनका पेटीकोट सरक कर नीचे गिर गया और रमेश अंकल ने अब एक हाथ मम्मी की पेंटी के अन्दर सरका दिया और मम्मी की चूत रमेश अंकल की हरकतों से गरम हो चुकी थी और चूत पर कोई भी बाल नहीं