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नाजायज संबंध क्यों बनती है लडकिया - शादीशुदा महिला गैर मर्द से संबंध क्यो बनाती है

नाजायज संबंध क्यों बनती है लडकिया - शादीशुदा महिला गैर मर्द से संबंध क्यो बनाती है : सभी स्त्री-पुरुषों को पता होता है कि विवाह क्या होता है और उस का  क्या महत्व है।  शादी स्त्री-पुरुष के बीच बंधने वाला वह बंधन है जो जीवन भर एक पुरुष को महिला के साथ सेक्स करने की अनुमती प्रदान करता है । विवाह के बाद ही स्त्री-पुरुष पारिवारिक जीवन में प्रवेश करते हैं और वे पति-पत्नी बनते हैं। इसके बाद दोनों के सेक्स करने से बच्चे का जन्म होता है जिससे संसार में मनुष्य का जीवन चक्र चलता है। समाज और परिवार के लिए विवाह के द्वारा ही पति-पत्नी एक हो जाते हैं लेकिन सेक्स वैज्ञानिकों के अनुसार शादी से केवल सामाजिक नियमों से पति-पत्नी बनते हैं, जबकि वास्तव में पति-पत्नी को आपस में बांधने का काम सेक्स संबंध करता है। सेक्स क्रिया से जब तक पति-पत्नी को पूर्ण आनन्द और चरम सुख प्राप्त नहीं होता तब तक पति-पत्नी के बीच संबंध मजबूत नहीं होते। पति-पत्नी के बीच जब कभी सेक्स संबंध में किसी प्रकार की परेशानी उत्पन्न होती है तो उसका असर वैवाहिक जीवन पर पड़ने लगता है। विवाह के समय एक-दूसरे के लिए कुछ भी कर गुजरने की इच्छा रखने वाले पति-पत्नी का आपसी संबंध टूटने लगता है। पत्नी जो अक्सर पतिव्रता होने की बात करती है और वह पति के अलवा किसी दूसरे के बारे में सोचना भी पसंद नहीं करती, वही स्त्री सेक्स संबंधों में संतुष्टि न मिलने या अन्य सेक्स संबंधी कारणों से पति से दूर होने लगती है। ऐसी स्थिति में पति-पत्नी दोनों को चाहिए कि उन कारणों को पता लगाकर समाप्त करें जिनकी वजह से दोनों के बीच मनमुटाव उत्पन्न हुआ हो।

 पति-पत्नी के बीच खराब संबंध

सेक्स विशेषज्ञों द्वारा इस विषय पर शोध करने से पता चला है कि कुछ समय पहले तक पति-पत्नी के बीच खराब संबंधों का कारण सेक्स संबंधों में किसी प्रकार की रुकावट मानते थे और यह कारण आज भी है लेकिन इसके अलावा भी अनेक ऐसे कारण हैं जिसकी वजह से स्त्री पतिव्रता नहीं रह पाती है। इसका परिणाम यह होता है कि स्त्री अपने पति को छोड़कर किसी ऐसे पुरुष के पास चली जाती है जो उसकी इच्छाओं को पूरा कर सके। स्त्री चाहे किसी भी कारण से दूसरे पुरुष के पास जाती हो लेकिन यह बहुत ही चिंता का विषय है क्योंकि इससे न केवल पति-पत्नी, बल्कि परिवार और संस्कार की भी हानि होती है। स्त्री का किसी दूसरे पुरुष के पास जाना भारी चिंता का विषय है।

स्त्रियों का दूसरे पुरुष के पास जाने के कारणः

सेक्स संबंधः
यह बात काफी समय से चली आ रही है कि सेक्स संबंधों के कारण पति-पत्नी के बीच विवाद पैदा हो जाता है। वैवाहिक जीवन में सेक्स संबंधों की आवश्यकता स्त्री-पुरुष दोनों को होती है। स्त्रियों में शुरू से ही लज्जा, शर्म और संकोच भरी रहती हैं और वैवाहिक जीवन के बाद भी वे सेक्स के बारे में खुलकर बात नहीं कर पातीं। यही कारण है कि स्त्री सेक्स का चरम सुख और पूर्ण आनन्द प्राप्त करने के बारे में स्वयं कुछ नहीं कहती। लज्जा, शर्म और संकोच उन्हें कुछ भी कहने से रोके रखती है लेकिन सेक्स एक ऐसी आग है जो भड़कने के बाद आसानी से शांत नहीं होती। कभी-कभी कुछ स्त्रियां ऐसी भी होती हैं जो अपनी सेक्स की भूख को शांत करने के लिए धन-दौलत को ठोकर मार कर ऐसे पुरुष के पास चली जाती हैं जो उसकी सेक्स इच्छा को पूरी कर सके। इसे इस उदाहरण से समझा जा सकता है।
कल्पना की शादी दिनेश से हुई थी। दिनेश के पास काफी पैसा था और उसका कारोबार भी काफी बड़ा था। दिनेश घर में अकेला रहता था। कल्पना घर में अकेली रहती थी। जब दोनों की शादी हुई थी तब पहली बार दोनों ने सेक्स संबंध बनाया लेकिन पहली रात को ही कल्पना को पता चल गया था कि दिनेश शीघ्रपतन का रोगी है लेकिन दिनेश को इसके बारे में सोचने का समय ही नहीं था और न ही इस बारे में कोई कहने वाला था। अपने पति से सेक्स संबंधों में संतुष्टि न मिलने से वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगी। एक तो कल्पना घर में अकेली थी और घर में करने के लिए कोई काम भी नहीं था। कहीं घूमने के लिए दिनेश ने एक गाड़ी घर पर रख छोड़ी थी। जब भी कल्पना को कहीं जाना होता था वह ड्राइवर के साथ जली जाती थी। इस तरह अपने पति से सेक्स संतुष्टि न मिलने से अधिक पैसा होने के बाद भी वह परेशान रहती थी। दिनेश अपने काम में इतना व्यस्त रहता था कि कल्पना को उससे बात करने का समय ही नहीं मिलता था।

कल्पना के मन से दिनेश के प्रति प्यार खत्म होने लगा था और वह किसी ऐसे पुरुष के बारे में सोचने लगी थी जो उसे प्यार और सेक्स दोनों से संतुष्ट कर सके। कल्पना को कहीं भी ले जाने के लिए एक ड्राईवर था जिसका नाम दीपक था। रोजाना एक न एक बार कल्पना बाहर जाती थी और उसे दीपक ही ले जाता था। धीरे-धीरे कल्पना का दीपक के प्रति आकर्षण बढ़ने लगा। दीपक जवान और खूबसूरत था। कल्पना जब भी दीपक के साथ होती उसके मन में दबे सेक्स की इच्छा बढ़ने लग जाती, उसके अंग-अंग में उत्तेजना की लहर दौड़ने लगती और वह दीपक को अजीब सी नजरों से देखने लगी। दीपक को भी ऐसा महसूस होने लगा था कि कल्पना के मन में उसके लिए आकर्षण बढ़ने लगा है। एक दिन किसी काम से कल्पना ने दीपक को गाड़ी लेकर घर पर आने को कहा

जब दीपक गाड़ी लेकर आया तो बरसात जोरों से होने लगी थी। उस दिन कल्पना ने जैसे ही दीपक को देखा कि उसके मन में सेक्स की इच्छा जा उठी और उसके पूरे शरीर में उत्तेजना की लहर दौर गई। कल्पना ने दीपक को कमरे में बुलाया और दीपक के गले लग गई। कल्पना के इस तरह लिपटने और चुंबन करने से दीपक में उत्तेजना भर आई और वह अपने आपको रोक नहीं पाया। इसके बाद दोनों ने ही सेक्स संबंध बनाए। दोनों ने उस दिन सेक्स का भरपूर आनन्द उठाया। कल्पना को उस दिन सेक्स से जो शारीरिक व मानसिक सुख मिला वह पहले कभी नहीं मिला था। इसके बाद कल्पना को जब भी सेक्स संबंध बनाने की इच्छा होती दीपक को गाड़ी के बहाने से बुला लाती थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच प्यार बढ़ने लगा। एक दिन कल्पना ने मौका पाकर अपने घर से जितना हो सका उतने पैसे लेकर दीपक के साथ भाग गई। इसके बाद दोनों ने कहीं दूर जाकर शादी कर ली। इस तरह पति से प्यार न मिलने और सेक्स का अधूरापन स्त्री को दूसरे पुरुष के पास जाने पर मजबूर कर सकता है।

सेक्स के बारे में अल्प ज्ञान:
सेक्स के मामले में पुरुषों की मानसिकता अजीब होती है। पुरुष अक्सर स्त्री के साथ सेक्स करते समय स्वयं सेक्स का पूरा आनन्द लेना तो चाहता है जबकि वह कभी यह जानने कि कोशिश नहीं करता कि क्या इस सेक्स संबंध से स्त्री को आनन्द मिल पाया है, क्या वह इस सेक्स संबंध से संतुष्ट है। पुरुषों में इतना सेक्स का ज्ञान और क्षमता होना चाहिए कि वह सेक्स संबंध में स्त्री को आनन्दित और संतुष्ट कर सके। पुरुष को सेक्स के बारे में जितना ज्ञान होगा, वह उतना ही अच्छा सेक्स संबंध बनाने में कामयाब हो पायेगा। स्त्री के साथ ऐसा कुछ नहीं होता क्योंकि उसे सेक्स के लिए अपने आप को तैयार भी नहीं करना पड़ता। अनेक कारणों से पुरुष की सेक्स क्षमता प्रभावित होती है, जैसे लिंग में तनाव न आना, लिंग का जल्दी ढीला पड़ जाना और जल्द स्खलित हो जाना आदि। इन सभी सेक्स संबंधी समस्याओं से पुरुषों की अपेक्षा स्त्रियां बहुत अधिक प्रभावित होती हैं। सेक्स संबंधों के दौरान जहां यह समस्या पुरुषों में अस्थायी तौर पर कभी-कभी आती है, वहां स्त्रियां सामान्य रुप से सहन कर लेती, लेकिन जब इस प्रकार की समस्याएं अक्सर सेक्स संबंधों के दौरान आती हैं तो स्त्रियों की स्थिति बिगड़ने लगती है। सेक्स संबंधों के दौरान इस तरह की समस्या आने पर वह जब तब अपने को रोक सकती है रोके रखती है लेकिन जब बर्दाश्त नहीं होता तो वह अपने आप को बहकने से रोक नहीं पाती और वह ऐसे पुरुष की ओर आकर्षित होने लगती है जो उसकी सेक्स इच्छाओं को पूरी कर सके। इस तरह स्त्री का किसी दूसरे पुरुष के साथ संबंध बनने का पता जब उसके पति को चलता है तो उनका वैवाहिक जीवन तो नष्ट होता ही है, साथ ही परिवार में झगड़ा व अन्य सामाजिक परेशानियां भी उत्पन्न हो जाती हैं।

परिवारिक समस्याः
विवाह होने के बाद स्त्री-पुरुष का पारिवारिक जीवन शुरू होता है जिसमें समस्याएं उत्पन्न होना एक आम बात है। पुरुष बाहर का काम देखता है और स्त्री घर का काम देखती है। इस तरह पुरुष अक्सर बाहरी समस्याओं के कारण तनावग्रस्त रहता है जिसका परिणाम यह होता है कि वह स्त्री की इच्छा को समझ नहीं पाता है। अक्सर जब पुरुष अपनी बाहरी समास्याओं से परेशान हो जाता है तो उसे गुस्सा और क्रोध आता है जिसे वह अपनी पत्नी पर उतारता है। इस तरह बाहरी समस्याओं के कारण रोज-रोज होने वाले झगड़े से स्त्री तनाव ग्रस्त रहने लगती है और परिणाम यह होता है कि उसमें अपने पति के साथ सेक्स संबंध बनाने की इच्छा कम होने लगती है। पुरुष अपनी परेशानियों की वजह से यह नहीं समझ पाता है कि स्त्री के लिए जितनी आवश्यकता सेक्स सुख का होता है, उतना ही प्यार भरी बातों और सम्मान का भी होता है। इसलिए पुरुष को चाहिए कि रात को पत्नी को सेक्स सुख देने के साथ-साथ दिन को भी प्यार से बाते करें। उसे अपने परेशानियों के बारे में बताएं और उससे सलाह लें। इससे पत्नी के मन में पति के प्रति विश्वास और प्यार बढ़ता है। पति द्वारा इस तरह के व्यवहार से कभी-कभी ऐसा होता है कि पति-पत्नी के बीच सेक्स संबंध तो रहता है लेकिन दोनों का आपसी प्यार समाप्त हो जाता है और दोनों के बीच झगड़े-लड़ाई होते रहते हैं। इस तरह पति-पत्नी के बीच प्रतिदिन होने वाली लड़ाई का परिणाम यह होता है कि पत्नी-पति के साथ प्यार से बाते करने को भी तरस जाती है। प्यार और सहानुभूति पाने के लिए स्त्री के मन में हमेशा बेचैनी सी बनी रहती है। इस तरह के माहौल में अक्सर स्त्री घुटन महसूस करने लगती है और वह अक्सर ऐसे साथी की तलाश में रहती है जो उसके अधूरे जीवन को पूरा कर सके और उससे सहानुभूति एवं प्यार पा सके।

 पति-पत्नी के बीच झगड़े

वैवाहिक जीवन में पति-पत्नी पति-पत्नी के बीच झगड़े के बीच कई कारणों से झगड़े होते हैं। इनमें से कुछ सामाजिक पाबंदी और रीति-रिवाज से जुडे़ होते हैं, जैसे- दहे