Get Indian Girls For Sex
   

सेक्स संतुष्टि के लिए चाची के साथ नाजायज रिश्ता - चची की चुदाई करता हु सेक्स स्टोरीज

Sensual massage on a bed of roses for Kiera King fucking as doggy style playing with sex toys and Huge tits Big Boobs Full HD Porn00009

सेक्स संतुष्टि के लिए चाची के साथ नाजायज रिश्ता - चची की चुदाई करता हु सेक्स स्टोरीज : हई दोस्तों, मेरा नाम अरुण हैऔर मैं एन दिनों बंगलोरे मैं रह रहा हूँ. आज जो कहानी मैं बताने जा रहा हूँ वह बिलकुल मेरे असल ज़िन्दगी मैं घट चुकी हैं. यह तब की बात हैं जब मैं डेल्ही मैं रहा करता था. मैं एक जोइंट फॅमिली मैं रहता था और डेल्ही मैं अपनी XII की सिक्षा पुरी कर रहा था. मेरे परिवार मैं कुल ९ लोग थे. उनमे से एक मेरे चाची थी. उसके उम्र कुछ ३२ साल होगी, उसके एक ३ साल के बेटी भी थी जिसका नाम गुडिया था. मेरे पापा और चाचा कपडे के वाप्यर करते थें. इसलिए वोह लोग काफी बहार भी जाते थे वायपर के लिए.

अब मुझे अपनी चाची के बारे मैं बताने जा रहा हूँ. वोह एक मामूली हाउस्वाइफ के तरह नहीं थी, वोह काफी पड़ी लिखी थी और काफी स्मार्ट भी थी. वह देखने मैं काफी खुबसूरत थी. उनका चूची काफी अछी साइज़ के थे और उनका गांड बहुत मस्त था. उनका गांड बिलकुल गोल था. बेटी होने के बाद भी वोह काफी सेक्सी लगती थी. लेकीन इसके पहले मैंने उन्हें कभी ऐसे देखा नहीं था. वह मेरे एक दोस्त की तरह थी.

यह तब की कहानी हैं जब डेल्ही मैं काफी गर्मी पर रही थी. क्योंकी मेरा एक्साम निकट था इसलिए मुझे तेर्रस का रूम मिल गया था ता की मैं मन लगा के पढ़ सकू. परिवार मैं एक शादी का प्रोग्राम था. इसलिए घर के सब लोग जा रहे थे. मैं नहीं गया क्योंकि मेरे एक्साम सर पे थे. और मेरा ख्याल रखने के लिए मेरे चाची भी नहीं गयी. और गुडिया के तबियत भी कुछ अच्छी नहीं थी. मैं साम को घर वालो को बस स्टेशन छोर के घर आ गया. गुडिया के तबियत ठीक नही थी तो चाची ने कहा डॉक्टर के पास चलते हैं. मेरे पास मोटर साइकिल थी तो बोला आप तयार हो जाओ फीर चलते हैं. वोह अपने कमरे मैं चली गयी.थोरी देर बाद वोह तयार होके बहार आ गयी. उसने के सलवार सुइट पहना था. उसे अपनी चूची पे दुप्पटा दाल रखा था. उस ड्रेस मैं वोह काफी अछी लग रहे थी.

साम के ७ बजे होंगे और हम मोटर साइकिल पे डॉक्टर के लिए चल परे. कुछ ३० मिनट के दुरी पे डॉक्टर था. हम वहां ७:३० तक पहुँच गए. काफी लाइन लगी थे डॉक्टर से मिलने के लिए. थोरा इन्तेज्ज़ार करने के बाद हम डॉक्टर से मिले. उसने कहा की गुडिया को थोरा बुखार हैं, थोरा खाने पे ख्याल रखना और बोला हो सके तो कुछ दिनों तक स्तन का दूध ही दे. फिर हम दविआन लेके वहां से निकले . रात के ९:३० बजे होंगे औत थोरी थोरी बारिस होने लगे थी.मैं बइके जोर से चला रहा था ताकि हम भींग न जायं. तभी अचानक से एक कार ने मेरा रास्ता काट दिया और मेरा बैलेंस गड़बड़ा गया. मैं बइके लेके गीर परा और चाची मेरे ऊपर आ गिरी.

मैं मुह के बल गीरा और वोह मेरे ऊपर आ गीरी और पहली बार मैंने उनका चूची महसूस किया. उनके चूची काफी नरम थे बात उस वक़्त उस सब का टाइम नहीं था. मैं उठा और उनको े भी उठाया. मैं उनसे पुछा की चोट तो नहीं लगी उनसे कहा थोरी से लगी हैं टांगो मैं. गुडिया ठीक थी. मैंने उनसे कहा अब की बार दोनों तरफ टांग कर के बठे. मैंने गुडिया को सामने ले लिया और वोह मेरे पीछे आ गयी. उनको सायद काफी चोट लगी थी, उसने दोनों हाथ मेरे कंधे पे रखा और कहा चलो घर. क्योंकी गुडिया सामने थी तो बार बार उनके चूची मेरे पीठ को छु रहे थी. मुझे मज़ा आने लगा. मैंने एक दो बार जान भुज के भी ब्रेक मारा. हर बार उनके दो नरम नरम चूची मेरे पीठ को छु रहे थे.थोरी देर मैं घर आ गया. मैं बइके के सवारी के बहुत मज़े लिए. पहले बार लग रहा था की घर थोरा और दूर होता हो अच्छा होता.

हम लोग घर के अंदर गए. वोह सोफे पे जाके अपनी गांड टिका दी. उसे सायद काफी दर्द हो रहा था. मैंने पुछा कहा पे चोट लागी हैं, उनसे कहा घुटने के ऊपर. मैं कहा मुझे दिखाओ ज़रा इस पे वोह थोरा असमंजस मैं पर गयी क्योंकी चोट उनके झांग प लगी थी और सायद वोह मुझे अपनी झांग दीखाने मैं सरमा रही थी. मरे बार बार बोलने पे वोह मान गयी. उसने कहा की कपडे बदलने के बाद मैं देख सकता हूँ. फिर वोह अपने कमरे मैं चली े गए. थोरी देर बाद ड्रेस बदल के बहार आयी. उसने एक नीचे पहनने की रात की क़मीज़ पहने थी जो उनके गले से लेकर पाऊँ तक आ रही थी. वोह सोफा पे आके बैठी,मैंने उनको बोला अब दिखाओ तो उनसे कहा की ठीक हो जायेगा पर मैं बोलता ही गया. फिर वो मान गए और अपना गाउन ऊपर करने लगी.धीरे से उसने अपना गाउन घुटने तक ऊपर किया. चोट घुटने से थोरी ऊपर लगी थी. अभी मेरे सामने उनके नंगी टांग देख रही थी. मैं उनका गाउन लेके थोरा ऊपर किया तो मुझे चोट दिख गया. काफी कट गया था. मैंने बोला की मैं दुकान से दवाई ले के अता हूँ. फिर मैं जा कर दवाएं ले आया. मैं जब घर घुसा तब वो खाना बना रही थी. मैंने बोला मैं कुछ पट्टी ले आया हूँ ताकी चोट के ऊपर लगा सको. उसने बोला ठीक हैं पहले खाना खा लेते हैं फीर पट्टी बढ़ देना लकिन मैंने कहा नहीं अभी करते हैं. फीर उसने बोला ठीक हैं और अक सोफा पे बैठ गिये. मुझे अभी बहुत मज़ा आ रहा था क्योंकी मैं एक बार फीर उसके नंगी झांग को देख पाउँगा.

मैं सोफे के निचे बैठ गया और उसको गाउन उठाने को कहा. धीरे धीरे उसने गाउन को गुटने के ऊपर किया. उसके टाँगे बिलकुल साफ़ था, एक भी बाल नहीं था. उसके झांग बहुत गोरा था. उसके झांग देख के मेरा सब रिश्ते नाते खिडके के बहार चले गए. मैं उसके सेक्सी झंगो को निहारने लगा. फीर उसनसे बोला की चोट क्या ज्यादा हैं मैंने बोला नहीं ज्यादा गहरा नहीं हैं. फीर मैं उठा और थोरा गरम पानी ले आया ताकी चोट को साफ़ कर संको. एक कोटरी मैं थोरा गरम पानी लाया और साफ़ करने लगा. जब जब मैं उसके झंगो को छु रहा था महत बहुत मज़ा आ रहा था. और इसी मज़े मैं गलती से गरम पानी हाथ से गीर गया और उसके गाउन पे जा गीरा.पानी काफी गरम था और उसनेे एक झटका सा दिया.

उसे झटके मैं उसका गाउन थोरा ऊपर हो गया और क्योंकी मैं निचे बैठा था, मुझे उसका पैन्टी दिख गए. उसने लाल रंग के पैन्टी पहने थी. मुझे यह दृश कुछ पलो के लिए हे दिखने तो मिला. लेकिन उस मैं मैंने उसका चुत देख लिया था. उसके चुत के वहां बाल बिलकुल नहीं थे. बिलकुल साफ़ था. वोह पक्का चुत के बाल काट देती थी. इससे जादा मुझे कुछ नहीं दिखा. उसके गाउन पे पानी आ गे था तो उसने अपनी दूसरी टांग पर से भी गाउन उठा लिया. अभी वोह दोनों जांग तक नंगी थी. मैं भगवान को धन्वाद दे रहा था एक्सिडेंट के लिए. उसके बाद मैंने फीर मैंने उसके चोट पे दवाई लगाई. उसे काफी दर्द हो रहा था. मैंने बोला अभी मैं इस्पे पट्टी कर देता हूँ. उनसे बोला ठीक हैं. मैंने उसको अपने टांग थोरा उठाने के लिए बोला ताकी मैं पट्टी बांध सकू. उसने वैसे हई किया और फीर से मरे आखों के सामने ज़न्नत दिख रहा था. उसका गाउन उठ गया और उसका चुत मुझे दिकने लगा.

मैंने उसको बोला की तुम टीवी देखो तो सायद जादा दर्द नहीं होगा, असल मेरा प्लान था की को आराम से टीवी देखे और मैं आराम से उसका चुत देखू. मेरा प्लान चल गया और वोह टीवी देखने लगी. मैं भी आराम से उसका चुत देखने लगा. उसने एक लाल चड्डी पहनी थी जो काफी अच्छी ब्रांड का लग रहा था. उसका चड्डी थोरा पारदर्शी था और मैं उसका चुत उसके अन्दर से देख सकता था. उसका चुत काफी टंच था. वोह टीवी देखने मैं वैसत थी और मैं भी मोका पा के उसका चुत देख रहा था. उसका चुत काफी पींक रंग का था. मेरा लैंड तो ९० डिग्री पे खरा हो चूका था. थोरी देर बाद उसने पुछा की हो गया. मैंने फीर जल्दी से पट्टी लगाई और अपने कमरे मैं चला गया. मैंने तुरंत अपने खेरे हुए लैंड को निकला और हिलाने लगे. थोरी देर मैंने अपना सारा लैंड का माल नीकाल दिया. उसका चुत मेरे आँखों के सामने अभी भी झलक रहा था. फीर थोरी देर बाद मैं निचे आया. चाची तब खाना लगा रही थी. मैंने पुछा गुडिया कहा हैं तो उसने बोल वोह तो सो गयी. अभी मेरे मन में एक ही बात चल रही थी की कैसे फीर से चाची का चुत देखू. फीर मैंने एक प्लान सोचा, की अगर मैं चाची को मेरे कमरे मैं सोने के लिए मना लू तो रात तो सोने के बाद मैं कुछ और कर सकता हूँ.

मैंने चाची को बोला की गुडिया की तबियत भी ठीक नहीं हैं और आपको भी चोट लगी हैं, इसलिए आज आप लोग मेरे कमरे मैं सो जाओ ताकी कुछ ज़र्रोत परे रत को मैं मदद  कर सकू. उसने पहले तो न बोला फीर थोरा बोलेन पा मान गई. मैं बहुत खुस हो रहा था की मेरा हर प्लान कामयाब हो रहा था.. फीर हम खाने के लिए बैठे . फीर अचानक उसने कहा की मैं बहुत अच्छा हूँ और उनका बहुत ख्याल रक्ता हूँ.. उसने यह भी कहा की मैंने अपने चाचा जैसा नहीं हूँ.. पता नहीं उसने यह क्यों कहा लेकिन जो भी हो मुझे बहुत अच्छा लगा सुन के.. फीर खाने के बाद उसने बोल की गुडिया को लेकर ऊपर जाओ और वोह बाकी के काम ख़तम कर के १० मिनट मैं आ रही हैं. मैंने भी वैसा हई किया. मैंने गुडिया को मेरे बिस्तर पे सुला दिया. और मैं अपनी पढाई वाली टेबल पे जा बैठा. थोरी देर मैं चाची आ गयी. उसने अपना गाउन बदल दिया था, क्योंकी उस पे तो मैंने पानी गीरा दिया था. यह गाउन भी कुछ वैसा हई था लेकिन इस मैं के ऊपर की तरफ कुछ बटन थे. सायद रात को गुडिया को दूध पिलाने के लिए उसने ऐसा गाउन पहना था. मैं बहु