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(मैंने हौले से चूतड नीचे किए. आसानी से जीजू का पुरा लंड मेरी चूत में घुस गया. मैं पीछे की ओर ढल कर उस के सीने पर लेट गयी. अपने कुल्हे हील कर धीरे धक्के से वो मुझे चोदने लगे. साथ साथ उन की उंगली clitoris सहलाती रही. )
Shruti-Hassan-in-D-Day1मेरा नाम आना है .आज में आप को मेरी कहानी सुनाने जा रही हूँ की कैसे मुझे मेरा जीवन साथी मीला और कैसे उस ने मुझे पहली बार चोदा. ये घटना घटीं तब में २३ साल की थी. शादी नहीं हुई थी लेकिन कंवारी भी नहीं थी. जब में 18 साल की थी तब मेरे एक cousin ने मुझे पहली बार चोदथा. हम दोनो चुदाई से अनजान थे. दोनो में से एक को पता नहीं था की लंड कहॉ जता है और कैसे चोदा जता है. मेरी कोरी चूत में यूं ही उस ने लंड घुसेड दीया था और तीन चार धक्के में झड गया था.

मुझे बहुत दर्द हुआ था जो तीन चार दीन तक रह था. उस के बाद दो ओर लड़कों ने मुझे चोदा था लेकीन मुझे कोई खास मजा आया नहीं था. हुआ क्या की मुझे बरोड़ा में MBA में admission मीला. रहने के लीये ladies होस्टल में तुरंत जगह ना मिल. मुझे चार महीना मेरी cousin दीदी नीलम के गहर रहना पड़ा. में खूब खूब आभारी हूँ दीदी की जीस ने मुझे आश्रय दीया और जीस की वजह से में मेरे पती को प सकी, जीस की वजह से orgasm का असवाद ले सकी.

मेरे बारे में बता दूँ. पांच फ़ीट छे इंच लम्बाई के साथ मेरा वजन है कुछ १४० पौंड, या नी की में पतली लड़कियों में से नहीं हूँ, जरा सी भरी हूँ. मेरा रंग गोरा है, बाल और आँखें काले हैं. चाहेरा गोल है. मुँह का ऊपर वाला होठ जरा सा आगे है और नीचे वाला मोटा भारव्दर है. मेरी सहेलियाँ कहती है की मेरा मुँह बहुत किस्सब्ले दीखता है. मेरा सब ससे ज्यादा आकर्षक feature है मेरे स्तन. जो मुझे देखता है उस की नजर पहले मेरे स्तनों पर जम जाती है. ४३ साइज़ के स्तन पुरे गोल है और जरा भी ज़ुके हुए नहीं है. मेरी areola और निप्प्लेस छोटी हैं और बहुत sensitive हैं. कभी कभी मेरी निप्प्लेस ब्रा का स्पर्श भी सहन नहीं कर सकती है. मेरा पेट भरा हुआ है लेकीन नितम्ब भरी और चौड़े हैं. मेरे हाथ पाँव चिकने और नाजुक हैं. अब क्या रह ? मेरी bhos ? इस के बारे में में नहीं बतौंगी, मेरे वो कहेंगे.

खैर. में नीलम दीदी के साथ रहने चली आयी. आप नीलम दीदी को जानते होंगे. नीलम की जग्रुती के नाम उस मे अपनी कहानियाँ इस में प्रगत की है. उस के पती, मेरे जीजु Dr. वीन्य बरोदा में practice करते थे. वो दीदी के फूफी के लडके भी लगते थे. दीदी और जीजु सेक्स के बारे में बिल्कुल खुले विचार के थे. दीदी ने खुद ने मुझे कहा था की कैसे वीन्य के एक दोस्त Jigar को लंड खड़ा हो ने की कुछ बिमारी थी और इलाज के जरिये कैसे दीदी ने जिगर से चुदावाया था. अपने पती के सीवा ग़ैर मर्द का वो पहला लंड था जो दीदी ने लीया था. इस के बाद दीदी ने अपने बॉस पर तरस खा कर उस से भी चुदावाया था.

दीदी और जीजू का एक closed ग्रुप था जो अक्सर ग्रुप चुदाई करता था. नए मेंबर की पूरी छान पहचान के बाद ही ग्रुप में शामील कीया जता था. शुरू शुरू में शरम की मरी में दीदी और जीजू से दूर रही, ज्यादा बात भी नहीं कराती थी. जीजू हर रोज मेरे स्तन की साइज़ के अंदाज़ लगते थे, लेकीन कभी उस ने छेद छाड़ नहीं की थी. दीदी धीरे धीरे मेरे साथ बातें बढ़ाने लगी और कभी कभी dirty जोकेस भी कर ने लगी. ऐसे ही एक मौक़े पर उस ने मुझे बताया था की चुदाई के बारे में उन की क्या philosophy है. एक दीन कालेज जलदी छूट गयी और में जलदी घर आ पहुंची. दोपहर को घर पर कोई होगा ये मैंने सोचा ना था. मेरे पास चाबी थी, दरवाजा खोल में अन्दर गयी. Siting रूम के दरवाजे में ही मेरे पाँव थम गए, जो सीन मेरे सामने था उसे देख कर में हील ना सकी. सोफा पर जीजू लेते थे. उन के पाँव जमीं पर थे. पतलून नीचे सरका हुआ था. दीदी उन पर सवार हो गयी थी. जीजू का तातर लंड दीदी की चूत में फसा हुआ था. दीदी कुल्हे उठा गीरा कर लंड चूत में अन्दर बहार कराती थी. जब दीदी के कुल्हे ऊपर उठाते थे तब जीजू का मोटा सा आठ इंच लम्बा सा लंड साफ दिखाई देता था. जब कुल्हे नीचे गिरती थी तब पुरा लंड चूत में घुस जता था. दीदी के स्तन जीजू के मुँह पास थे और मेरे ख़याल से जीजू उस की निप्प्लेस भी चूस रहे थे. मैंने ऐसा खेल कभी देखा नहीं था. मेरा दील धक् धक् कराने लगा, बदन पर पसीना छा गया और चूत ने पानी बभा दीया. इतने में जीजू ने मुझे देख लीया. चुदाई की रफ्तार चालू रखते हुए वो बोले : अरे, आना, कब आयी ? आजा आजा, शरमाना मत. में तुरंत होश में आयी और भाग कर मेरे कमरे में चली गयी. दुसरे दीन जीजू practice पर गए तब मैंने दीदी से कहा : दीदी मुझे माफ़ कर देना, में अनजाने में आ पहुंची थी. मुझे पता नहीं था की जीजू उस वक्त घर पर होंगे और तुम.तुम..
दीदी ने मुझे आश्वासन दीया की कुछ बुरा हुआ नहीं था. वो बोली : देख, आना, सेक्स के बारे में हम बिल्कुल खुले वीचार के हैं. चोद ने चुदावा ने से हम संकोच नहीं रखते हैं. हम दो नो बीच समजौता भी हुआ है की तेरे जीजू कीसी भी लडकी को चोद सकते हैं और में कीसी भी मन पसंद मर्द से चुदावा सकती हूँ. लेकीन एयर ग़ैर के साथ हम चुदाई नहीं करते. हमारा एक छोटा सा ग्रुप है जीन के मेम्बेर्स आपस में ग्रुप सेक्स करते हैं. मुझे ये सुन कर बहुत आश्चर्य हुआ. मैंने पूछा : तो तुम ने जीजू के आलावा ओर कीसी से.. ?

दीदी : हाँ, चुदावाया है, और तेरे जीजू ने दुसरी दो लड़कियों को चोदा भी है.

मैं : आप के ग्रुप में कोई भी शामील हो सकता है ?

दीदी : नहीं, आने वाला मर्द या लडकी सब को मंजूर होना चाहिऐ. ज्यादा तर हम जाने पहचाने व्यकती को ही बुला लेतें हैं.
मैं : मैं पूछ सकती हूँ की कौन कौन है आपके ग्रुप मे ?

दीदी : अभी नहीं.वक्त आने पर बतौंगी.

मैं : कीस ने ये ग्रुप शुरू कीया और कैसे ?

दीदी : वीन्य के एक दोस्त को लंड खडे होने की बीमारी थी. इलाज के जरिए मैंने उसे चुदावाया. वीन्य वहां मोजूद थे. दोस्त के बाद तुरंत वीन्य ने मुझे चोदा. उ