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दोस्तों मेरी कामुक इंडियन भाभी स्वेता की कहानी सुना रहा हूं। कालेज के एक सीनियर थे जिन्हें हम अक्सर भैया भैया कह कर बुलाते थे। संतोष भैया, फिजिकल एजुकेशन के एमपीएड के स्टूडेंट। दबंग आदमी, एक दम मवाली टाइप, पर घर में बीबी के सामने टाएं टाएं पुच्च!! चुदाई के वक्त लंड खड़ा नहीं होता और अगर खड़ा होता तो फिर जल्दी ही उसकी पुच्च हो जाती। अक्सर यह समस्या उनके साथ रहती, इसलिए शाम को वो शराब की बोतल ले के घर आते और परीक्षा में फेल हो जाने पर बोतल चढा के सो जाते। तो यह बात सिर्फ और सिर्फ मुझे पता थी क्योंकि मैं अकेला जूनियर था जिसको कि यह बात पता थी। ऐसा वाकया कैसे हुआ आईये बताता हूं। एक शाम हम और संतोष भैया ने छक कर के पी।

संतोष भैया ने सीनियर बनने में कुछ ज्यादा ही चढा लिया और फिर जब नशा हुआ तो मुझे उनको सहारा देकर उनके घर लाना पड़ा। अंदर भाभी भी थीं उन्होंने कहा कि आपने तो बहुत पी हुई है आप भी मत जाईये और गेस्ट रुम में रुक जाईये। मैने देखा आते हि संतोष भैया स्वेता भाभी को रंडी और क्या क्या कहने लगे। अपने मुह को ढक कर रोती और आंसू पोंछती वो मस्त कामुक भाभी मुझे तब बहुत बेचारी लग रही थी और मैं क्या करुं, सच तो ये है कि स्वेता भाभी की कामुक इंडियन जवानी को देख कर मेरी नीयत बहुत दिनों से खराब थी, पर आज ये मौका मुझे कुछ अहसास दिला रहा था कि शायद कुछ हो पाए। संतोष भैया भाभी को बेडरुम में ले गए और वहां जाकर दोनों ने खूब लड़ाई की और फिर वह बिना खाए पिये लुढक कर सो गये। उनको यह खबर न थी कि मै भी यहीं रुका हूं। निश्चिंत होकर वो सो गये। भाभी ने परांठे बनाए और हम दोनों डिनर पर साथ बैठे।

कामुकता की हद पार की।

उनके आंचल को ढुलका देख कर मैने देखा, उस कामुक इंडियन निर्दोष जवानी वाली स्वेता भाभी के चूंचे पर एक लाल निशान जैसे कि अभी खून टपकने वाला हो ऐसा लग रहा था। मैने पूछ लिया, भाभी ये क्या हुआ तो बेबाकि से बोल पड़ीं। तुम मर्द ना, जब अपनी पत्नी को सटिश्फाई नहीं कर पाते तो उसे हर्ट करते हो। तुम्हारे भैया को ही देख लो दो मिनट से ज्यादा कभी नहीं टिके पर मुझे रोज ऐसी निशानी देते हैं, ये उनकी मर्दानगी का सबूत है। जहां पर मर्दानगी दिखानी चाहिए वहां पर तो दिखाते नहीं। ऐसा सुन कर के मैं दंग रह गया उनके कामुक इंडियन गोरे चूंचे पर एक तिल भी था, वही दांतों के काटे निशान पर। फिर भाभी रोने लगीं। चार साल हो गये। मम्मी मुझे बांझ और रांड क्या क्या कहने लगी है। ये हैं कि एक दम निकम्मे हैं बस घर के बाहर मर्दानगी दिखाते फिरते हैं सुना है कि कई गर्लफ्रेंड भी हैं इनकी।

क्या करते होंगे उनके साथ ये। मैने कहा कि भाभी आप तो इतनी सुन्दर हो, मैं हूं ना मुझे आप अपना दर्द बांटा करो। बांटने से दर्द कम होता है। भाभी ने कहा ” दर्द के साथ सुख भी बांटने वाला कोई चाहिए देवर जी” मैने कहा कि हूं ना मैं, मुझे अपना समझो पूरी तरह से। और फिर वो मेरे गले लग गयीं। उनके सालिड मस्त कामुक इंडियन चून्चे मेरे सीने में चिपके हुए थे। मैने बेबस होकर उनको चूम लिया और डायनिंग टेबल पर ही सीन क्रियेट हो गया। आधी प्यास बुझी कामुक इंडियन भाभी की ज्वाला भड़क चुकी थी। मेरे पैंट में उनके हाथ बरबस चले गये थे। मैने उनकी गांड की गोलाईयों पर अपनी उंगलियों को जमाया और गूदे दार गांड को मसल मसल कर और साफ्ट करने लगा। भाभी ने खुद ही अपनी साडी गिरा दी और सिर्फ पेटिकोट ब्लाउज पर हो गयीं। अब तक वो मेरा लंड पा चुकी थीं और मसलने लगीं थीं। मैने उनकी सुविधा और अपने मजे के लिए अपना कामुक इंडियन लौड़ा खोल दिया और उनके हाथों में देकर देसी हस्त्मैथुन का मजा लेने लगा।

भाभी को भी मजा आ रहा था। मैने उनको डायनिंग़ टेबल पर बिठा दिया और पेटीकोट उपर सरका के अपना मुह पेटीकोट के अंदर कर दिया। सच में भाभी की कामुक इंडियन सेक्सी अदाओं को देख कर और उनके आह भरने के अन्दाज से मैं भी एक दम पागलों की तरह बिहैव कर रहा था। दो मिनट में उनकी झांट्दार बुर चूस कर मैने अपना लंड उनके छेद पर रख दिया और खड़े होकर उनकी फैली टांगों के बीच आकर पेटीकोट कमर में सरका कर पेलने लगा। भाभी को पहली बार कड़क लंड की प्राप्ति हुई थी और उनकी कामुक इंडियन कराहें और अदाएं मुझे और भी उत्साहित कर रही थीं कि मै उनकी चूत की बखिया उधेड़ दूं। खैर धक्के पे धक्का और रेले पे रेला देकर मैने उनकी चूत को पेलना जारी रखा। मुझे मजा आ रहा था, कि भाभी ने मेरे कंधें में हाथ डाल दिया और अपने दोनों पैरों को मेरे कमर पर फांस लिया। अब वो मेरे कंधे में झूल चुकी थीं और मैने अपने मजबूत कंधों का सहारा देकर उनके नाजुक कामुक इंडियन बदन को हवा में उठा कर झूला झुलाते हुए चोदना प्रारंभ कर दिया।

धका धक, भाभी अपनी कामुक इंडियन अदाओं मे अपनी पतली कमर को उपर नीचे करते मेरी बाहों में झूलते हुए अपनी चूत में लंड लेने लगीं। उनको बहुत मस्ती छा रही थी। मैं खुद भी फिजिकल एजुकेशन का छात्र था और बाडी बिल्डिंग मेरा शौक। ये तो अच्छी एक्सरसाइज है। भाभी को मेरी कामुक इंडियन चुदाई रास आ गयी थीइ। पेलते हुए मुझे आधे घंटे हो गये थे और भाभी लंड पर से उतरने का नाम नहीं ले रहीं थीं। उनके स्तन मेरे मुह में थे और वो उछल उछल के लौंडे का सत्यानाश करने पर लगीं थीं। मुझे लगा कि अब मैं झड़ने वाला ह, मैने कहा कि भाभी मेरा निकलने वाला है पर ये क्या, भाभी की कामुक इंडियन चूत तो उसी समय छलछला उठी। थोड़ी देर बाद मैं भी झड़ने वाला था तो भाभी बोली, मुझे बांझ नहीं रहना है इसलिए अपना माल मेरे अंदर ही गिरा दो। मैने ऐसा ही किया और अपनी फेवरेट कामुक इंडियन अदाओ वाली भाभी को मम्मी बना दिया।