Get Indian Girls For Sex
   

Busty girlfriend is fucked bad doggy style by handsome boyfriend enjoys sex Full HD Nude fucking image Collection_00005
स्कूल चालू हो गया और मेरा इंतजार भी चालू हो गया कि कब दिवाली की छुटियाँ आएगी और मुझे मेरे घर जाने का मौका मिलेगा।
जैसे तैसे दिन बीत गए और मैं दिवाली की छुटियों के लिए अपने घर आ गया। आते ही मैं मामी के घर चला गया जो मेरे घर के बगल में ही था। घर पर कोई नहीं था, उनके बच्चे अपने मामा के गाँव गए थे और पति काम पर गए थे।
बहुत देर तक हम बातें करते रहे लेकिन कोई भी बात हमारे बस के कारनामे के पास भी नहीं भटक रही थी और मामी तो एकदम मासूम बनी थी जैसे कुछ भी नहीं हुआ था। और डर के मारे मैं भी कोई बात नहीं कर पा रहा था।
ऐसे ही बहुत दिन बीत गए, मैं रोज़ मामी के घर पर जाता था जब उनके पति काम पर चले जाते थे।
एक दिन मुझ से रहा नहीं गया और मैंने फैसला कर लिया कि आज कुछ भी हो, मामी से पता करवा के रहूँगा कि उसके दिल में क्या है और उसको पटा के रहूँगा। बहुत देर मैं चुप ही बैठा था और मामी अपनी धुन में कोई गाना गुनगुना रही थी।
आखिर मैंने चुप्पी तोड़ी और मामी से पूछा- मामी सच बात बताना ! क्या उस रात हम जब बस से जा रहे थे, उस वक्त आप सच में सोई थी?
” क्यों ऐसे क्यों पूछ रहे हो ?”
” नहीं, बस ऐसे ही पूछ रहा था ! बताओ ना !”
” मैं तो सोई थी, लेकिन ऐसे क्यों पूछ रहे हो ?” मैं जान गया कि मामी जानबूझ कर अंज़ान बन रही थी।
” ऐसा हो ही नहीं सकता ! क्या कोई औरत इतना कुछ होने तक कैसे सो सकती है? ”
” क्या हुआ था उस रात ?”
” मामी जी, आपको सब पता है कि क्या हुआ था ! आप सब जान कर अनजान बन रही हैं !”
” नयन तुम क्या कह रहे हो, मुझे कुछ भी पता नहीं चल रहा है !”
” मामी जी उस रात जो भी मैंने किया, आपको सब पता है और आप जानबूझ कर अंज़ान बन रही हैं !”
अब मामी जान चुकी थी कि मना करने से कुछ फायदा नहीं, सो वो बोली- नयन उस रात जो भी हुआ वो सब गलती से हुआ होगा, मेरा इरादा तो कुछ भी नहीं था। तो तुम जो भी हुआ, उसे भूल जाओ, तुम अभी बहुत छोटे हो !”
” मामी जी मैं इतना भी छोटा नहीं हूँ ! आप जानती हो इस बात को ! आपने हाथ में पकड़कर देखा था !”
” और अगर आपका इरादा गलत नहीं था तो आपने मुझे तब ही रोकना था ! तब मैं इतना कुछ कर रहा था, तब तो आप बड़े मजे ले रही थी ?”
” और मुझे जब आप की जरूरत है तब मुझे याद दिला रही हो कि मैं अभी छोटा हूँ?”
” उस रात बस में जब आप मुझसे मम्मे दबवा रही थी, चूत चुसवा रही थी, उंगलियाँ डलवा रही थी और आखिर मेरा लंड हिला रही थी, और ये सब आप नींद का नाटक कर के करवा रही थी, तब मैं छोटा नहीं था ?”
” देखो नयन ऐसी बात मत करो ! मैं मानती हूँ कि मेरी गलती है ! मुझे माफ़ करो !”
” मामी बस एक बार मेरी खातिर ! वो गलती एक बार फिर करो ना !”
” मैं बहुत सपने लेकर आया हूँ ! दिन-रात बस आपका ही ख्याल था ! जाने कितनी रातो को सोया नहीं हूँ ! मुझे बस एक बार वही सब करने दो जो उस रात हुआ ! मैं आज के बाद कभी भी फिर कुछ नहीं मांगूगा !”
” नयन मैं जानती हूँ कि तुम्हारे मन की हालत कैसी होगी, लेकिन मैं शादीशुदा हूँ, मेरे बच्चे भी हैं ! अगर किसी को पता चला तो मेरी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी !”
” मामी अगर आप मुझे एक बार के लिए हाँ नहीं करोगी तो मेरी जिंदगी बर्बाद हो जायेगी ! मैं पागल हो जाऊंगा !”
” नयन, मेरी बात को समझो ! मैं तुम्हारे हाथ जोड़ती हूँ !”
” मामी, बस एक बार ! किसी को कुछ नहीं पता चलेगा ! मैं दोबारा आपसे कुछ नहीं मांगूंगा !”
“ठीक है नयन !”
मैंने मामी के पास कोई रास्ता ही नहीं छोड़ा, हाँ बोलने के सिवा ! लेकिन वो मन से तैयार नहीं थी, यह बात मैं जान गया था, लेकिन मेरे लंड में जो आग लगी थी उसे मैं ही जानता था।
तो जैसे ही मामी ने- ठीक है कहा, मैंने उनको बाहों में ले लिया।
” रुको नयन, अभी नहीं ! दोपहर में आ जाना ! अभी कोई आ जायेगा तो मुसीबत होगी !”
मैं दोपहर में उनके घर पहुँच गया। घर पर कोई नहीं था, मेरे घर के अन्दर जाते ही मामी घर के बाहर आ गई, थोड़ी देर बाहर ही रुक कर ‘कोई देख तो नहीं रहा’ इसका जायजा लिया और अन्दर आकर दरवाजा बंद किया।
जैसे ही दरवाजा बंद किया मैंने लपक के उनको अपनी बाहों में लिया। वो कुछ कहने ही जा रही थी कि मैंने अपने होंट उनके होंटों पर रख दिए और उनका मुँह बंद कर दिया।
” मामी अब कुछ मत कहो ! मैं जिस पल का इंतजार कर रहा था, वो अब आया है ! इस पल को जीने दो मुझे !”
अब कमरे में मेरी गहरी सांसों के सिवा कोई आवाज नहीं थी। मैं पागलों की तरह मामी को चूम रहा था और वो बस मेरा जोश देख कर हैरान होकर मुझे देख रही थी। मामी की तरफ़ से कोई पहल नहीं हो रही थी, वो तो बस पुतला बनकर खड़ी थी। लेकिन मैं जानता था कि यह ज्यादा देर नहीं चलेगा, वो भी मेरे साथ मजे लेंगी क्योंकि उस रात बस में वो भी तो गर्म हो गई थी।
तो मैं उनको चूमता ही जा रहा था और अब मेरे हाथों ने अपना काम चालू कर दिया था। मैं धीरे धीरे उनके मम्मे दबा रहा था।
क्या मम्मे थे उनके ! आज दिन के उजाले में मुझे उनके दर्शन होने वाले थे।
मैंने उनके ब्लाउज़ के हुक खोल दिए।
अब वो बड़ी-बड़ी और गोरी-गोरी चूचियाँ मेरे सामने थी जिनके लिए मैं पागल हो गया था।
मैं एक हाथ से दबा रहा था और एक को अपने मुँह में लेकर चूसे जा रहा था। मैं पूरे जोश में था क्योंकि मेरी पहली बार जो थी ! मेरे जोश ने मामी की वासना भी भड़कानी शुरु कर दी थी, उनकी सिसकारियाँ अब चालू हो गई थी और वो भी मुझे चूमने लगी थी।
मैं जोर जोर से उनकी चूची दबा रहा था और चूस रहा था। अब मेरा हाथ उनकी साड़ी खोलने लगा था और उनका हाथ मेरी ज़िप खोलने लगा था। अब मेरा लंड उनके हाथ में था और वो उसे जोर-जोर से हिलाने लगी थी।
” मामी धीरे कीजिये न ! कहीं मेरा पानी न निकल जाये !”
इस दरमियान मैंने उनकी साड़ी खोल दी थी और पैंटी निकालकर उनको पूरा नंगा कर दिया था। अब ज्यादा देर खड़े रहकर कुछ नहीं किया जा सकता था सो हम उनके बेडरूम में आ गये।
मैंने उनको बिस्तर पर बिठाया और उनके पीछे बैठकर पीछे से उनकी चूचियों को दबाने लगा और गले को चूमने लगा। अब जो नशा उन पर चढ़ रहा था वो देखने लायक था।
वो मेरे बाल पकड़ कर नोच रही थी !
मैंने धीरे से एक हाथ उनकी चूत पर रखा और सहलाने लगा। वो पागल हो रही थी। धीरे से मैंने एक उंगली चूत के अंदर डाली और हिलाने लगा और एक हाथ से चूची दबाना चालू रखा।
धीरे से उनको लिटा कर मैं उनके ऊपर आ गया था और उनकी चूची को जोर से चूसने लगा था, वो पागल हो रही थी और मुझे जोरों से भींच रही थी।
” नयन, वो करो ना ! जो उस रात को किया था !”
<