Get Indian Girls For Sex

Hindi Sex Memoir पत्नी को छोड़ दूसरे की चुदाई का मजा – सेक्स स्टोरी हिंदी में

हैलो मेरे दोस्तो कैसे है आप सभी।दोस्तो आज मैं आपको जो कहानी बताने जा रहा हूँ वो मेरी अपनी खुद की कहानी हैं आप सभी को अपनी कहानी बताने से पहले कुछ अपने बारे मे बता दूँ जो की इस कहानी के लिए जरूरी है। मेरी शादी को 13 वर्ष हो चुके हैं मेरे और मेरी पत्नी करिश्मा के बीच में बिल्कुल भी प्यार नहीं है मेरा एक 10 साल का लड़का है और मैं उससे बहुत ज्यादा प्यार करता हूं उसका नाम मुकुंद है। मुकुंद ही मेरे और करिश्मा के बीच की दीवार थी जो हम दोनों को कभी अलग नहीं होने दे सकती थी। मैं जब भी मुकुंद के चेहरे को देखता तो मुझे लगता कहीं उसके साथ कहीं मैं कुछ गलत तो नहीं कर रहा हूं इसलिए मैंने कभी भी करिश्मा से अलग होने की नही सोची लेकिन शायद करिश्मा और मेरे बीच में कभी प्यार नहीं था जो मैंने करिश्मा के लिए सोचा था।

मैं विजया से प्यार करता था वह ऑफिस में ही काम करती है और उसका डिवोर्स हो चुका है उसके पति ने उसे बहुत तकलीफें दी है और वह अब अलग रहती है। मैं विजया के साथ जब भी होता तो मुझे बहुत अच्छा लगता क्योंकि हम दोनों के जीवन में शायद एक जैसी समानता थी। विजया के पति ने विजया को डिवोर्स दे दिया था और मेरी पत्नी करिश्मा के साथ मेरे रिश्ते कुछ ठीक नहीं थे क्योंकि करिश्मा अपनी ही जिंदगी में ज्यादा ही बिजी थी। उसने ना तो मुझे कभी अपना समय दिया और ना ही मुकुंद को वह समय देती है इसलिए मुझे उसकी देखभाल के लिए एक मेड को घर पर रखना पड़ा। करिश्मा तो अपने किटी पार्टी में ही बिजी रहती है करिश्मा एक मल्टीनेशनल कंपनी में मैनेजर भी है और जब उसे समय मिलता है तो वह अपनी किटी पार्टियों में ही बिजी रहती है।

मैंने तो उसे कई बार समझाया और कहा तुम्हें कुछ समय घर पर भी देना चाहिए लेकिन वह तो किसी को समय देने को तैयार ही नहीं है ना तो वह मुझसे कभी अच्छे से बात करती है और ना ही मुकुंद से उसका कोई लेना-देना है। वह शराब पीती है जिस वजह से मैं उसकी इस आदत से भी परेशान हो चुका हूं लेकिन मैंने मुकुंद को कभी कोई कमी महसूस नहीं होने दी। मुझसे जितना हो सकता था मैं उसे उतना प्यार देने की कोशिश करता हूं उसके साथ समय बिताया करता हूं मुकुंद भी मुझे बहुत अच्छा मानता है।

एक दिन मैंने मुकुंद को विजया से मिलवाया मुझे वह वह विजया से मिला तो उसे उससे मिलकर बहुत अच्छा लगा मुझे लगा शायद विजया के साथ ही मेरा बेटा खुश रह सकता है लेकिन यह सिर्फ मैं अपने दिल में ही सोच रहा था। विजया जब भी मुकुंद से मिलती तो वह उसे मां का प्यार देती थी जो कि करिश्मा ने उसे कभी नहीं दिया था। वह सिर्फ आपनी ही जिंदगी जीने में बिजी थी उसे किसी से कोई मतलब नहीं था वह सिर्फ अपने लिए अपना जीवन जी रही थी।

एक दिन मुकुंद का ब्रथडे था लेकिन करिश्मा को शायद याद नही था वह किसी पार्टी में गई हुई थी मैं मुकुंद को अपने साथ लेकर एक होटल में चला गया वहां पर विजया और मैंने मुकुंद का बर्थडे सेलिब्रेट किया हम दोनों ने मुकुंद के साथ केक काटा मुकुंद बहुत खुश था और उसने मुझे गले लगाते हुए कहा पापा आई लव यू। मैंने मुकुंद से कहा बेटा मैं तुम्हारे चेहरे पर हमेशा खुशी देखना चाहता हूं तुम खुश रहो बस मैं यही चाहता हूं। विजया को मेरे और मुकुंद के बीच के रिश्ते अच्छे से मालूम थे कि मैं मुकुंद से कितना ज्यादा प्यार करता हूं और मुकुंद के सिवा मेरे जीवन में और कोई नहीं था क्योंकि करिश्मा से ना तो मुझे कभी कोई उम्मीद थी और ना ही वह मुकुंद के लिए कुछ करना चाहती थी। मैं तो कई बार यही सोचता हूं कि मैंने आखिरकार करिश्मा से शादी क्यों की, जब मेरी मुलाकात करिश्मा से पहली बार हुई थी तो मुझे वह बहुत अच्छी लगी और हम दोनों के बीच काफी समय तक रिलेशन चला।

उसके बाद ही मैंने करिश्मा के साथ शादी करने की सोची लेकिन मैं गलत था मुझे नहीं मालूम था कि करिश्मा के साथ मेरा रिश्ता कभी हो ही नहीं सकता था क्योंकि वह तो सिर्फ अपने जीवन में ही बिजी थी उसे किसी से कोई लेना देना नहीं था। शादी के कुछ समय बाद ही उसने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया और वह अपने आप में ही बिजी हो गई। करिश्मा को मेरे और विजया के रिश्ते के बारे में कुछ पता नहीं था और ना ही मैं उसे कुछ पता चलने देने वाला था लेकिन एक दिन मैंने विजया के बारे में करिश्मा से कह दिया।

जब मैंने उससे यह बात कही तो करिश्मा जैसे मुझ पर भड़क गई और वह कहने लगी मैं घर पर नहीं रहती तो इसका ये मतलब नही की तुम बाहर गुल खिलाओ। मैंने उसे कहा इसमें गुल खिलाने की कोई बात नहीं है मैंने तुमसे हमेशा कहा है कि तुम अपनी यह पार्टियां करना छोड़ दो लेकिन तुम्हें तो इन सब चीजों से फुर्सत ही नहीं है और तुमने कभी मुकुंद को भी मां का प्यार नहीं दिया तुमने कभी भी हम दोनों के बारे में नहीं सोचा। मैंने करिश्मा से कहा मैं तो विजया से प्यार करता हूं और अब उसके साथ ही मैं अपना जीवन बिताना चाहता हूं क्योंकि तुमसे मुझे कुछ उम्मीद नही है मैं विजया के साथ ही खुश हूं।

वह मुझे कहने लगी तुम यही तो चाहते थे और तुम्हे तो सिर्फ बहाना चाहिए था मैंने उसे कहा इसमें बहाने वाली कोई बात नहीं है मैंने तुम्हें कितना समझाने की कोशिश की। मुझे कितनी बार लगा कि मैं अकेला हूं मुझे भी तुम्हारा साथ चाहिए था परंतु तुमने कभी भी मेरा साथ नहीं दिया और तुम हमेशा ही अपने दोस्तों के साथ पार्टी करने में व्यस्त रही। मैं अब करिश्मा के साथ नहीं रहना चाहता था मैंने करिश्मा से एक दिन बात की और कहा अब हम दोनों को अलग हो जाना चाहिए तुम अपनी जिंदगी में ही खुशी हो और मैं सिर्फ अपने बेटे का ध्यान रखना चाहता हूं मैं नहीं चाहता हमारे झगड़ों का असर उस पर हो।

वह मुझे कहने लगी क्या मैंने कभी मुकुंद को प्यार नहीं किया मैं भी उससे प्यार करती हूं और उसके बारे में सोचती हूं। मैंने करिश्मा से कहा कि तुम उसके बारे में सोचती तो तुम उसे समय देती तुम जब भी ऑफिस से आती हो तो क्या तुमने उसे कभी समय दिया है या उससे पूछा है कि वह क्या कर रहा है आज उसकी उम्र 10 वर्ष हो चुकी है और मुझे नहीं लगता कि तुमने उसे कभी भी अच्छे से समझा है या उसके साथ समय बिताने की कोशिश की है। मैंने करिश्मा से कहा हम दोनों का अलग होना ही ठीक रहेगा लेकिन करिश्मा मुझे डिवोर्स देने को तैयार नहीं थी मैंने उसे बहुत कहा लेकिन वह मानी नहीं।

अब हमारे झगड़े इसी बात को लेकर होने लगे थे विजया ने मुझे समझाया और कहा यदि करिश्मा तुमसे डिवोर्स लेना नहीं चाहती तो कोई बात नहीं लेकिन मैं तो उससे डिवोर्स लेना ही चाहता था और अब अपनी जिंदगी विजया के साथ बिताना चाहता था। एक दिन करिश्मा के माता-पिता भी आये वह मुझे समझाने लगे और कहने लगे बेटा तुम ऐसा मत करो इससे तुम्हारी जिंदगी खराब हो जाएगी। मैंने उसके माता-पिता को समझाया और कहा मैंने करिश्मा को कितनी बार कहा है कि तुम्हें मुकुंद को समय देना चाहिए लेकिन उसने ना तो कभी मुकुंद को समय दिया और ना ही उसके बारे में कभी वह कुछ चीज पूछती है वह तो सिर्फ अपनी पार्टियों में ही बिजी रहती है और भला मैं यह सब चीज कब तक सऊंगा।

करिश्मा ने कभी भी मेरे साथ अच्छा समय नहीं बिताया और अब मैं नहीं चाहता कि हम दोनों के झगड़े की वजह से मुकुंद की जिंदगी खराब हो इसीलिए तो मैंने करिश्मा को डिवोर्स देने के बारे में सोचा है। उसके माता-पिता समझ चुके थे कि हम दोनों के रिश्ते में वह बात नहीं रही और ना हीं हम दोनों का साथ रहना ठीक है इसलिए उन्होंने करिश्मा को समझाया और करिश्मा के साथ मेरा डिवॉर्स हो गया।

उसने कभी भी मेरे साथ अच्छा समय नहीं बिताया और अब मैं नहीं चाहता कि हम दोनों के झगड़े की वजह से मुकुंद की जिंदगी खराब हो इसीलिए तो मैंने करिश्मा को डिवोर्स देने के बारे में सोचा है। उसके माता-पिता समझ चुके थे कि हम दोनों के रिश्ते में वह बात नहीं रही और ना हीं हम दोनों का साथ रहना ठीक है इसलिए उन्होंने करिश्मा को समझाया और करिश्मा के साथ मेरा डिवॉर्स हो गया।

मैं अब आजाद हो चुका था और मेरी जिंदगी में अब विजया भी आ चुकी थी मैं बहुत खुश था। विजया और मेरे बीच में अब कोई भी नहीं था इसलिए हम दोनों ज्यादातर समय साथ में ही बिताया करते थे मैं बहुत खुश था क्योंकि करिश्मा मेरी जिंदगी से जा चुकी थी मुकुंद का ध्यान विजया रखती थी और वह उसे बहुत प्यार करती थी। हम दोनों के बीच सिर्फ प्यार की बुनियाद थी एक दिन हम दोनों के बीच में यौन संबंध बन गए मेरी इच्छा की पूर्ति ना जाने करिश्मा ने कब से नहीं की थी। विजया ने उस दिन मुझे कहा मुझे आपसे रात में बात करनी है हम दोनों उस रात को एक साथ बैठे हुए थे और वह मेरी बाहों में आ गई मैंने उसके स्तनों को बहुत देर तक दबाया उसके स्तनो का मैंने बहुत देर तक रसपान किया मुझे बहुत मजा आया। मैंने जब उसकी योनि के अंदर अपने लंड को डाला तो वह चिल्ला पड़ी और उसे बहुत मजा आने लगा। मैं उसे तेजी से धक्के दे रहा था काफी देर तक मैं उसे चोदता रहा उसका पूरा शरीर हील जाता और मुझे बहुत मजा आता।

मैं ज्यादा देर तक उसकी चूत के मजे ना ले सका कुछ क्षणो बाद मेरा वीर्य पतन हो गया जैसे ही मेरा वीर्य पतन हुआ तो विजया ने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर सकिंग करना शुरू कर दिया। वह मेरे लंड को चूस रही थी तो मुझे बहुत मजा आ रहा था कुछ ही देर बाद मेरा लंड दोबारा से खड़ा हो गया। मैंने उसकी बड़ी चूतडो को अपने हाथों से पकड़ते हुए उसकी योनि के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवा दिया जैसे ही मेरा लंड उसकी योनि में प्रवेश हुआ तो मैं उसे तेजी से धक्के मारने लगा वह मुझसे अपनी चूतडो को मिलाने लगी। मुझे बहुत मजा आ रहा था और मैं उसे तेजी से धक्के दिए जाता काफी देर तक ऐसा करने के बाद जैसे ही मेरे वीर्य की पिचकारी उसकी योनि के अंदर गिरी तो वह मुझे कहने लगी तुम्हारा वीर्य तो बहुत ज्यादा गरम है।

उसने कुछ देर और मेरे लंड को सकिंग किया विजया और मैं एक साथ ही रहते हैं वह मेरी हर एक चीज की कमी को पूरा करती है वह मेरे साथ खुश है और मुझे प्यार भी करती है। जब मैं करिश्मा के साथ अपने रिश्ते के बारे में सोचता हूं तो मुझे बहुत तकलीफ होती है क्योंकि करिश्मा के साथ मैंने अपने इतने वर्ष बर्बाद कर दिए मुझे ना तो उससे कभी पत्नी का प्यार मिला और ना ही उसने मेरा कभी सम्मान किया लेकिन विजया मेरा बहुत ध्यान रखती है और मुझसे बहुत प्यार करती है।मेरी शादी को 13 वर्ष हो चुके हैं मेरे और मेरी पत्नी करिश्मा के बीच में बिल्कुल भी प्यार नहीं है मेरा एक 10 साल का लड़का है और मैं उससे बहुत ज्यादा प्यार करता हूं उसका नाम मुकुंद है। मुकुंद ही मेरे और करिश्मा के बीच की दीवार थी जो हम दोनों को कभी अलग नहीं होने दे सकती थी। मैं जब भी मुकुंद के चेहरे को देखता तो मुझे लगता कहीं उसके साथ कहीं मैं कुछ गलत तो नहीं कर रहा हूं इसलिए मैंने कभी भी करिश्मा से अलग होने की नही सोची लेकिन शायद करिश्मा और मेरे बीच में कभी प्यार नहीं था जो मैंने करिश्मा के लिए सोचा था।

मैं विजया से प्यार करता था वह ऑफिस में ही काम करती है और उसका डिवोर्स हो चुका है उसके पति ने उसे बहुत तकलीफें दी है और वह अब अलग रहती है। मैं विजया के साथ जब भी होता तो मुझे बहुत अच्छा लगता क्योंकि हम दोनों के जीवन में शायद एक जैसी समानता थी। विजया के पति ने विजया को डिवोर्स दे दिया था और मेरी पत्नी करिश्मा के साथ मेरे रिश्ते कुछ ठीक नहीं थे क्योंकि करिश्मा अपनी ही जिंदगी में ज्यादा ही बिजी थी।

उसने ना तो मुझे कभी अपना समय दिया और ना ही मुकुंद को वह समय देती है इसलिए मुझे उसकी देखभाल के लिए एक मेड को घर पर रखना पड़ा। करिश्मा तो अपने किटी पार्टी में ही बिजी रहती है करिश्मा एक मल्टीनेशनल कंपनी में मैनेजर भी है और जब उसे समय मिलता है तो वह अपनी किटी पार्टियों में ही बिजी रहती है। मैंने तो उसे कई बार समझाया और कहा तुम्हें कुछ समय घर पर भी देना चाहिए लेकिन वह तो किसी को समय देने को तैयार ही नहीं है ना तो वह मुझसे कभी अच्छे से बात करती है और ना ही मुकुंद से उसका कोई लेना-देना है। वह शराब पीती है जिस वजह से मैं उसकी इस आदत से भी परेशान हो चुका हूं लेकिन मैंने मुकुंद को कभी कोई कमी महसूस नहीं होने दी। मुझसे जितना हो सकता था मैं उसे उतना प्यार देने की कोशिश करता हूं उसके साथ समय बिताया करता हूं मुकुंद भी मुझे बहुत अच्छा मानता है।

एक दिन मैंने मुकुंद को विजया से मिलवाया मुझे वह वह विजया से मिला तो उसे उससे मिलकर बहुत अच्छा लगा मुझे लगा शायद विजया के साथ ही मेरा बेटा खुश रह सकता है लेकिन यह सिर्फ मैं अपने दिल में ही सोच रहा था। विजया जब भी मुकुंद से मिलती तो वह उसे मां का प्यार देती थी जो कि करिश्मा ने उसे कभी नहीं दिया था। वह सिर्फ आपनी ही जिंदगी जीने में बिजी थी उसे किसी से कोई मतलब नहीं था वह सिर्फ अपने लिए अपना जीवन जी रही थी।

एक दिन मुकुंद का ब्रथडे था लेकिन करिश्मा को शायद याद नही था वह किसी पार्टी में गई हुई थी मैं मुकुंद को अपने साथ लेकर एक होटल में चला गया वहां पर विजया और मैंने मुकुंद का बर्थडे सेलिब्रेट किया हम दोनों ने मुकुंद के साथ केक काटा मुकुंद बहुत खुश था और उसने मुझे गले लगाते हुए कहा पापा आई लव यू। मैंने मुकुंद से कहा बेटा मैं तुम्हारे चेहरे पर हमेशा खुशी देखना चाहता हूं तुम खुश रहो बस मैं यही चाहता हूं। विजया को मेरे और मुकुंद के बीच के रिश्ते अच्छे से मालूम थे कि मैं मुकुंद से कितना ज्यादा प्यार करता हूं और मुकुंद के सिवा मेरे जीवन में और कोई नहीं था क्योंकि करिश्मा से ना तो मुझे कभी कोई उम्मीद थी और ना ही वह मुकुंद के लिए कुछ करना चाहती थी।

मैं तो कई बार यही सोचता हूं कि मैंने आखिरकार करिश्मा से शादी क्यों की, जब मेरी मुलाकात करिश्मा से पहली बार हुई थी तो मुझे वह बहुत अच्छी लगी और हम दोनों के बीच काफी समय तक रिलेशन चला। उसके बाद ही मैंने करिश्मा के साथ शादी करने की सोची लेकिन मैं गलत था मुझे नहीं मालूम था कि करिश्मा के साथ मेरा रिश्ता कभी हो ही नहीं सकता था क्योंकि वह तो सिर्फ अपने जीवन में ही बिजी थी उसे किसी से कोई लेना देना नहीं था। शादी के कुछ समय बाद ही उसने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया और वह अपने आप में ही बिजी हो गई। करिश्मा को मेरे और विजया के रिश्ते के बारे में कुछ पता नहीं था और ना ही मैं उसे कुछ पता चलने देने वाला था लेकिन एक दिन मैंने विजया के बारे में करिश्मा से कह दिया।

कहानी जारी है ….. आगे की कहानी पढने के लिए निचे लिखे पेज नंबर पर क्लिक करे …..

Hindi Sex Memoir पत्नी को छोड़ दूसरे की चुदाई का मजा – सेक्स स्टोरी हिंदी में

Hindi Sex Memoir पत्नी को छोड़ दूसरे की चुदाई का मजा – सेक्स स्टोरी हिंदी में. सेक्सी बातचीत,हस्तमैथुन स्टोरी,हिंदी सेक्स कहानियाँ,antarvasnasexstory,kamukta,mastaramsexstories,new intercourse epic. सेक्सी बातचीत,हस्तमैथुन स्टोरी,हिंदी सेक्स कहानियाँ,antarvasnasexstory,kamukta,mastaramsexstories,new intercourse epic.

Related Post – Indian Sex Bazar