आजकी इस कामुकता से भरी नई अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी में आप पढ़ेंगे की कैसे मैंने मेरी कामुक विधवा पड़ोसन भाभी की दर्दनाक चुदाई करी कोरोना लॉकडाउन में और चोदकर उन्हें गर्भवती कर दिया : दोस्तो, मेरा नाम बालकनाथ है और मैं नौकरी के चलते घर से दूर एक किराये के फ्लेट में रहता हूं. दोस्तों मैंने मेरे पड़ोस में रहने वाली एक विधवा महिला की बहुत ही ज्यादा दर्दनाक चुदाई करी थी आज वाही सेक्स कहानी आप सभी के साथ शेयर करने जा रहा हूँ. पड़ोस में रहने वाली एक विधवा महिला के साथ अवैध सेक्स संबंध की ये घटना उस समय की है जब कोरोना संक्रमण के शुरूआती दौर में भारत सरकार ने लॉकडाउन का ऐलान किया था. जब से लॉकडाउन शुरू हुआ, तब से मुझे घर से करने में मजा आने लगा था.

एक दिन मैं घर में अकेला था. तब मेरी पड़ोसन शकुंतला मेरे घर आई. कामुकता से भरी विधवा पड़ोसन भाभी बोली की बालकनाथ, तुम्हारे घर में गैस सिलेंडर हो तो मुझे दे सकते हो क्या? मेरे घर में गैस सिलेंडर खत्म हो गया है और कोरोना लॉकडाउन की वजह से कोई जुगाड़ भी नहीं हो पा रहा है. मैं कुंवारा लंड बोला की ठीक है भाभी जी आप घर चलो, मैं लेकर आता हूं. उसके बाद वो चली गयी. दोस्तो, आगे बढ़ने से पहले मैं आपको शकुंतला के बारे में कुछ बता देता हूं. वो मेरे घर के बगल में ही रहती है. वो एक विधवा 40 साल की विधवा महिला थी मगर दिखने में बहुत सुन्दर थी. उसके पति की मृत्यु एक साल पहले ही हुई थी कोरोना के कारण. शकुंतला को एक बेटी भी है. उनके घर में बीएस वो दोनों माँ बेटी ही हैं.

कामुक विधवा पड़ोसन भाभी की दर्दनाक चुदाई करी लॉकडाउन में अन्तर्वासना हिंदी सेक्स

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उस भरी जवानी में विधवा हुई महिला की बेटी अभी स्कूल में पढ़ती थी. तो फिर मैं उनके घर गैस सिलेंडर लेकर पहुंचा. मैंने डोरबेल बजाई तो उसी ने घर का दरवाजा खोला. मैं सिलेंडर लेकर अंदर गया और किचन में जाकर नया वाला सिलेंडर लगा दिया. जब मैं वापस जाने लगा तो कामुकता से भरी विधवा पड़ोसन भाभी बोली की रुको बालकनाथ अब चाय पीकर ही जाना. मैं चाय ही बना रही थी कि बीच में गैस खत्म हो गयी. तुम दो मिनट बैठो मैं चाय बनाकर लती हूं. कुछ ही देर में मेरी पड़ोसन भाभी चाय ले आई. हम दोनों साथ में बैठकर पीने लगे और उस दिन मेरी उससे काफी बात हुई.

फिर मैंने उसको बोल दिया कि कभी इस तरह की कोई इमरजेंसी हो तो मुझे बोल दिया करो शरमाने की कोई जरुरत नहीं है मैं इस कोरोना लॉकडाउन में भी हर चीज का जुगाड़ कर सकता हूँ. कामुकता से भरी विधवा पड़ोसन भाभी बोली की हाँ जरुर आगे से में इस बात का ध्यान रखूंगी ऐसा करो तुम मुझे अपना मोबाइल नम्बर देते जाओ और मेरा मोबाइल नंबर भी सेव कर लो. मैंने कहा- तुम मेरे फोन पर मिसकॉल कर दो. मैं सेव कर लूंगा. उसने मेरे मोबाइल फोन पर रिंग कर दी और मैं फिर वहां से खाली सिलेंडर लेकर वापस आ गया. उस कामुक विधवा पड़ोसन भाभी का मोबाइल नम्बर मैंने सेव कर लिया. फिर रात को मैं खाना खाकर व्हाट्सएप मैसेजिंग ऐप चलाने लगा.

मुझे मेरे व्हाट्सएप मैसेजिंग ऐप की कांटेक्ट लिस्ट में शकुंतला भाभी का नाम भी दिखा तो मैं देखने लगा कि वो ऑनलाइन है या नहीं. मैंने देखा तो वो ऑनलाइन थी. फिर मैंने उस विधवा पड़ोसन भाभी को मैसेज किया तो उसने देखा ही नहीं. तो मैं अपने दूसरे दोस्त के साथ चैट करने लगा. फिर 10 मिनट के बाद व्हाट्सएप मैसेजिंग ऐप पर उस भरी जवानी में विधवा हुई सेक्सी माल महिला का मैसेज आया. उसने लिखा- तुम सोये नहीं हो अब तक? मैंने कहा की नहीं मैं रात को देरी से ही सोता हूँ. फिर मैंने उनसे पूछा की तुम क्यों नहीं सोई अभी तक? शकुंतला बोली की बस मुझे भी नींद नहीं आ रही.

मैं कुंवारा लंड बोला की एक बात बोलूं, अगर बुरा न मानो तो? शकुंतला बोली की हां, कहो. मैं कुंवारा लंड बोला की मेरे विचार में आपको दूसरी शादी कर लेनी चाहिए आपको सहारे की बहुत जरुरत है ऐसे अकेले कब तक जीवन काटोगी. कामुकता से भरी विधवा पड़ोसन भाभी बोली की नहीं, मैं 40 की हो चुकी हूं और बेटी भी 10 से ऊपर की हो गयी है. मैं कुंवारा लंड बोला की मगर तुम्हें देखकर बिल्कुल ऐसा नहीं लगता कि तुम इतनी उम्र की हो. कोई अच्छा आदमी तुम्हें अब भी मिल जायेगा. कामुकता से भरी विधवा पड़ोसन भाभी बोली की मस्का न लगाओ अब इस उम्र में कौन शादी करेगा मुझ विधवा महिला से?

मैं कुंवारा लंड बोला की सोसायटी में तुम सबसे अच्छी दिखती हो मुझे. कामुकता से भरी विधवा पड़ोसन भाभी बोली की तुम कुछ ज्यादा ही तारीफ कर रहे हो. तुम्हें सो जाना चाहिए अब. मैं कुंवारा लंड बोला की सच बोल रहा हूं. शकुंतला बोली की अच्छा, मुझे तो किसी ने नहीं बोला आज तक ऐसे. मैं कुंवारा लंड बोला की तुमने किसी को मौका ही नहीं दिया होगा बोलने का. वैसे कई बार लोग हिम्मत भी नहीं कर पाते. जैसे मैं नहीं कर पाया. कामुकता से भरी विधवा पड़ोसन भाभी बोली की क्यों तुम्हें किसलिए हिम्मत चाहिए थी? मैं कुंवारा लंड बोला की तुम बुरा मत मानना शकुंतला, लेकिन तुम मुझे बहुत पसंद हो, शुरू से ही.

उसके बाद शकुंतला की ओर से कोई जवाब नहीं आया. मैंने सोचा कि मैंने दिल की बात कहने में जल्दबाजी कर दी. फिर दस मिनट के बाद उसने बोला- गुड नाइट. कल बात करते हैं. मैंने भी उस कामुक विधवा पड़ोसन भाभी को गुड नाइट कहा और फिर सो गया. अगले दिन शकुंतला का कॉल आया कि एक बार घर आ जाओ, कुछ जरूरी काम है. मैं उसके घर गया तो कामुकता से भरी विधवा पड़ोसन भाभी बोली की बालकनाथ, तुम मानसी को मेरी मम्मी के यहां लेकर जा सकते हो क्या? ये बहुत जिद कर रही है. मैं कुंवारा लंड बोला की हां ले जाऊंगा. मैं तो उस तरफ जाता रहता हूं.

पड़ोसन भाभी ने अपनी बेटी मानसी को तैयार कर दिया और उससे बोली की नानी के घर जाकर उनको तंग नहीं करना. फिर मैं उसकी बेटी को कार में उसकी नानी के घर ले गया. विधवा पड़ोसन भाभी की मम्मी पास में ही रहती थी. मैं स्वास्थ्य विभाग में ही काम करता था इसलिए मेरा पास बना हुआ था. मगर अभी ऑफिस में बुलाया नहीं जा रहा था. वहां पहुंचकर मैंने किसी संस्कारी लड़के की तरह हाथ जोड़कर भाभी जी को नमस्ते किया. विधवा पड़ोसन भाभी की मम्मी मुझे जानती थी क्योंकि कई बार वो शकुंतला के पास रुक कर जाया करती थी. जब मैं वापस आने लगा तो विधवा पड़ोसन भाभी की मम्मी ने शकुंतला के लिए पापड़ दे दिये शायद वो पापड़ उनके घर के ही बने थे.

मैं वहां से वापस आने लगा और रास्ते में अपना काम निपटाने में मुझे दो घंटे लग गये. फिर मैंने सोचा कि पहले शकुंतला के घर ही चलता हूं. उसको पापड़ भी देने हैं. मैं शाम के 7 बजे उसके घर पहुंचा. उसने दरवाजा खोला और मुझे देखकर बोली- इतनी जल्दी आ गये? मैंने कहा- हां, मेरा काम जल्दी हो गया तो मैं आ गया. तुम्हारी मम्मी ने ये पापड़ भेजे हैं. वो पापड़ का सुनकर खुश हो गयी और मुझे अंदर आने के लिए कहने लगी. मैं आ गया वो विधवा पड़ोसन भाभी दरवाजा बंद करते हुए बोली की तुम बैठो, मैं चाय लेकर आती हूं और तुम मेरी मम्मी के हाथ के पापड़ भी चख लेना.

चाय बनाने वो किचन में चली गयी और वहीं से बातें करने लगी. उस कामुक विधवा पड़ोसन भाभी ने मुझसे पूछा की मेरी मम्मी ने कुछ कहा कि नहीं? मैं कामुक विधवा पड़ोसन भाभी से बोला की नहीं, ऐसा तो कुछ खास नहीं कहा, बस हाल-चाल पूछ रही थीं और कह रही थीं कि मानसी को कोराना के हालात में यहां नहीं भेजना चाहिए था. फिर जब वो चाय लेकर आने लगी तो टेबल के पास पहुंच कर उसको ठोकर लगी और चाय छलक कर उसके और मेरे कपड़ों पर जा गिरी. चाय गर्म थी और इसी कारण वो संभल नहीं पाई और ट्रे से दोनों कप नीचे गिरकर टूट गये. सब जगह चाय फैल गयी.

वो कामुक विधवा पड़ोसन भाभी स्तब्ध खड़ी थी. मैं थोड़ी देर बाद संभला. मैंने कहा- कोई बात नहीं. तुम्हें कहीं लगी तो नहीं? कामुकता से भरी विधवा पड़ोसन भाभी बोली की नहीं, लेकिन सारे कपड़े खराब हो गये तुम्हारे. मैं कामुक विधवा पड़ोसन भाभी से बोला की कोई बात नहीं, तुम मेरी चिंता न करो. जाओ और जाकर नहा लो. फिर कपड़े बदल लेना. कामुकता से भरी विधवा पड़ोसन भाभी बोली की तुम भी बदल लो. ऐसा न हो कहीं से जल गया हो. मैं कुंवारा लंड बोला की ठीक है, मगर पहले तुम बदल लो. मैं बाद में कर लूंगा. वो बाथरूम में नहाने चली गयी. मगर तभी लाइट चली गयी और पूरे घर में अंधेरा हो गया.

उस सेक्सी माल भाभी ने बाथरूम के अंदर से आवाज लगाकर कहा- बालकनाथ, बेड पर टॉर्च होगी. एक बार ले आओगे क्या? मैंने कहा- हां, लाता हूं. दो मिनट रुको. मैं फोन की लाइट जलाकर टॉर्च ले आया और उसको देने लगा. कामुकता से भरी विधवा पड़ोसन भाभी बोली की एक बार मेरा गाउन भी पकड़ा दो. मैं वहीं बेड पर भूल आई. फिर मैं गाउन लेकर आया और उस कामुक विधवा पड़ोसन भाभी को अंदर बाथरूम में पकड़ा दिया. कामुकता से भरी विधवा पड़ोसन भाभी बोली की ठीक है. ये टॉर्च बाहर ही रख लो. तुम्हें भी तो रोशनी चाहिए. मैंने टॉर्च को वहीं बाथरूम के गेट के सामने रख दिया.

जब सेक्सी माल विधवा भाभी बाथरूम से नहाकर आने लगी तो उसको ठोकर लगी और वो वहीं पर गिर पड़ी दोस्तों ये एक बहुत ही ज्यादा दर्दनाक घटना थी. वो एकदम से चीखी और मैंने दौड़कर उसे उठाया. मगर जब मैं उसको उठाने लगा तो उसके बदन से गिरे पानी पर मेरा पैर भी फिसल गया और हम दोनों ही वहीं गिर पड़े. मेरे हाथ सीधे उसकी चूचियों पर लगे और मेरे बदन में 440 वोल्ट का झटका लगा. फिर मैंने अपने आपको कंट्रोल किया और मैं खड़ा हुआ. मैंने उसे उठाया और उसके कमरे में ले गया. उसे बिस्तर पर लेटा दिया. मुझे कुछ सूझ नहीं रहा था और मेरे बदन में वासना की अग्नि धधक रही थी.

पता नहीं मेरे शैतानी दिमाग में क्या आया कि मैंने उसकी चूचियों को वहीं पर दबाना शुरू कर दिया. वो एकदम से दूर हटने लगी और बोली- ये क्या कर रहे हो बालकनाथ? ये गलत है!! मगर मेरे लंड ने कुछ भी सोचने से साफ मना कर दिया. मैंने कहा- शकुंतला … कुछ गलत नहीं है, मुझे पता है तुम बहुत अकेली हो. मैं तुम्हें प्यार देना चाहता हूं. तुम्हें हर तरह का सुख पाने का अधिकार है. ये कहते हुए मैं उसके ऊपर आ गया और उसके होंठों को चूसने की कोशिश करने लगा. वो कामुक विधवा पड़ोसन भाभी मुझे हटाने की नाकाम कोशिश करने लगी.

उस सेक्सी माल विधवा महिला ने कुछ पल तक तो मेरी गन्दी हरकतों का विरोध किया मगर फिर धीरे धीरे उसके हाथ खुद ही मेरी पीठ पर लिपट गये और वो मेरा साथ देने लगी जिसे देख मैं समझ गया की अब ये साली भी चुदने के लिए गरम हो चुकी है. मैं अब उस विधवा पड़ोसन भाभी के मुंह में जीभ घुसाकर उसकी लार को अपने मुंह में खींच रहा था. फिर थोड़ी देर के बाद उस विधवा रांड की बेचैनी कम हो गई और वो मेरा साथ देने लगी. अब वह मुझे पागलों की तरह चूमने और चाटने लगी. मैंने उस कामुक पड़ोसन भाभी से बोला की मैं तुम्हारा नंगा बदन देखने के लिए बहुत बुरी तरह से पागल हूँ और अब मुझे तब तक चैन नहीं पड़ेगा जब तक मैं तुम्हें नंगी नहीं देख लेता.

उस कामुक विधवा पड़ोसन भाभी ने शरमाते हुए बोला की तुम खुद ही निकाल दो. फिर मैंने उसका गाउन निकाल दिया और मैंने अपने कपड़े भी निकाल दिये. मैं उसके ऊपर लेट गया और मैं पागलों की तरह उसके पूरे शरीर को चूमने लगा, उसकी चूचियों को दबाते हुए पीने लगा. वो जोर से सिसकारने लगी. उसके निप्पलों को मैंने जोर से भींचा और मसल दिया. वो एकदम से तड़प गयी. वो मुझे बांहों में लेकर भींचने लगी. मेरा खड़ा लंड उस कामुक विधवा पड़ोसन भाभी की  गुलाबी भोसड़ी पर टकरा रहा था. टॉर्च की रोशनी थी और हम दोनों एक दूसरे को बुरी तरह से चूम चाट रहे थे. फिर मैं धीरे धीरे चूमता हुआ नीचे की ओर चला और मेरे होंठ उसकी भोसड़ी पर जा टिके.

उस सेक्सी माल विधवा महिला की भीगी हुई गुलाबी भोसड़ी पर जो बाल थे वो साबुन की खुशबू में महक रहे थे और मैं उसकी भीगी सी भोसड़ी को मस्ती में चाटने और चूसने लगा. दोस्तो कामुक विधवा पड़ोसन भाभी की  गुलाबी भोसड़ी पर लगे पानी के साथ उसकी भोसड़ी का रस भी मिल गया था. मुझे उसकी भोसड़ी चाटने में बहुत मजा आ रहा था और मैं किसी आवारा कुत्ते की तरह उनकी बुर चाट रहा था. फिर चाटते चाटते उस कामुक विधवा पड़ोसन भाभी की चूत ने सारा पानी निकाल दिया और मैंने उसको पी लिया अब वो दर्दनाक चुदाई के लिए तैयार थी. उसके बाद मैंने लंड को उसकी भोसड़ी पर टिका दिया. वो कामुक विधवा पड़ोसन भाभी मेरे 7 इंची लंड को देखकर बोली- बालकनाथ, ये तो बहुत बड़ा है.

मैंने उसके मुंह के पास लंड लाकर कहा- चूसना चाहोगी मेरी जान इसे? उसने खुद ही लंड चूसने के लिए अपना मुंह खोल दिया और मैंने उसके मुंह में लंड दे दिया. वो मस्ती में लंड को चूसने लगी. पांच मिनट के बाद जब उसने लंड को निकाला तो पूरा लंड उसके थूक में नहा गया था. फिर मैंने उसकी एक टांग को अपने कंधे पर रखा और उसकी भोसड़ी पर लंड को रगड़ने लगा. उसको ये बहुत अच्छा लगा. नंगी पड़ोसन भाभी अपनी मोटी मोटी चूचियों को सहलाते हुए बोली- अंदर भी डाल दो अब. न जाने कितने दिनों के बाद ये सुख फिर से नसीब हो रहा है. मैं कुंवारा लंड बोला की हां मेरी शकुंतला. तेरे रोम रोम को खुश कर दूंगा मैं आज.

लंड चुसाने के बाद विधवा पड़ोसन भाभी की दर्दनाक चुदाई करी :- फिर मैं उस नंगी भाभी के दूध से भरे बड़े बड़े स्तनों को जोर जोर से दबाते हुए उसके लाल लाल होंठों को चूसने लगा. उसने मेरे लंड को हाथ में पकड़ लिया और मुठ मारने लगी. फिर वो लंड को भोसड़ी पर खुद ही लगाने लगी. मैं जान गया कि अब इसको लंड ही चाहिए. मैंने उसकी टांगें फैला कर अपना लंड उसकी भोसड़ी पर रख दिया और एक झटका दिया. मेरा आधा लंड उसकी भोसड़ी को चीरते हुए अंदर चला गया। लंड घुसते ही वो एकदम से चिल्लाई उई माँ आह…. अह्ह्ह्ह … अह्ह्ह … रुको … ओओ… मैंने रूककर उनसे पुचा की क्या हुआ चुदाई करवाने में ज्यादा दर्द हो रहा है क्या…? शकुंतला बोली की दर्द हो रहा है आज से पहली मेरी इतनी दर्दनाक चुदाई तो मेरे पति ने भी नहीं करी मुझे लगता है तुम्हारा लंड बहुत ही ज्यादा बड़ा और मोटा है.

मैं समझ गया था की आजका सेक्स बहुत ही ज्यादा दर्दनाक होने वाला है. फिर मैं नंगी भाभी के जिस्म को जगह जगह से चूमने लगा. उस नंगी भाभी के सेक्सी जिस्म को बड़े प्यार से सहलाने लगा. और कुछ देर बाद वो नॉर्मल होने लगी. अब मैंने धीरे धीरे उसकी भोसड़ी में लंड चलाना शुरू किया और उसको चोदने लगा. कुछ ही देर में मेरा लंड उसकी भोसड़ी में पूरा फिट हो गया. अब मैं रिदम में उसकी भोसड़ी मार रहा था. उस नंगी भाभी के मुंह से लगातार आनंद भरी सिसकारियां निकल रही थीं- आह्ह … बालकनाथ … ओह्ह … चोदो … आह्ह … मेरी चुदाई करो … मेरी भोसड़ी में लंड देते रहो … आह्ह … लंड देते रहो … ओह्ह … ओह्ह … आह्ह … बालकनाथ। उसके शब्दों से साफ पता लग रहा था कि वो कामसुख के लिए कितना तड़प रही थी. मैंने अपना जोर बढ़ाया और उसे काफी देर तक चोदा.

फिर मैंने अपना पानी उसकी भोसड़ी में निकाल दिया और फिर उसके ऊपर ही लेट गया. फिर कुछ समय बाद मैंने उस नंगी भाभी के होंठों को चाटना शुरू कर दिया और शकुंतला भी जोश में आ गयी. उसने मेरे लंड को चूसना शुरू कर दिया और अब मेरा लंड फिर से तैयार हो गया. लंड पूरा तनाव में आने के बाद मैंने उसे अपनी गोद में ले लिया और उससे कहा- लंड पर बैठो. फिर शकुंतला मेरे लंड पर बैठ गयी और उसने कूदना शुरू किया। मेरे लंड पर कूदते हुए वो फिर से बड़बड़ाने लगी. उसके चेहरे पर एक मदहोशी आ गयी थी. उसको लंड का पूरा मजा मिल रहा था और मैं भी उसकी भोसड़ी मारने का पूरा आनंद उठा रहा था.

मैंने काफी देर तक कामसूत्र की अलग अलग सेक्स पोजीशन में उस नंगी विधवा रांड की बहुत ही ज्यादा दर्दनाक चुदाई करी. विधवा पड़ोसन भाभी की दर्दनाक चुदाई करने में मुझे बड़ा आनंद आ रहा था. करीब एक घंटे की दर्दनाक चुदाई के बाद वो झड़ चुकी थी. फिर मैंने अपने धक्के तेज किये और एक बार फिर से उसकी भोसड़ी में अपना सारा माल निकाल दिया. शांत होने के बाद वो नंगी भाभी बोली की मुझे इतना मज़ा कभी नहीं आया. तुमने आज तो मेरी बहुत ही ज्यादा दर्दनाक चुदाई करी है इस लिए आज का दिन मैं कभी भी नहीं भूल पाऊँगी. मेरी बेटी अब एक सप्ताह तक उसकी नानी के पास ही रहेगी. तुम इस हफ्ते आराम से आ सकते हो और मेरी चुदाई कर सकते हो.

सेक्सी विधवा भाभी की दर्दनाक चुदाई करने के बाद मैं अपने घर चला गया. दोस्तो, फिर जब तक उसकी बेटी नहीं आई तब तक हमने खूब सेक्स किया. दो दिन के बाद तो मैं अपने घर को लॉक करके उसके घर ही रहने के लिए चला गया. कोरोना लॉकडाउन के दौरान हम दोनों ने करीब 7-8 दिन तक खतरनाक चुदाई का मजा लिया. इस एक हफ्ते में मैंने उसकी चूची खूब दबाई और चूसी. चूस चूस कर लाल कर देता था उसके बदन को मैं. उसकी भोसड़ी भी खूब रगड़ी. वो भी जैसे फिर से खिल उठी थी. उसकी बेटी के आने के बाद भी हम मौका देखकर सेक्स करते रहे.

दर्दनाक चुदाई का ये सिलसिला कोरोना लॉकडाउन के ख़त्म हो जाने के बाद भी चल रहा है और हम दोनों को ही अबैध सेक्स संबंध बनाने में बड़ा आनंद आता है. मैं कुंवारा लड़का मेरी कामुक विधवा पड़ोसन भाभी की चुदाई अधिकतर बिना कॉन्डोम पहने ही करा करता था जिस कारण वो गर्भवती हो चुकी थी और जल्द ही मेरे बच्चे की माँ बनने वाली थी. अब हम दोनों सोच रहे हैं की शादी कर लेते हैं जिससे हमरे अवैध सेक्स संबंध को एक रिश्ता मिल जायगा और समाज में बदनामी भी नहीं होगी. दोस्तों उम्मीद करता हूँ की आपो सभी को हमारी ये कामुक से भरी अन्तर्वासना हिंदी सेक्स “विधवा पड़ोसन भाभी की दर्दनाक चुदाई करी लॉकडाउन में” बहुत ज्यादा पसंद आई होगी और आप इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर भी करेंगे…