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होटल में भाई मेरे कामुक जिस्म पर भूखे शेर की तरह टूट पड़ा

OYO होटल में भाई मेरे कामुक जिस्म पर भूखे शेर की तरह टूट पड़ा और खूब जमकर चुदाई करी मेरे मोटे मोटे स्तनों को चूसने के बाद अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी :- दोस्तों स्कूल टाइम से ही मैं एक नंबर की बदचलन लड़की थी कई लड़कों ने मेरे कामुक जिस्म के मजे लुटे और मैंने कई मर्दों से अपनी कामवासना शांत करवाई थी मगर इस बारे में मेरे घर वालों को कुछ भी खबर नहीं थी. जब से मेरी पढाई पूरी हुई है तब से मुझे अपनी कामवासना शांत करवाने का मौका नहीं मिल पाया था क्योंकि पढाई पूरी होने के बाद मेरा घर से बाहर निकलना बंद हो चूका था.

फिर मैंने मेरी कामवासना शांत करने के लिए अपने बड़े भाई को शिकार बाया हम भाई बहन अवैध शारीरिक संबंध बनाने के लिए कॉलेज की बोलकर OYO होटल चले गए. OYO होटल में अपनी हवस शांत करने के लिए मेरा बड़ा भाई मेरे कामुक जिस्म पर किसी भूखे शेर की तरह टूट पड़ा उसने सबसे पहले मेरे टॉप को निकाल फैंका और मेरे बड़े बड़े स्तनों के निप्पलों को मुंह में लेकर चूसने लगा. पूरी अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानी निचे विस्तार से पढ़ें…

OYO होटल में भाई मेरे कामुक जिस्म पर भूखे शेर की तरह टूट पड़ा अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी

OYO होटल में भाई मेरे कामुक जिस्म पर भूखे शेर की तरह टूट पड़ा अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी

दोस्तो मेरा नाम कंचन शर्मा है और मेरी उम्र 21 वर्ष की हूँ. मेरे परिवार में मुझे मिलकर हम कुल 4 सदस्य हैं मेरे माता – पिता और एक बड़ा भाई अंकुर. मेरा बड़ा भाई उम्र में मुझसे दो साल बड़ा है और दिखने में काफी स्मार्ट है इस लिए मैं मन ही मन सोचती थी की वो लड़की कितनी किस्मत वाली होगी जिसकी शादी मेरे बड़े भाई के साथ होगी. वैसे दिखने में मैं भी बहुत सुन्दर और सेक्सी हूँ और बस इस लिए हमारी कालोनी का हर मर्द मुझे ताड़ता रहता है और मेरे कामुक जिस्म को देख देखकर अपनी आँखें सेंकता रहता है. मैं दिखने में बिलकुल मेरी माँ पर गयी हूँ ऐसा सभी बोलते हैं क्योंकि मेरी माँ भी दिखने में बहुत सुन्दर हैं और मैं भी.

दोस्तों स्कूल टाइम से ही मैं एक नंबर की बदचलन लड़की हूँ. स्कूल टाइम से ना जाने कितने लड़कों ने आज तक मेरे कामुक जिस्म के मजे लुटे हैं मेरे पास इसका कोई हिसाब किताब नहीं है. मैंने अपने बूब्स दबवा दबवा कर 34 के करवा लिये थे. मेरे जिस्म पर कई लड़कों ने काफी ज्यादा महनत करी है जिस वजह से आज मेरा फिगर 34 28 36 का हो चूका है जो की दिखने में बहुत ही ज्यादा आकर्षित लगता है. स्कूल और कॉलेज टाइम में तो मेरे जिस्म की प्यास शांत करने वाले काफी लड़के थे मगर जब से मेरी कॉलेज की पढ़ाई खत्म हुई है मैं घर के अंदर कैद होकर रह गयी हूँ.

अब मेरे बड़े बड़े बूब्स के साथ खेलने वाला कोई नहीं था जिस वजह से मेरी कामवासना कई दिनों से शांत नहीं हो पा रही थी. एक दिन मैंने अपनी सहेली अनुराधा को ये बात बताई तो उस साली रंडी ने मुझे सेक्स करने के लिए अपने सगे भाई को लुभाने का आइडिया दिया. अनुराधा कहने लगी कि उसने भी अपने भाई को पटा रखा है और वो अपने भाई के साथ खूब सेक्स करती है. अनुराधा और उसके भाई के अवैध सेक्स संबंधो की बातें अब मुझे भी उत्तेजित करने लगी. मैंने भी मेरे बड़े भाई के साथ सेक्स करके अपनी कामवासना शांत करने के लिए प्लान बनाना शुरू कर दिया.

शुरू शुरू में तो मैं बहुत ही ज्यादा घबरा रही थी की भला अपने भाई से कैसे कहूँ की भाई आओ और अपनी इस छोटी बहन की चुदाई कर लो. मगर जब मैंने इन्टरनेट पर भाई बहनों की चुदाई करते हुए पोर्न विडियो देखे और सेक्स स्टोरी पढ़ी तब जाकर मेरी झिझक बिलकुल ख़त्म हो गयी. किसी भी लड़की को चुदाई करवाने के लिए अपने sआगे बड़े या छोटे भाई को पटाने में मुश्किल इसलिए होती है क्योंकि भाई-बहन के पवित्र रिश्ते में हमें सेक्स की बातें करते से बहुत ही ज्यादा शर्म आती है वरना सेक्स तो लड़के भी करना चाहते हैं जैसे कि हम लड़कियां चाहती हैं.

दोस्तों अब हर हाल में मुझे सेक्स करना था और वो भी अपने ही सगे बड़े भाई के साथ. हाँ यह काम थोड़ा मुश्किल जरुर था मगर नामुमकिन जैसा नहीं था. मेरे पापा की दुकान है और मेरी मां घर पर ही रहती है. हम लोग मिडल क्लास परिवार से हैं. मेरा भाई कॉलेज के थर्ड इयर में पढ़ रहा था उस वक्त. यह बात आज से साल भर पहले की ही है. मेरे और अंकुर के एग्जाम खत्म हो चुके थे. हम लोग अब घर पर ही रहते थे. पापा सुबह दुकान पर चले जाते थे. मां घर के काम में लगी रहती थी. घर में मैं बोर हो रही थी और कॉलेज के लड़कों के साथ की हुई मस्ती की यादें मुझे परेशान करने लगीं.

मैं अपनी सहेली अनुराधा और उसके भाई के अवैध सेक्स संबंधों के बारे में सोचने लगी. मैंने अनुराधा के मोबाइल पर कॉल किया और उससे कहा कि मैं भी अपने भाई के साथ अवैध शारीरिक संबंध बनाकर अपनी कामवासना शांत करवाना चाहती हूं. अनुराधा ने मुझे कुछ गुप्त ज्ञान दिया की भाई को कैसे अपने वश में करके चुदवाना है. मैं उसका गुप्त ज्ञान सुनकर बहुत खुश हो गयी. मुझे लगने लगा कि अवैध शारीरिक संबंध बनाने के लिए अब मैं भी अपने बड़े भाई को वश में कर सकती हूं और उसके लंड से अपनी चूत और गांड की चुदाई करवा सकती हूँ. अगले दिन से मैंने मेरी सहेली के द्वारा दिए गए गुप्त ज्ञान पर अमल करना शुरू कर दिया.

सहेली से मिले गुप्त ज्ञान के अनुसार पहले दिन मैंने गहरे गोल गले के टॉप्स के साथ मिनी स्कर्ट पहनना शुरू किया ताकि मेरे मोटे मोटे स्तन मेरे भाई का मन मोह सके. उस दिन जब सुबह मेरा बड़ा भाई अंकुर अपने बैडरूम में डबल बेड पर लेटा हुआ था तो मैं उसके रूम में झाड़ू लेकर पहुंच गयी और उसके सामने झुक कर झाड़ू देने लगी ताकि उसकी नजरें मेरी बड़े बड़े स्तनों के दर्शन कर सके और मेरे मोटे मोटे स्तनों को देखकर मेरे भाई के मन में मेरे लिए गंदे गंदे ख्याल आने लगे. मेरा प्लान काफी हद तक कामयाब भी हो रहा था. मेरा बड़ा भाई अंकुर अब मुझे गन्दी नजर से देखने लगा था और उसके मुंह में पानी आता हुआ मुझे बिलकुल बिलकुल साफ साफ दिखाई दे रहा था. मैं भी जानबूझ कर अपने बड़े बड़े स्तनों को जोर जोर से हिला रही थी.

ये सब होने के बाद मैं अपनी सेक्सी गांड मटकाते मटकाते भाई के बैडरूम से बाहर आ गयी. फिर दोपहर में मुझे पैसे चाहिए थे. मैं भाई के पास जाकर पैसे मांगने लगी और मजाक करते हुए उसकी पीठ पर चढ़ गयी. मैंने अपने बड़े बड़े बूब्स उसकी पीठ पर टच किये. उसने भी मुझे पीछे हाथ लाकर कस कर पकड़ लिया. जैसा अनुराधा ने बताया था वैसा ही हो रहा था. दूसरा दिन जब मेरा बड़ा भाई अंकुर ड्राइंग रूम में बैठ कर टीवी देख रहा था तब मैं बिना ब्रा पहने केवल गहरे गले वाले टॉप में उसके पास चली गयी और फिर उसके पास जाकर बैठ गयी. फिर मैंने उसके सामने झुक कर बातें करना शुरू किया.

मैंने आज अपने बड़े बड़े स्तनों पर ब्रा नहीं पहनी थी ताकि मेरे भाई को मेरे मोटे मोटे स्तनों का उभार बिलकुल साफ साफ़ दिखी दे. जैसे जैसे मेरे बूब्स के दर्शन मेरे बड़े भाई को हो रहे थे उसका लंड उसके शॉर्ट्स में उठने लगा था. मेरी नजरें बार बार मेरे भाई के लंड की तरफ जा रही थी जिस बजह से मैं ये सब बड़ी आसानी से नोटिस कर पा रही थी. उसी रात को हम भाई बहन दोनों मिलकर टीवी देख रहे थे और हमारी माँ रसोई घर में खाना बना रही थी. तभी अचानक लाइट चली गयी और पुरे घर में अंधेरा हो गया. मेरे मन में भाई के लंड को दबाकर देखने की एक तरकीब सूझी. मैं अँधेरे में अपना मोबाइल फोन ढूंढने लग गयी. अंधेरे का फायदा उठा कर मैंने अपने भाई की जांघों के बीच में हाथ मारा और मेरा हाथ उसके लंड पर जा लगा. भाई ने मुझे हटाने के बहाने अपना हाथ मेरे बूब्स पर लगा दिया और हलके से दबा दिया.

ये मेरे बड़े भाई की तरफ से पहला इशारा था की वो भी मेरे कामुक जिस्म के साथ मस्ती करना चाहता है. फिर तीसरा दिन जब मैं पढ़ाई कर रही थी. तभी मेरा बड़ा भाई अंकुर मुझसे बोला कि बहन कुछ समझ नहीं आ रहा हो तो मुझसे पूछ लेना. फिर मैंने भी मौका देख कर बोल दिया कि भाई एक सवाल समझा दो. उस दिन उसने मेरी गोद से नोटबुक उठाये बिना ही मेरी गोद में रखे हुए मुझे सवाल समझाने लगा. वो बीच बीच में मेरी जांघ और चूत पर भी टच करने की कोशिश कर रहा था. मुझे भी अच्छा लग रहा था लेकिन डर भी था कि कहीं मां न आ जाये. कुछ देर बाद सवाल समझाते हुए अंकुर ने मेरे बूब्स को कई बार टच किया.

अब मेरा भाई मेरे साथ गलत काम करने के लिए काफी ज्यादा उतावला हो चूका था. जब उससे रुका न गया तो उसने मेरे बूब्स को जोर जोर से दबाना शुरू कर दिया. भाई के हाथों का स्पर्श अपने रसली आम जैसे स्तनों पर पाकर अब मुझे भी बहुत अच्छा लगने लगा और अब मैं भी मदहोश सी होने लगी. मेरा बड़ा भाई मेरे बड़े बड़े बूब्स दबा दबा कर मजे ले रहा था और अब मैं भी भाई के लंबे मोटे लंड से चुदने के लिए गर्म हो रही थी. मैंने भी उसको रोका नहीं और वो भी नहीं रुका. फिर कुछ देर के बाद मां के आने की आहट हुई और हम हवस से भरे भाई बहन दोनों एक दूसरे से अलग होकर नॉर्मल हो गये. अब मेरा बड़ा भाई अंकुर मेरे जाल में पूरी तरह से फंस चुका था.

फिर शाम को मां खेत में काम करने के लिए चली गयी और अब हम भाई-बहन घर में बिलकुल अकेले थे. मैं रसोई में रात का खाना बनाने के लिए चली गयी. जब मैं रसोई घर में खाना बना रही थी तो उसी दौरान पीछे से आकर मेरे बड़े भाई अंकुर ने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और मेरे मोटे मोटे बूब्स को बहुत ही ज्यादा जोर जोर से दबाने लगा. मुझे मीठा मीठा दर्द जरुर हो रहा था मगर आनंद भी बहुत आने लगा था. मैंने भी पीछे मुड़कर अंकुर के होंठों को चूम लिया और हम हवस से भरे भाई बहन दोनों एक दूसरे को किस करने लगे. ये मेरे भाई के साथ मेरा पहला किस था. मुझे बहुत मजा आ रहा था.

हम हवस से भरे भाई बहन दोनों काफी देर तक किस करते रहे. फिर वो मुझे गोदी में उठाकर डबल बेड पर ले गया. हम भाई बहन काफी देर तक एक दुसरे के जिस्म से खेलते रहे. उसके बाद मेरे बड़े भाई अंकुर ने मेरी टीशर्ट को उतार दिया और अब मैं सिर्फ ब्रा में थी. अंकुर मेरी ब्रा के ऊपर से ही मेरे मोटे मोटे स्तनों को जोर जोर से दबाते हुए चूसने व चाटने लगा. मेरी ब्रा अब अन्तर्वासना की आग में जल रहे मेरे बड़े भाई के थूक से गीली होने लगी थी. कामुकता से भरा मेरा बड़ा भाई अंकुर जोर जोर से मेरे बूब्स को दबाने लगा और मैं सिसकारियां लेने लगी- आह्ह … अंकुर कोई आ जायेगा. बस करो … आह्हह… ओहह … रुको. मगर अंकुर नहीं रुक रहा था. फिर उसने मेरी मिनी स्कर्ट भी निकाल दी. अब मैं ब्लैक ब्रा और पैंटी में थी.

उसके बाद मेरे बड़े भाई ने मेरे बूब्स को बिलकुल नंगा कर दिया और उन्हें अपने मुंह में लेकर किसी छोटे बच्चे की तरह पीने लगा. मेरे रसीले आम जैसे बड़े बड़े व मोटे मोटे स्तनों को चूसने के बाद उसने मेरी पैंटी भी निकाल दी. अब बड़े भाई के सामने मुझ कामुकता से भरी कुंवारी रांड की तड़पती बुर नंगी हो चुकी थी. मुझे अलग ही रोमांच मिल रहा था उसके सामने नंगी होकर. वो  मुझ कामुकता से भरी कुंवारी रांड की तड़पती बुर को चाटने और चूसने लगा. जैसे जी भाई की जीभ ने मेरी चूत की फाकों को चाटना शुरू करा वैसे ही मैं उसका लंड लेने के लिए बहुत बुरी तरह से तड़प उठी.

अपने बड़े भाई से अपनी चूत चटवाते चटवाते मैं मेरी सहेली अनुराधा के बारे में सोचने लगी कि वो सच में बहुत मजा लेती होगी अपने भाई के साथ! क्योंकि अंकुर के साथ मुझे भी बहुत मजा आ रहा था. हम हवस से भरे भाई बहन दोनों ने काफी देर तक मजे किये लेकिन चुदाई नहीं हो पाई क्योंकि मम्मी के आने का डर था. घर में हम भाई बहन को चुदाई करने का अच्छा मौका नहीं मिल पा रहा था और उप्पर से पकड़े जाने का भी डर था तो इसलिए हम हवस से भरे भाई बहन दोनों ने घर पर बहाना बनाकर OYO होटल में जाकर सेक्स करने के बारे में सोचा. अगले दिन हम हवस से भरे भाई बहन दोनों घर से शोपिंग करने जाने की बोलकर निकाल गए.

हमारी माँ को भी हमारे उप्पर शक नहीं हुआ बल्कि ख़ुशी ख़ुशी उन्होंने हमें दस हजार रूपये और दे दिए. हम भाई बहन कॉलेज जाने की जगह सीधे OYO होटल में पहुंच गए अवैध शारीरिक संबंध बनाने के लिए. वहां पर हमने पहले ही ऑनलाइन रूम बुक किया हुआ था इस लिए ज्यादा समय खराब नहीं हुआ. वहां सुबह 10 बजे पहुंच गये थे हम भाई बहन अवैध सेक्स संबंध बनाने के लिए और होटल जाते वक्त मेडिकल की दूकान से हमने कोहिनूर कंपनी का खुशी बिंदीदार कंडोम के एक पूरा पैकेट खरीद लिया था. जैसे ही हम रूम में पहुंचे तो मैं अंकुर की गोद में कूद गयी. उसने भी मुझे लपक लिया. उसके हाथ मेरे चूतड़ों को भींच रहे थे. हम हवस से भरे भाई बहन दोनों के होंठ एक दूसरे से मिल गये थे.

कुछ देर के बाद जब भाई से रुका न गया तो उसने अवैध शारीरिक संबंध बनाने के लिए मुझे डबल बेड पर उठाकर पटक लिया. OYO होटल में मेरा भाई मेरे कामुक जिस्म पर किसी भूखे शेर की तरह टूट पड़ा सबसे पहले उसने मेरे टॉप को निकाल फैंका और मेरे बड़े बड़े स्तनों के निप्पलों को मुंह में लेकर चूसने लगा. मेरा हाथ अपने आप ही अंकुर की पैंट में घुस गया था. मेरा हाथ उसके अंडरवियर को टटोल रहा था. मैं उसके लंड को देखना चाह रही थी. मेरा हाथ उसके लंड पर जा लगा. उसका लंड बहुत मोटा और लकड़ी की तरह एकदम से सख्त हो गया था. बहुत दिनों के बाद मुझे लंड का टच मिला था. कॉलेज के लड़कों के लंड से खेलने के बाद अब भाई का लंड पकड़ना बहुत मजा दे रहा था. अंकुर मेरी चूचियों को मसल मसल कर पी रहा था.

उसके बाद मेरे हवस से भर बड़े भाई अंकुर ने मुझे पूरी नंगी धड़ंग कर दिया. वो मुझे निहारने लगा. मैंने भी उसको अपनी जवानी के खूब दर्शन करवाये. मेरे हवस से भर बड़े भाई अंकुर ने मुझ कामुकता से भरी कुंवारी रांड की तड़पती बुर को छेड़ा तो मैं सिहर गयी. मैंने उसके सिर को नीचे की ओर दबाने लगी. वो मेरा इशारा समझ गया और मुझ कामुकता से भरी कुंवारी रांड की तड़पती बुर को चाटने लगा. मैं मस्ती में खो गयी. पागल होने लगी. न जाने इन लड़कों को चूत चाटने में क्या मजा आता है. अंकुर पागलों की तरह मुझ कामुकता से भरी कुंवारी रांड की तड़पती बुर तो पी रहा था. बड़ी मुश्किल से मैंने उसको रोक कर कहा की भाई अब जल्दी से मेरी तड़पती बुर को अपने लंड का स्वाद चखा दे. मैं और इंतजार नहीं कर सकती हूं अब.

मेरे हवस से भरे नंगे भाई ने हां करते हुए बैग से कोहिनूर कंपनी का खुशी बिंदीदार कंडोम निकाल कर मेरे हाथों में दे दिया. मैं उसके लंड को पकड़ कर कॉन्डम लगाने लगी. पता नहीं कंडोम पहनाते पहनाते मुझे क्या हुआ मैंने मेरे भाई के लंड को अपने मुंह में ले लिया और मुंह में लेकर ब्लोजॉब करने लगी. मुझे एक दो पल भाई के लंड का स्वाद थोड़ा अजीब सा लगा मगर फिर मगर बाद में मजा आने लगा. मेरी इन गन्दी हरकतों को देखकर मेरे बड़े भाई को भी लग रहा होगा कि उसकी छोटी बहन कितनी बड़ी रंडी बन गयी है इतनी कम उम्र में ही. मुझे मेरे नंगे भाई का लंबा मोटा लंड अपने मुंह में लेकर चूसने में बहुत मजा आ रहा था. पांच मिनट के ब्लोजॉब में ही मेरा भाई अंकुर मेरे मुंह में झड़ गया और उसके लंड से निकला गरम गरम लावा मेरे मुंह में भर गया जिसे मैं एक ही घूंट में गटक गयी.

ब्लोजॉब करने के बाद हम हवस से भरे भाई बहन दोनों फिर से आलिंगन करने लगे. फिर मैं चुदवाने की लालसा से अपने बड़े भाई के लंड को सहलाते हुए खड़ा करने की कोशिश करने लगी. मेरी मेहनत रंग लायी और कुछ ही देर में उसका लंड फिर से खड़ा हो गया. उसने अपने लंड को हाथ से सहलाते हुए कोहिनूर कंपनी का खुशी बिंदीदार कंडोम लगाया. फिर मुझ कामुकता से भरी कुंवारी रांड की तड़पती बुर पर लंड को रख कर एक जोरदार झटका मारा. एक ही झटके में आधा लंड अंदर मेरी टाइट चूत में चला गया. जैसे ही भाई के लंबे मोटे लंड ने मेरी चूत को भेदा मुझे बहुत जोर का दर्द हुआ और एक बार तो मेरी चीख भी निकली लेकिन मजा भी गजब का मिल गया.

आज काफी दिनों के बाद मुझ कामुकता से भरी कुंवारी रांड की तड़पती बुर में लंड फंसा था और मुझे ऐसा महसूस हो रहा था की मानो जैसे मैं जन्नत में नंगी पड़ी पड़ी चुदवा रही हूँ. फिर मेरे हवस से भर बड़े भाई अंकुर ने मुझ कामुकता से भरी कुंवारी रांड की तड़पती बुर में लंड को अंदर बाहर करना शुरू कर दिया. मेरे मुंह से बहुत ही ज्यादा मादक सिसकारियां निकलनी प्रारंभ हो गयीं थी उई माँ… आह्ह… आईई … आहह … आऊऊ … ओह्ह … करके मैं मेरे नंगे बड़े भाई के तगड़े लंड से चुदने लगी. झटके लगाते हुए भाई ने अपना पूरा लंड अंदर मेरी बच्चेदानी तक पेल दिया था जिस वजह से भाई का लंबा मोटा लंड बार बार मेरी बच्चेदानी पर प्रहार कर रहा था और मुझे मीठा मीठा दर्द दे रहा था. उसके झटके अब हर पल तेज हो रहे थे.

चुदवाते चुदवाते मैं अपने मोटे मोटे स्तनों को खूब जोर जोर से दबा रही थी और चुदाई का भरपूर आनंद ले रही थी. अपने ही हाथ निप्पलों को मसलने लगी. मेरे हवस से भर बड़े भाई अंकुर ने देखा तो उसने मेरी चूचियों को कस कर भींच दिया और मुझ कामुकता से भरी कुंवारी रांड की तड़पती बुर ने उसके लंड को भींच लिया. वो तेजी से मुझ कामुकता से भरी कुंवारी रांड की तड़पती बुर को पेलने लगा और मजे में मेरी आंखें बंद होने लगीं. मैं भाई के लंड से चुदते चुदते सातवें आसमान पर पहुंच गयी थी. 15 मिनट तक मेरे हवस से भर बड़े भाई अंकुर ने मुझ कामुकता से भरी कुंवारी रांड की तड़पती बुर को इसी स्पीड से चोदा और फिर हम हवस से भरे भाई बहन दोनों साथ में ही झड़ गये.

उसके बाद हम हवस से भरे भाई बहन दोनों बाथरूम में गये और वहां पर रोमान्स करते हुए हमने एक बार फिर से बाथरूम सेक्स किया और भाई बहन की चुदाई का मजा लिया. मैंने बाथरूम में एक बार फिर से बड़े भाई के लंड का वीर्य पीया. उसने मुझ कामुकता से भरी कुंवारी रांड की तड़पती बुर का रस चाटा. हम हवस से भरे भाई बहन दोनों बहुत खुश हो गये थे एक दूसरे को पाकर. फिर हम हवस से भरे भाई बहन दोनों वहां से घर आ गये. उस दिन के बाद से मेरे भाई और मेरे बीच चुदाई का खेल शुरू हो गया. हम हवस से भरे भाई बहन दोनों सप्ताह में एक या दो बार होटल में जरूर जाते हैं और खूब जमकर चुदाई करते हैं.

यदि घर पर भी मौका मिलता है तो हम भाई बहन का सेक्स करने का अवसर नहीं छोड़ते हैं. आजकर मैं बिना कंडोम के ही मेरे भाई से चुदवाती हूँ क्योंकि कंडोम लगाकर चुदवाने में वो आनंद नहीं आता जो बिना कंडोम लगे लंड से चुदवाने में आता हैं. मैं गर्भवती ना हो जाऊ भाई से चुदने की वजह से इसके लिए मैं पूरी सावधानी रखती हूँ और हमेशा चुदवाने के बाद गर्भनिरोधक गोली खाती हूँ. दोस्तों मैं उम्मीद करती हूँ की आप सभी को हम भाई बहन की ये अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी “OYO होटल में भाई मेरे कामुक जिस्म पर भूखे शेर की तरह टूट पड़ा और खूब जमकर चुदाई करी मेरे मोटे मोटे स्तनों को चूसने के बाद” बहुत पसंद आयी होगी और आप इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर भी करेंगे…

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