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पड़ोसन भाभी के साथ सेक्स किया उसके पति की गैर मौजूदगी में

दोस्तों आज की इस कामुकता से भरी अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी में आप पढ़ेंगे की कैसे मैंने कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान नयी पड़ोसन भाभी के साथ सेक्स किया उसके पति की गैर मौजूदगी में :- नमस्ते दोस्तों मेरा नाम चंदन गुप्ता है और मैं एक शादी शुदा मर्द हूँ. अभी कुछ दिनों पहले ही हमारे पड़ोस के घर में चंद्रकला नाम की नई किराएदार महिला अपने पति रमेश के साथ रहने के लिए आई थी. दोस्तों वो पड़ोसन दिखने में बहुत ही ज्यादा सुंदर और सेक्सी माल थी. जब मैंने उसे पहली बार देखा था तो मेरा दिल करा था की उस साली का उसके घर में घुसकर बलात्कार कर डालूं मगर ऐसा करना संभव नहीं था इस लिए कई दिनों तक मैंने उसके नाम की मुठ मारी मगर फिर भी मेरी गर्मी शांत नहीं हो पा रही थी.

नयी पड़ोसन का पति रमेश एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था और उसे अपनी कंपनी के काम से कभी  पंजाब कभी जयपुर जाना पड़ता रहता था. उसके आए दिन टूर होते रहने के कर एक मौका रमेश ने मुझे दे दिया था. कंपनी ने उस बेचारे को पंजाब का टूर करने का फरमान दिया और वो अपनी नयी नवेली पत्नी को प्यासा छोड़ कर अपने काम से  पंजाब चला गया. उसी समय कोरोना वायरस का लॉकडाउन लागू हो गया और रमेश चंडीगढ़ में फंस गया. जब मैंने पहली बार मेरी पड़ोसन भाभी चंद्रकला को देखा था तो उस समय वह सुबह सुबह अपने घर के बाहर झाड़ू लगा रही थी. वो शादी शुदा गरम माल महिला उस वक्त बिना चुन्नी के थी और काफी झुककर झाड़ू लगा रही थी. तभी मेरी नजर उसके शर्ट के अन्दर पड़ गई.

पड़ोसन भाभी के साथ सेक्स किया उसके पति की गैर मौजूदगी में कामुकता से भरी अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी

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मैंने देखा कि उसने अन्दर ब्रा नहीं पहनी हुई थी और इस कारण उसके बड़े बड़े स्तन लटक कर झूल रहे थे. मेरी गन्दी नजर उसके बड़े बड़े स्तनों पर अटक गई थी. फिर झाड़ू लगाते लगाते उसकी नजर मुझसे मिली, तो वह हल्की सी मुस्कुरा दी तो फिर मैंने भी उसको मुस्कुराकर जबाव दे दिया. ऐसे करते-करते लगभग काफी दिन गुजर गए. मैं रोज मेरी कामुकता से भरी नयी पड़ोसन भाभी को गन्दी नजरों से देखने लगा था और बाथरूम में जाकर उस साली के नाम की मुठ मार लेता था. लेकिन मेरे लंड को उसे चोदे बिना चैन नहीं मिल रहा था. मैं चाहता था कि वह जल्दी से मेरे लौड़े के नीचे आ जाए. मैं पहले आपको चंद्रकला के बारे में बता देता हूं. चंद्रकला की उम्र लगभग 28 साल थी उसकी कुछ महीने पहले ही नयी नयी शादी हुई थी.

जैसा कि मैंने बताया कि रमेश का अपनी कंपनी के काम से बाहर आना जाना बहुत ज्यादा लगा रहता था. जिस वजह से चंद्रकला को अपने पति का साथ कम ही मिल पाता था. अब किसी लड़की की नयी नयी शादी हुई हो तो उसे पति की गैर मौजूदगी कितनी ज्यादा खलती होगी ये बात तो आप भी समझ सकते होंगे. होली के बाद एक दिन अचानक से बारिश आ गई. मैं बारिश में अपनी छत के ऊपर चला गया और नहाने लगा. तभी मैंने देखा कि वो बारिश में जल्दी जल्दी सूखे कपड़े उतार रही थी. चंद्रकला सूखे कपड़ों को उतारते हुए बारिश में भीग गई और अपने सूखे कपड़ों को एक तरफ रख कर वो बारिश में नहाने लगी. उसकी नजर मेरी तरफ नहीं पड़ी थी और न ही उसे इस बात का कोई ध्यान था कि कोई उसे देख रहा है.

मैं बारिश में अपना नहाना छोड़कर अपने लंड को सहलाते हुए उस पड़ोसन भाभी के सेक्सी जिस्म को गंदी नजरों से ताड़ने लगा. तभी मैंने देखा कि वह एक हाथ से अपनी चूचियों को जोर जोर से दबा रही थी और उसका दूसरा हाथ टांगों के बीच में है. मैं यह सीन देख कर बहुत गर्म हो गया. मेरा मन किया कि अभी जाकर साली का बलात्कार कर दूँ लेकिन मैंने खुद की काम वासनाओं पर काबू किया. फिर मैंने मेरी कामुकता से भरी नयी पड़ोसन भाभी को एक तेज आवाज लगायी. उसने आवाज की तरफ ध्यान देकर अपने हाथ हटा लिए और मेरी ओर देखने लगी. हम दोनों पड़ोसियों के बीच में एक शर्म की दीवार थी, जो बाधा बनी हुई थी.

हम दोनों ही चाहते थे कि ये दीवार जल्द से जल्द टूट जाए. मैं खुद रमेश की किस्मत पर सोच सोच कर जलने लगा था कि भैन के लंड को क्या गदर माल मिला है. मगर भोसड़ी वाला अपनी नौकरी के चलते उसे चोद ही नहीं पाता है. उस दिन मैं उसे देखता रहा और वो हल्की सी मुस्कान बिखेर कर चली गई. एक घंटे बाद मैं चंद्रकला के घर चला गया. उसके घर के दरवाजे खुले थे. मैं बेखौफ अन्दर चला गया और उसे हाय बोला. वो मेरे इस तरह आने से एक बार को तो चौंकी, मगर अगले ही पल उसने मुझे हैलो बोल कर बैठने को कहा. मैंने बातचीत की कि बस मैं यूं ही आपसे औपचारिकतावश मिलने चला आया. आप अकेले बोर होती हैं तो मेरे घर आ जाया कीजिएगा. मेरी वाइफ तो वैसे भी आपकी सहेली है.

वो बोली- हां मैं भी यही सोच रही थी. आपकी वाइफ को मुझे अपनी पक्की सहेली बनाना ही पड़ेगा. उसकी इस बात में एक गहरा अर्थ छिपा था, जो मुझे समझ में आ गया. उसने मुझे चाय की कही, तो मैंने हामी भर दी. चाय पीते हुए उससे काफी बातचीत हुई और मैंने उसे अपना नम्बर दे दिया कि आपको कभी किसी काम की जरूरत हो तो बेहिचक फोन कर लीजिएगा. उसने नम्बर ले लिया. दो ही दिनों में उसने मेरी पत्नी के साथ गहरी दोस्ती कर ली. अब वो आए दिन मेरी पत्नी के पास आती और मुझे मुस्कुरा कर देखती. मेरी पत्नी से बात करती हुई चंद्रकला कभी-कभी मेरी तरफ अजीब नजरों से देख लेती, तो मैं भी मुस्कुरा कर उसे देख लेता था.

अठारह मार्च को मेरे ससुराल से मेरा साला मेरी पत्नी को लेजाने के लिए आया. मेरी पत्नी ने मुझसे कहा कि मैं कुछ दिनों के लिए अपने गांव जा रही हूं. आप अपना कैसे मैनेज करोगे? मैंने बोला की मैं बाजार में खाना खा लिया करूंगा. पत्नी ने सोचते हुए कहा- चंद्रकला से कह देती हूँ, वो तुम्हारे लिए सुबह शाम का खाना दे जाया करेगी. मैंने बोला की रहने दो न … उसे क्यों परेशान करती हो. उसी समय चंद्रकला भी घर पर आ गई और शायद उसने हम दोनों की बातचीत सुन ली थी. चंद्रकला- अरे इसमें परेशानी कैसी? मैं आपको खाना देने आ जाया करूंगी. बस आप बाजार से सब्जी वगैरह ला दिया करो.

मेरी पत्नी ने हंसते हुए कहा- धन्यवाद चंद्रकला, तूने तो मेरी समस्या ही हल कर दी. उन दोनों की बात खत्म हुईं, तो चंद्रकला मेरी तरफ देखते हुए अपनी गांड मटका कर चली गई. मैंने भी सोच लिया कि काफी दिन बाद बीवी मायके जा रही है इसका पूरा फायदा उठाना है. अब मेरे लंड का भाग्य देखिए कि इधर बीस मार्च को बीवी मायके गई और दो दिन बाद से ही कोरोना वायरस की वजह से पुरे देश में लॉकडाउन लग गया. सभी अपने अपने घरों में बंद हो गए. दूसरों की तरह मैं भी अपने घर में अकेला रह गया.

मुझे सेक्स करने की बहुर बुरी लत लगी हुई थी मैं हर रोज मेरी पत्नी की चुदाई करा करता था मगर इस कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान में बहुत ही ज्यादा मजबूर हो चला था मुझे सेक्स करने को नहीं मिल पा रहा था.  चंद्रकला का पति बाहर फंस गया था. मेरी पड़ोसन भाभी चंद्रकला भी घर में अकेली रह गई थी और पति की गैर मौजूदी में उसका भी समय नहीं कट रहा था. उसी शाम लगभग पांच बजे रमेश ने मेरे मोबाइल फोन पर कॉल किया और बताया कि चंद्रकला घर में अकेली है, उसके आसपास के घर में भी कोई नहीं है, तो आप या भाभी जी एक बार उसके पास जाकर बता देना कि कोई जरूरत हो तो फोन कर ले.

मैं तो खुद ही चंद्रकला के पास जाने का बहाना तलाश रहा था और अब मुझे वो मौका मिल चूका था. पहले ही खाना के वजह से यह मौका मेरी बीवी ने मुझे दे दिया था और अब खुद उसके पति ने मुझे उसके पास जाने के लिए कह दिया. मैं चंद्रकला के घर गया, तो मैंने देखा कि वह उदास बैठी थी. मैंने उससे पूछा- क्या हुआ? वो बोली कि मेरा तो इस खाली घर में मन ही नहीं लग रहा है. अभी तक आपकी बीवी से मेरी बातचीत हो जाती थी. अब बिल्कुल खाली घर काटने को दौड़ता है. मेरे पति खुद मजबूरी में  पंजाब में फंस गए हैं, अब अपने पति की गैर मौजूदगी में उसका भी समय नहीं कट रहा था. वो मुझसे बोली की मैं मेरे पति की गैर मौजूदी में अकेली क्या करूंगी.

मैंने उसे दिलासा देते हुए कहा- तो इसमें घबराने वाली क्या बात है. मेरी पत्नी भी अपने मायके में रह गई है. इस बहाने दो-तीन दिन आपके हाथ का खाना तो मिलेगा. उसने कहा- आप खाने की क्यों चिंता करते हो … वो तो आपकी पूरी सेवा होगी. मगर दो तीन दिन में आपकी बीवी कैसे वापस आ सकेगी! मैंने बोला की हां ये बात तो है. तो चलो ठीक है हम दोनों एक दूसरे का अकेलापन काट लेंगे. ये सुन कर चंद्रकला हंस दी. मैंने उसकी तरफ देख कर पूछा- क्यों हम दोनों एक दूसरे का अकेलापन दूर नहीं कर सकते क्या? वो आंखें नचाते हुए हंसी और इठला कर बोली- देखते हैं. मैंने बोला की चलो मेरी वजह से आपके चेहरे पर मुस्कुराहट तो आई. ये कह कर मैं भी मुस्कुरा दिया.

मैंने फोन लगा कर उसके पति से उसकी बात कराई. रमेश ने चंद्रकला से कहा- तुम भाई साहब का फोन नंबर ले लो … और कोई जरूरत हो, तो इनको फोन कर देना … क्योंकि अब पड़ोस में यही हैं, जो तुम्हारी जरूरतें पूरी कर सकते हैं. चंद्रकला ने अपने पति को हां कह कर फोन काट दिया. उसके पास तो मेरा नंबर पहले से ही था. मगर मेरे पास उसका नम्बर नहीं था. मैंने उसका फोन मांगा, तो उसने मुझे अपना फोन दे दिया. मैंने उसके मोबाइल में अपना नम्बर फीड करने के लिए उसके नम्बर से अपने मोबाइल पर अपना नम्बर डायल कर लिया और अपना नम्बर फीड कर दिया.

अब मैंने उसको एक हसरत भरी नजर से देखा और सोफे पर बैठ गया. वो कामुकता से भरी गरम माल भाभी चाय बनाने लगी. चाय पीने के दौरान हम दोनों के बीच काफी सारी बातचीत हुई. मेरी कामुकता से भरी नयी पड़ोसन भाभी मुझसे काफी बिंदास होकर बात कर रही थी. चाय ख़त्म करके मैं अपने घर में वापस आने लगा तो मुझसे मेरी कामुकता से भरी नयी पड़ोसन भाभी ने पूछा- रात को कितने बजे आओगे भाई साहब आप..? रात का जिक्र होते ही मैं पलट कर उसे देखने लगा और अपना लंड खुजाने लगा. फिर मुझे ध्यान आया कि ये खाना खाने के लिए आने की बात कर रही है. मैंने बोला की तुम मेरे मोबाइल फोन पर कॉल कर देना.

उसी रात लगभग दस बजे मेरे मोबाइल फोने पर कॉल आया और मीठी सी आवाज में एक औरत बोली भाई साहब मैं चंद्रकला हूँ, खाना तैयार है जल्दी से आकर खा लीजिए नहीं तो ठंडा हो जायेगा फिर मजा नहीं आयगा. मैंने आने की कही और घर को ताला लगा कर खाना खाने के लिए उसके घर के लिए चल पड़ा. तभी दुबारा से मेरे मोबाइल फोने पर मेरी कामुकता से भरी नयी पड़ोसन भाभी का कॉल आया कि घर को ताला लगाकर सारी लाइटें बंद करके आ जाना. कुछ देर बैठे बात करेंगे. उसके बाद अगर मन हो, तो वापस चले जाना. अब मुझको ये अहसास हो गया था कि आज तो मेरी कामुकता से भरी नयी पड़ोसन भाभी मेरे साथ जरुर अवैध सेक्स संबंध बनायगी.

मैंने मेरी सेक्सी पड़ोसन भाभी से बोला की ठीक है. मैंने जल्दी से अपने घर की सभी लाइट बंद करी और ताला बंद करके जैसे ही मैं घर के बाहर निकला, तो मैंने देखा कि पूरे मोहल्ले में कोई नहीं था. किसी के घर की लाइट भी नहीं जल रही थी. सभी पड़ोसी अपने घर में सो चुके थे. कोरोना वायरस की वजह से ऐसे दुबक कर छुप गए थे, जैसे कोरोना रात को सड़क पर निकल कर सबको पकड़ लेगा. मैं चंद्रकला के घर के अन्दर गया, तो मैंने देखा कि चंद्रकला ने अपने कामुक जिस्म पर एक पतली सी नाइटी पहन रखी थी, जो कि काले रंग की थी और उसमे वो बहुर ही ज्यादा सेक्सी दिख रही थी. उसके अन्दर के अंग भी साफ दिख रहे थे. साफ़ पता लग रहा था कि उसने अन्दर कुछ भी नहीं पहना था. सिर्फ नाइटी ही पहन रखी थी.

वह कामुक महिला मेरे करीब आई और मेरे हाथ में ताला चाबी देकर बोली- मेन गेट पर ताला लगा दो भाई साहब वरना कोई चोर अन्दर आ सकता है. मैंने उस कामुकता से भरी महिला की बात मान कर ताला लगा दिया और अन्दर आकर दरवाजे की सिटकनी लगा दी. मैंने बोला की मुझे खाना दे दो, मुझे जल्दी घर जाना है. चंद्रकला इठला कर बोली- क्या बात है … घर जाने की बहुत जल्दी है. मेरे साथ थोड़ी देर बैठ भी नहीं सकते क्या? मैंने उसके बड़े बड़े स्तनों को घूरते हुए कहा की भाभी जी मैं तो आपका गुलाम बन गया हूं … और आज क्या … मैं तो पुरे कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान हर दिन पूरी रात तुम्हारे साथ बैठ सकता हूं और सो भी सकता हूं मुझे कोई जल्दी नहीं है. लेकिन मैं नहीं चाहता कि तुम्हें परेशान करूं.

कामुक पड़ोसन भाभी ने शरमाते हुए कहा की आप मुझे थोड़ा तो परेशान कर ही सकते हो … क्योंकि दीदी के नाते में मैं आपकी साली ही लगती हूं. और आप तो जानते ही हो कि साली भी आधी घरवाली होती है. यह बात कहकर वह जोर जोर से हंसने लगी. मैं भी हंसने लगा. हम दोनों ने पहले खाना खाया, फिर रसोई में जाकर सभी बर्तनों को साफ करके वो बेडरूम में बैठ गई. मैं भी मेरी कामुकता से भरी नयी पड़ोसन भाभी की बगल में लेट गया. हम दोनों लेट कर बात करने लगे. तभी मैंने चंद्रकला का हाथ पकड़कर चूम लिया. इतना करते ही वो मेरे पास सरक कर लेट गई और मेरे होंठों पर किस करने लगी.

पड़ोसन भाभी के साथ सेक्स किया उसके पति की गैर मौजूदगी में : हम दोनों की काम वासना की आग में जल रहे थे इस लिए धीरे धीरे करके हमारे सारे कपड़े निकलने लगे. उसने तो पहले ही ब्रा पेंटी नहीं पहन रखी थी, बस ऊपर गाउन पहन रखा था. मैंने पहले उसका गाऊन निकाला और प्यार से उसकी चूची को चूमने लगा. वह मीठी आहें भरने लगी. उसका शरीर गर्म होने लगा. कामुक चंद्रकला मुझसे बोली- तुमने मुझे बहुत तड़पाया है बस अब मुझसे और रहा नहीं जाता जल्दी से मुझे अपनी रंडी बना लो.

फिर हम दोनों ने चुदाई करने के लिए अपने सारे कपड़े निकाल दिए. जैसे मैंने मेरी चड्ढी को निकाला, तो वह मेरे लंड को देखकर बहुत खुश हुई. मेरी कामुक पड़ोसन भाभी बोली की भाई साहब आज तो मजा आ जाएगा आपके साथ सेक्स करने में. मैंने बोला की क्यों आज ऐसा क्या है जो आपको मेरे साथ सेक्स करने में मजा आ जायगा? मेरी कामुकता से भरी नयी पड़ोसन भाभी मेरा खड़ा लंड हिलाते हुए बोली की किंग साइज़ मिला है न.

उस चुदने की प्यासी महिया की बात सुनकर मैं हंस दिया. हम दोनों ने अपने नंगे जिस्म एक दुसरे से मिला दिए और एक दूसरे को चूमने व चाटने लगे. जल्दी ही मामला चुदाई तक आ गया और मैंने उसे मिशनरी पोज में ही सैट करके लंड पेल दिया. मेरी नंगी पड़ोसन भाभी चिल्ला दी. मैंने मेरी कामुकता से भरी नयी पड़ोसन भाभी से पुछा की क्या हुआ? मेरी कामुकता से भरी नयी पड़ोसन भाभी बोली की भाई साहब काफी दिन बाद लंड ले रही हूँ मेरी इस चुदवाने की प्यासी बुर के अंदर और तुम्हारा लंड काफी बड़ा और मोटा भी है.

मैंने हमारी कामुकता से भरी नयी पड़ोसन भाभी को चूमते हुए कहा- बस दो चार धक्कों में सैट हो जाएगा मेरा ये लंबा मोटा लंड तुम्हारी इस टाइट चूत के अंदर. मैंने दो-चार धक्कों के बाद ही चंद्रकला को सामान्य कर दिया और फिर पुरे जोश के साथ उसकी चुदाई करने लगा. अपनी धर्म पत्नी की गैर मौजूदगी में उस दिन पहली बार मैंने आधे घंटे तक मेरी सेक्सी पड़ोसन भाभी चंद्रकला के साथ अवैध सेक्स संबंध बनाये थे. इस दौरान मैंने लगभग हर सेक्स पोजीशन में हमारी कामुकता से भरी नयी पड़ोसन भाभी की बहुत ही खतरनाक चुदाई करी.

उस रात मैंने और चंद्रकला ने चार बार अवैध सेक्स संबंध बनाये थे. मैंने हमारी कामुकता से भरी नयी पड़ोसन भाभी की चुत को इतनी जबदस्त चोदा कि मैं तो धन्य हुआ ही चंद्रकला भी मस्त हो गई. अगले दिन से हम दोनों अवैध सेक्स संबंध बनाकर अपनी हर शाम को रंगीन बनाने लगे. अपने पति की गैर मौजूदगी में वो भी अब पूरी की पूरी रंडी बन चुकी थी और मैं भी मेरी पत्नी की पति की गैर मौजूदगी में पूरा का पूरा कॉल बॉय बन चूका था. दोस्तों उम्मीद करता हूँ की आप सभी को मेरी ये कामुकता से भरी अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी “पड़ोसन भाभी के साथ सेक्स किया उसके पति की गैर मौजूदी में” बहुत पसंद आई होगी…

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