दोस्तों आप सभी का मेरी इस गन्दी हिंदी सेक्स कहानी में बहुत बहुत स्वागत है इस हिंदी सेक्स कहानी के माध्यम से मैं आप सभी को बताऊंगा की कैसे पहले मेरी भतीजी को टाटा सफारी कार में चुदवाने के लिए उत्तेजित करा और फिर कैसे मैंने घने जंगल में ले जाकर और मेरे भाई की वर्जिन बेटी के साथ सेक्स किया था और जीन्स पैंट खोलकर उस कुंवारी लड़की की खूब जमकर चुदाई करी थी तो चलिए अब सीधे हम चाचा और भतीजी की अवैध सेक्स संबंध बनाने वाली गन्दी हिंदी सेक्स कहानी पर चलते हैं. हम उम्मीद करते हैं की आप इस गन्दी हिंदी सेक्स कहानी को पढ़ने के बाद ज्यादा से ज्यादा शेयर करेंगे…

अभी कुछ दिन पहले मुझे और मेरे पुरे परिवार को किसी रिस्तेदार के यहाँ शादी में शामिल होने के लिए जाना था। मेरे परिवार में करीब 10 से ज्यादा लोग थे और सिर्फ एक टाटा सफारी कार थी. टाटा सफारी कार के अंदर सात जनों के बैठने की जगह थी जिसमे तो सभी बड़े बड़े सीट पर अपनी अपनी गांड टिका कर बैठ गए और जो छोटे बच्चे थे उन्हें गोदी में बैठा लिया. मेरी गोद में मेरी भतीजी बैठी थी वो इतनी भी छोटी बच्ची नहीं थी की उसे गोदी में बैठाया जाये मगर क्या करते टाटा सफारी कार में जगह ही बहुत कम थी.

घने जंगल में सेक्स किया भाई की वर्जिन बेटी के साथ चाचा भतीजी गन्दी हिंदी सेक्स कहानी

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जब मेरे भाई की बेटी मेरी गोद में अपनी वर्जिन गांड टेक कर बैठी तो मेरी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा. गाडी चल पड़ी थी करीब पांच घंटे का रास्ता था. मेरा दिल तो मेरे भाई की बेटी की गांड में ऊँगली करने का कर रहा था मगर शुरआत के एक दो घण्टे मैंने एक अछे चाचा की तरह बहुत ही सभ्य तरीके से पूरी मरियाद में रहा. सफर की थकान की वजह से अब कार में मेरे पुरे परिवार को नींद आने लगी और मेरे भाई की बेटी भी सोने लगी. तब मैं धीरे धीरे गांड सालनाने लगा उसके बाद मैं उसको चूचियों पर हाथ रखने लगा मानो की मैं उसको संभाल रहा हूँ.

शुरआत में भतीजी को भी लगा की मैं केयर कर रहा हूँ. और उसको गिरने से बचा रहा हूँ पर कुछ ही देर में उसको भी एहसास हो गया की मैं उसको जिस्म को टटोल रहा हूँ हुआ यों की जब गाडी हिलती तो मैं उसको चूचियों को दबा देता उसको लगता की गाड़ी हिलने की वजह से हुआ है. उसके बाद मैं उसके गांड को सहालने लगा पहले वो एक पेअर के घुटने के ऊपर बैठी थी. जब सब लोग सोने सोने को हो गए तो मैं उसको बिच में ले लिया.

अब जैसे ही मेरा लंड उस जवान और सेक्सी लड़की की गांड की दरार के बिच आया वैसे ही मेरा लंड किसी कोबरा सांप के फन की तरह से खड़ा हो गया और ये बात मेरे भाई की वर्जिन बेटी सुमि को पता चल गयी. शुरू शुरू में तो उसको मेरे किंग कोबरा सांप के जैसे लम्बे और मेरे लंड की चुभन बिलकुल भी अच्छी नहीं लगी क्योंकी वो आगे पीछे होकर मेरे खड़े लंड से अपनी गांड के छेद को बचा रही थी. मगर थोड़ी देर बाद वो कामुक हो उठी और खुद ही आगे पीछे हो होकर मेरे किंग कोबरा सांप की तरह फन मार कर खड़े लंड के मजे लेने लगी. जब जब कार दचके से हिलती मेरे भाई की वर्जिन बेटी भी अपनी गांड को मेरे खड़े लंड पर रगड़ देती.

मेरे भाई की वर्जिन बेटी ने मेरे अंदर कामवासना को जाग्रत कर दिया था और अब मेरा दिल उसके साथ सेक्स करने का कर रहा था मगर इस चलती कार में सेक्स करना संभव नाह था. अब वो मेरे हाथ से अपने स्तनों को मसलवाने को आतुर होने लगी. मेरी कामवासना से भरी वर्जिन भतीजी बार बार मेरा हाथ अपने स्तनों पर रख देती और कातिल निगाहों से मुझे देखती. ओह्ह्ह्ह मुझे भी आनंद आने लगा और उस कामुक लड़की को भी आनंद आने लगा. पर कुछ ही देर बाद हम लोग अपने रिश्तेदार के यहाँ पहुंच गए वो शादी का घर था इस लिए वहाँ पर बहुत रौनक थी.

अब मुझे कुछ भी नहीं सूझ रहा था मेरा सारा का सारा ध्यान मेरी कामुकता से भरी कुंवारी भतीजी पर ही था मैं उसकी बील रूपी चूत में मेरा किंग कोबरा सांप जैसा लंड डालकर उसकी जवानी के मजे लूटना कहता था बीएस मुझे एक अच्छे मौके की तलाश थी. वो भी बार बार घर से निकलकर मुझे ही देख रही थी और इस बात सी मैं समझ चूका था की सेक्स करने की आग तो दोनों तरफ बराबर लगी हुई है. तभी वो आई जहाँ पर मैं बैठा था वहां पर उसके पापा भी बैठे थे. जहाँ शादी में हम लोग गए थे उनका घर घने जंगलों के बीच में था और चरों तरफ घने जंगल ही जंगल थे. तो मेरी भतीजी आई और अपने पापा को बोली पापा आप मुझे घुमाने के लिए इन घने जंगलों में ले चलोगे मैंने आज तक जंगल नहीं देखा.

तो मेरे भइया कहने लगे अरे नहीं नहीं सुबह जाना बेटी अभी तो मुझे बिलकुल भी फुर्सत नहीं है शादी का घर है और मुझे यहाँ रहना जरुरी है. तभी मेरी कामुकता से भरी भतीजी मुझसे बोल उठी की चाचा आप ही मेरे साथ जंगल की तरफ चलो जल्दी आ जायँगे. तो भैया बोले जा जा अँधेरा हो जाएगा इसलिए जल्दी घुमा ला बच्चे को जंगलों में. अब अपनी चूत कपड़ों के उप्पर से ही सहलाते हुए मुझे मेरी भतीजी ने तिरछी नजर से देखा मैंने भी वासना भरी निगाह से देखकर मेरे खड़े लौड़े की तरफ इशारा कर दिया.

हम चाचा और भतीजी दोनों ही एक दुसरे के साथ अवैध सेक्स संबंध के लिए पूर्ण रूप से सहमत थे इस लिए सेक्स करने के इरादे से अन्दर घने जंगलों की तरफ चले गए. सब लोग शादी में बीजी थे इस वजह से हम चाचा और भतीजी को डरने की कोई बात तो थी नहीं. जंगल के तरफ कोई नहीं था. जैसे ही जंगल में हम चाचा और भतीजी थोड़ा अंदर की तरफ गए वैसे ही घनी झंडियाँ आने लगी. घने जंगल में घुसते ही मेरे भाई की वर्जिन बेटी मेरे करीब आई और मेरे होंठ को चूसने लगी.

मैंने भी उस कुंवारी लड़की को उठा लिया और उसकी गांड को सहलाते हुए उसके उस कामुकता से भरी वर्जिन लड़की के शरबती होंठ अपने होंठों से मिलकर चूसने लगा. वो बोली चाचा अब मेरी गांड में और क्या बचा है आज कार में सफर के दौरान तो आप पांच घंटे से इसी को सहला रहे थे अब ऐसा करो आप जल्दी से मेरी चुदाई कर लो और मेरी चुदास शांत कर दो. मेरे भाई की वर्जिन बेटी घनी झाड़ियों के पास बैठ गयी. मैंने सेक्स करने के लिए उसका टॉप उतार दिया और फिर पांच मिनट तक उसके स्तनों से खेलने के बाद उसे चुदाई करने के लिए मिट्टी में लिटा दिया.

चुदाई शुरू करने से पहले मैंने मेरे भाई की वर्जिन बेटी के छोटे छोटे स्तनों को पहले खूब मसला जब तक लाल नहीं हो गया उसके बाद पीया जब तक उसने मुझे छोड़ने नहीं बोली. फिर पहुंचा उसके कुंवारी चूत तक. जैसे हाथ रखा कुंवारी चूत उसका पानी पानी हो गया था. ऊँगली किया तो वो सिहर गयी. घने जंगल में ठंडी ठंडी हवा चल रही थी और पशु व पक्षियों की मधुर वाणी पुरे घने जंगल में गूंज रही थी. अब सेक्स करने के लिए मैंने मेरे भाई की वर्जिन बेटी की जीन्स पैंट निचे कर दी और सेक्स करने के लिए अपनी वर्जिन भतीजी की दोनों टांगो को फैला दिया.

चुदाई करने के लिए मैंने अपना लंड उस नंगी लड़की की कुंवारी चूत पर सेट किया और जोर से घुसा दिया. उसके कुंवारी चूत में पूरा लंड चला गया. तो मैं पूछा किसी और से पहले भी चुदवा चुकी हो क्या. क्यों की आराम से लंड चला गया. तेरी कुंवारी चूत उतनी टाइट तो नहीं है जितनी किसी वर्जिन लड़की की होने चाहिए. वो बोली नहीं नहीं ये तो केले और खीरे का कमाल है चाचा जी वो मैं मेरी कामवासना शांत करने के लिए हर रात खेले और खीरे से हस्तमैथुन करती हूँ ना इस लिए मेरी वर्जिन चूत थोड़ी ढ़ीली हो गयी है.

खैर मुझे तो सेक्स करने से मतलब था अब मैं घने जंगल में पुरे जोश के साथ मेरे भाई की कुंवारी बेटी के साथ सेक्स करने लगा. चूचियां दबा दबा कर जब मैं मेरी नंगी भतीजी की कुंवारी चूत में धक्के देता तो वो आह आह आह आह करती कभी कभी धीरे धीरे कहती. मेरे भाई की कुंवारी बेटी भी अपनी गांड उठा उठा कर चुदवाती और मैं जोर जोर से धक्के देता. करीब दस मिनट तक तो मैंने इसी सेक्स पोजीशन में उसकी चुदाई करी फिर वो मेरे लंड की सवारी करने के लिए मेरे ऊपर आ गयी और मेरा लंड कुंवारी चूत में रखकर बैठ गयी. मेरा पूरा लंड मेरे भाई की बेटी की चूत में किसी तीर की तरह से घुसा गया.

अब वो उछल उछल कर चुदवाने लगी और अब मुझे भी इस सेक्स पोजीशन में उसकी चुदाई करने में आनंद आने लगा. और मैं निचे से धक्के देने लगा. करीब आधे घंटे की चुदाई में वो थक गयी और मेरा भी वीर्य निकल गया. मेरी भतीजी सारे वीर्य को पी गयी. सेक्स खत्म करके जल्दी से हम लोग शादी में शामिल होने पहुँच गए. आज पहली बार मैंने किसी वर्जिन लड़की की चुदाई करी थी और तो और पहली बार आउटडोर सेक्स करा था और मुझे बड़ा आनंद आया. दोस्तों उम्मीद करता हूँ की आप सभी को हम चाचा और भतीजी की आउटडोर चुदाई की ये गन्दी हिंदी सेक्स कहानी “घने जंगल में सेक्स किया भाई की वर्जिन बेटी के साथ” बहुत पसंद आयी होगी…