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पुलिस अफसर ने बेबस दीदी की चूत चोदी और गांड मारी

दोस्तों यह सेक्स कहानी तब की है जब मेरी दीदी को जीजाजी ने पुलिस वाले के लंड से चुदवाया था. आज की इस अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी में मैं आप सभी को बताऊंगा की कैसे मेरी दीदी को जीजाजी की वजह से पराये मर्दों के साथ अवैध शारीरिक संबंध बनाने पड़े थे और कैसे एक पुलिस अफसर ने मेरी बेबस दीदी की चूत चोदी थी और कुतिया बनाकर गांड भी मारी थी. मैं उम्मीद करता हूँ की पुलिस अफसर के साथ मेरी दीदी के सेक्स करने की यह बेबसी भरी सेक्स कहानी आप सभी को बहुत पसंद आयगी. इस कामुकता से भार्जी हिंदी सेक्स कहानी में दीदी की बेबसी का जिक्र किया गया है, जिसे पढ़कर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे.

मेरी बड़ी दीदी की उम्र 27 साल हैं और मेरी उम्र 21 साल है. मैं मेरी दीदी और जीजाजी के साथ ही रहता हूँ क्योंकि मेरे माता पिता नहीं हैं. मेरी दीदी देखने में बेहद सेक्सी हैं. मेरी दीदी शादीशुदा हैं और मेरे जीजाजी सरकारी ठेके लेते हैं. मैं कई बार मेरी दीदी को जीजाजी के सरकारी इंजीनियर दोस्त के साथ अवैध सेक्स संबंध बनाते हुए देख चुका हूँ और उसी दिन से मैं रोज मेरी बहन के नाम की मुठ मारने लगा हूँ. मेरे जीजाजी ही उन्हें अपने फायदे के लिए सरकारी आधिकारियों से चुदवाते हैं. अपनी पति को उन्होंने एक रंडी बना कर रखा हुआ है और जीजाजी को इससे बड़े-बड़े सरकारी ठेके मिलते हैं. एक दिन हम सभी साथ बैठकर खाना खा रहे थे जब अचानक पुलिस ने आकर मेरे जीजाजी को गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस अफसर ने बेबस दीदी की चूत चोदी और कुतिया बनाकर गांड भी मारी अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी

पुलिस अफसर ने बेबस दीदी की चूत चोदी और कुतिया बनाकर गांड भी मारी हिंदी सेक्स स्टोरी

मैंने इंस्पेक्टर से पूछा कि जीजाजी को किस जुर्म में गिरफ्तार कर के ले जा रहे हैं तब उन्होंने बताया कि जीजाजी ने एक सरकारी भवन बनाने में घोटाला किया था जो कल गिर गया है इसी वजह से उन्हें गिरफ्तार करा गया है. हमने पुलिस वालों से बहुत हाथ जोड़ कर विनती करी मगर उन्होंने हमारी एक नहीं सुनी और मेरे जीजाजी को गिरफ्तार करके थाने ले गए. मैं और दीदी अगले दिन वकील से मिलने पहुंचे. वकील ने बताया कि केस बहुत तगड़ा है और जघन्य क़ानूनी धाराएँ लगायी गई जय जिस वजह से जमानत जल्दी नहीं मिलेगी. दीदी ने पूछा कि क्या किया जाए जिससे मेरे पति जल्द से जल्द छूट सकें. वकील ने सलाह दी कि पुलिस इंस्पेक्टर से मिलें और उसे कुछ तोड़ बट्टा करके जघन्य क़ानूनी धाराएँ हटवाएं ताकि जमानत मिलने में आसानी हो सके.

हम बहन भाई थाने में पुलिस इंस्पेक्टर से मुलाकात करने पहुँचे तब हमें पुलिस इंस्पेक्टर ने बताया कि केस बहुत बड़ा है और इस केस को अब डीएसपी साहब खुद देख रहे हैं तो अब आप लोगों को सीधे उनसे ही मिलना होगा। अगले दिन हम डीएसपी से मिलने के लिए उनके दफ्तर गए लेकिन उस वक्त उन्होंने मिलने से मना कर दिया और दीदी को अपना मोबाइल नंबर देकर बाद में फोन करने को कहा। दीदी ने अगले दिन पुलिस अफसर (डी.एस.पी) से फोन पर बात की। पुलिस अफसर ने मेरी दीदी को ऑफिस बुलाने के बजाय अपने घर मिलने के लिए बुलाया और यह बात जानकर मेरे दिमाग के घोड़े दौड़ने लगे की हो ना हो उस पुलिस अफसर की नियत साफ़ नहीं है। फिर मेरी बहन उनसे मिलने के लिए उनके घर चली गयी.

पुलिस अफसर ने मेरी बहन को अकेले ही मिलने के लिए बुलाया था तो मुझे नहीं पता चल सका की उनके बिच क्या सौदा हुआ है मगर जब मेरी बहन उस पुलिस अफसर (डी.एस.पी) से मिलकर घर वापस लौटी तो वो बहुत ही ज्यादा खुश नजर आ रही थे इनकी ख़ुशी देखकर मैं समझ गया की दीदी और पुलिस अफसर के बिच तोड़ बट्टा हो गया है और अब जल्द ही मेरे जीजाजी को जमानत मिल जायगी. दिन के करीब एक बजे मुझसे मेरी दीदी बोलीं की भाई मैंने नाश्ता बना कर रख दिया है तुम खा लेना मैं जरा पार्लर से होकर आती हूँ और वो चली गईं. मैं सोच में पड़ गया कि ये क्या माजरा है साला मेरे जीजा जी बेचारे जेल में बंद है और इधर मेरी दीदी को सुन्दर दिखने की पड़ी है.

एक घंटा बाद दीदी लौटीं, तब मैंने देखा कि दीदी ने बाल सैट करवाए थे और आइब्रो बनबाई हुई थीं. मेरे दिमाग में शक की सुई घूमने लगी ‘जीजा जी जेल में हैं और दीदी पार्लर से क्यों आ रही हैं.’ शाम होते ही दीदी ने कहा- जल्दी से खाना खा लो, मेरी तबियत ठीक नहीं है. मैं सोने जा रही हूँ. तुम भी खाकर जल्दी सो जाओ. मुझे पक्का पता चल गया कि आज दीदी चुदने वाली हैं. मुझे भी उस पल का बेताबी से इंतजार था. मैं भी खाना खाकर बोला- दीदी, अब मैं सोने जा रहा हूँ. मुझे भी जोरों की नींद आ रही है. मेरी बेचारी दीदी बोली की ठीक है, तुम सो जाओ. मैं ऊपर गया और सीढ़ी के पास बने रोशनदान के पास बैठ गया. दीदी ने मेज पर से बर्तन उठाए और किचन में चली गईं. फिर जल्दी से बर्तन धोकर बाथरूम में घुस गईं और दस मिनट बाद एकदम नंगी बाहर निकलीं.

दीदी के बड़े बड़े स्तन शादी के इतने दिनों बाद भी एकदम चुस्त और तने हुए दिख रहे थे. मेरी बेबस दीदी की चूत भी आज एक दम चिकनी दिख रही थी. शायद कुछ देर पहले बाथरूम में बनाई होगी या पार्लर से चूत की वैक्सिंग करवा कर आई होंगी. दीदी अपनी मोटी गांड मटकाती हुई अपने रूम में चली गईं. वो बड़ी खुश लग रही थीं. बैडरूम का दरवाजा खुला हुआ था तो मुझे यहां से भी साफ साफ दिखाई दे रहा था. दीदी ने तौलिये से अपना कामुक जिस्म पौंछा. फिर अपना मंगलसूत्र, चूड़ियां, कान की बाली, नाक की नथुनी आदि सब निकाल कर रख दिया. फिर सारे शरीर पर लोशन लगाया और उसके बाद दीदी ने एक स्प्रे निकाल कर अपनी चूत पर स्प्रे किया. उसके बाद दीदी ने पैन्टी और ब्रा पहनी.

पुलिस अफसर ने मेरी बेबस दीदी की टाइट चूत चोदी और कुतिया बनाकर गांड भी मारी अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी : फिर दीदी ने अपने कामुक जिस्म पर पजामा और एकदम चुस्त कुर्ती पहनी जिसमें मेरी बेबस दीदी की चूचियां एकदम उभरी हुई नजर आ रही थीं. दीदी एकदम कुंवारी लड़की जैसी बन गई थीं. अब दीदी बैचेनी के मारे इधर उधर टहल रही थीं. तभी फोन की घण्टी बजी. दीदी ने तुरंत फोन उठाया और दरवाजे के पास दौड़ कर गईं. दरवाजा खुला और वो पुलिस अफसर अन्दर आ गया. वो 6 फुट का सांड जैसा लग रहा था. उसकी उम्र करीब 40 के आस पास की थी लेकिन वो एकदम फिट और जवान लौंडे जैसा दिख रहा था.

दीदी ने उसको सोफे पर बिठाया और इठला कर बोलीं- साहब कुछ लाऊं आपके लिए? वो मेरी बेबस दीदी की चूचियां देखता हुआ बोला- कुछ नहीं, बस आप आ जाओ. दीदी शर्माती हुई उसके पास बैठ गईं. पुलिस अफसर ने बेबस दीदी की चूत चोदी और कुतिया बनाकर गांड भी मारी अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरीफिर दीदी ने अपने कामुक जिस्म पर पजामा और एकदम चुस्त कुर्ती पहनी जिसमें मेरी बेबस दीदी की चूचियां एकदम उभरी हुई नजर आ रही थीं. दीदी एकदम कुंवारी लड़की जैसी बन गई थीं.

अब मेरी दीदी बैचेनी के मारे इधर उधर टहल रही थीं की तभी उनके मोबाइल फोन की घण्टी बजी. दीदी ने तुरंत फोन उठाया और दरवाजे के पास दौड़ कर गईं. दरवाजा खुला और वो पुलिस अफसर अन्दर आ गया. वो 6 फुट का सांड जैसा लग रहा था. उसकी उम्र करीब 40 के आस पास की थी लेकिन वो एकदम फिट और जवान लौंडे जैसा दिख रहा था. दीदी ने उसको सोफे पर बिठाया और इठला कर बोलीं- साहब कुछ लाऊं आपके लिए? वो मेरी बेबस दीदी की चूचियां देखता हुआ बोला- कुछ नहीं, बस आप आ जाओ. दीदी शर्माती हुई उसके पास बैठ गईं.

उस साले हरामी ने दीदी का चेहरा पकड़ कर उनके होंठों में अपने होंठ फंसा दिए और कुछ देर तक वैसे ही चूसता रहा. दीदी भी उसके बालों में हाथ घुमाती रहीं. फिर उसने दीदी को अपनी गोद में बिठा लिया और ऊपर से ही मेरी बेबस दीदी की चूचियों को दबाने लगा. दीदी को मजा आने लगा था. मेरी बेबस दीदी उस पुलिस अफसर के हाथ को पकड़ कर अपनी चूत के पास ले गईं. वो ऊपर से ही मेरी बेबस दीदी की चूत में उंगली करने लगा. कुछ देर में ही दीदी को मस्ती चढ़ चुकी थी तो मेरी बेचारी दीदी बोली की बैडरूम में चलते हैं. वो दोनों बैडरूम में चले गए और दरवाजा बंद कर लिया. कुछ देर बाद मैं भी बाहर की गैलरी से होता हुआ खिड़की के पास पहुंचा और खिड़की के छज्जे पर चढ़कर रोशनदान से देखने लगा. तब तक दोनों चुदाई करने के लिए अपने कपड़े खोल कर नंगे चुके थे.

दीदी के शरीर पर सिर्फ पैन्टी औऱ ब्रा थी. वो सिर्फ चड्डी पहने था. मेरी बेबस दीदी उस पुलिस अफसर के बगल में लेटकर उसकी छाती को चूम रही थीं. उसके बाद दीदी का हाथ उस पुलिस अफसर की चड्डी के अन्दर चला गया और उसके लंड को मसलने लगीं. दीदी ने उसके लंड को बाहर निकाला तो मैंने देखा कि उसका लंड काफी मोटा लम्बा था. मैं समझ गया कि आज मेरी बेबस दीदी की बुरफाड़ चुदाई होने वाली है. मेरी बेबस दीदी उस पुलिस अफसर के लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने और चाटने लगीं. वो चारों तरफ से मुँह घुमाकर लंड चूस रही थीं. बीच बीच में मेरी बेबस दीदी उस पुलिस अफसर के अंडकोषों को भी मुँह में ले लेतीं. उस पुलिस अफसर को भी अपना लौड़ा चुसवाते और चटवाते मस्ती छाने लगी थी. दीदी जोर जोर से मुँह में लंड को अन्दर बाहर करने लगी थीं.

ब्लोजॉब करवाते करवाते अब उस नंगे पुलिस अफसर का लंड अकड़ने लगा था, वो उठ बैठा और दीदी को पटक कर उनकी छाती पर चढ़ गया और वो अपना पूरा लंड दीदी के मुँह में ठूंस कर उनके मुँह की चुदाई करने लगा. ब्लोजॉब के दौरान उस का मोटा लौड़ा दीदी के गले में अन्दर तक घुस रहा था. दीदी के मुँह से गूँ गूँ की आवाजें निकलने लगी थीं. मुझे ऐसा लगा कि मेरी बेबस दीदी की जान निकल जाएगी. फिर उसने सारा वीर्य दीदी के मुँह में छोड़ दिया और सारा वीर्य दीदी के अन्दर चला गया. कुछ देर बाद जब उसने लंड निकाला तो दीदी लंबी लंबी सांसें लेने लगीं. फिर उसने मेरी बेबस दीदी की ब्रा को फाड़ दिया और मेरी बेबस दीदी की चूचियों को जोर जोर से मसलने लगा. दीदी दर्द से तड़पने लगीं. फिर उसने मेरी बेबस दीदी की दोनों चूचियों को बारी बारी से मुँह में लिया और दोनों चूचियों को जी भरके चूसा.

मेरी बेबस दीदी की दोनों चूचियां लाल लाल हो चुकी थीं. फिर उसका मुँह दीदी के पेट से होता हुआ दीदी के चूत पर पहुंच चुका था. मेरी बेबस दीदी की छोटी सी चूत को उसने पूरा मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया. अब दीदी को भी मजा आ रहा था. वो भी अपनी कमर उठा उठा कर चूत चुसवा रही थीं. दीदी के मुँह से आह आह की आवाज निकल रही थी. मैं भी अपने हाथ से अपने लंड को मसल रहा था. कुछ देर बाद दीदी झड़ गईं. मेरी बेबस दीदी की चूत के नमकीन पानी को वो पुलिस अफसर चाट चाट कर पी गया. तब तक उसका लंड फिर से खड़ा हो चुका था. उसने एक तकिया लेकर मेरी बेबस दीदी की कमर के नीचे रखा. मेरी बेबस दीदी की गुलाबी और फूली हुई चूत देखकर मेरा भी मन चोदने का कर रहा था लेकिन मैं क्या कर सकता था. फिलहाल चुदाई देखकर ही आनन्द लेना था.

अब उस पुलिस अफसर ने चुदाई करने के लिए मेरी बेबस दीदी की टांगों को फैला दिया. मेरी बेबस दीदी की चूत का छेद साफ साफ दिखाई पड़ रहा था. उसने लंड को मेरी बेबस दीदी की टाइट चूत के छेद पर रखा तो दीदी एकदम से सिहर उठी जैसे पहली बार किसी मर्द से चुदने वाली हो. तभी उस पुलिस अफसर ने जोर से धक्का दे दिया.  ऐसा दो तीन बार हुआ तो वो बोला- किसी शादीशुदा औरत की इतनी टाइट चूत तो पहली बार देख रहा हूँ. तुम्हारा पति तुमको नहीं चोदता था क्या? दीदी बोलीं की साहब उनका लंड बहुत छोटा और पतला है. मेरी चूत में लंड रखते ही उनका झड़ जाता है. मेरी गर्मी शांत ही नहीं हो पाती है. फिर उसने मेरी बेबस दीदी की चूची मसल कर कहा- चिंता मत करो, आज मैं तुम्हारी सारी गर्मी झाड़ दूँगा.

मेरी साली रंडी बहन भी चुदवाने के लिए बहुत ही ज्यादा उतावली हो रही थी क्योंकि जब से इंजीनियर गया था, तब से दीदी ने कोई मोटा लंड नहीं लिया था अपनी टाइट चूत और गांड के छेद में. फिर उस पुलिस अफसर ने दीदी के पैरों को अपने कंधों पर रखा और लंड को चूत पर सैट कर दिया. दीदी ने भी अपने दोनों हाथों से चूत को फैला दिया. फिर उस पुलिस अफसर ने जोर का धक्का मारा और उसका आधा लंड चूत में प्रवेश कर गया. दीदी जोर से चिल्लाने को हुईं मगर उन्होंने किसी तरह से खुद अपने मुँह को बंद कर लिया. अभी दीदी दर्द से तड़फ ही रही थीं कि तभी उस पुलिस अफसर ने फिर से एक और धक्का दिया. इस बार उसका पूरा लंड मेरी बेबस दीदी की चूत को चीरते हुए अन्दर तक घुस चुका था. दीदी चिल्लाने और छटपटाने लगीं.

मैं समझ चुका था कि दीदी को वास्तव में दर्द हो रहा है क्योंकि इस पुलिस अफसर का लौड़ा इंजीनियर से भी ज्यादा बड़ा है और मोटा भी है. थोड़ी देर बाद दीदी शांत हो चुकी थीं. अब उस पुलिस अफसर ने मेरी बेबस दीदी की चूचियों को पीना और मसलना शुरू किया. दीदी को भी मजा आने लगा, वो भी खुलकर साथ देने लगीं. करीब 20 मिनट तक ताबड़तोड़ चुदाई चलती रही थी. मेरी बेबस दीदी की चूत से झाग जैसा निकलने लगा था और उनके मुँह से ‘उइ मां उफ्फ आह आह …’ की आवाज निकल रही थी. तभी वो दोनों एक दूसरे से जोर से लिपट गए. पांच मिनट बाद दोनों अलग हो गए. मेरा भी जांघिया कब गीला हो गया था, मुझे भी पता नहीं चला. थोड़ी देर आराम करने बाद वो दोनों फिर से शुरू हो गए.

इस बार उसने दीदी को कुतिया बनाया. दीदी को भी कुतिया स्टाइल में चुदवाना बहुत पसंद था. जीजा जी के इंजीनियर दोस्त से दीदी कुतिया बन कर खूब चुदवाती थीं. अब पुलिस अफसर दीदी के पीछे आकर खड़ा हो गया और मेरी बेबस दीदी की चूत की बजाए उनकी गांड के छेद पर लंड टिका दिया. दीदी घबरा गईं और बोलीं- प्लीज गांड मत मारो सर, बहुत दर्द करेगा. मैं नहीं सह पाऊंगी. उसने दीदी से कहा- तुमने बोला था कि मुझे खुश कर दोगी … और मैं जब तक गांड और चूत दोनों की चुदाई नहीं कर लेता तब तक मेरी अन्तर्वासना शांत नहीं होती है. अगर तुम्हें गांड नहीं मरवाना है तो मैं जा रहा हूँ और तुम्हारे पति को उम्र कैद करवा कर ही दम लूँगा. यह सुनकर मेरी बेचारी दीदी बोली की ठीक है साहब आप मेरी गांड की चुदाई भी कर लो मगर आराम से करना आपका लंड काफी ज्यादा लंबा और मोटा है यदि मेरी गांड फट गयी तो मुझे टट्टी करने में काफी ज्यादा दर्द होगा.

दीदी उठीं और तेल लेकर आ गईं ताकि गांड मरवाने के दौरान उन्हें कम दर्द हो. गांड मरवाने के लिए मेरी रंडी बहन खुद ही अपने हाथ से उस पुलिस अफसर के लंड पर तेल लगाने लगीं और अपनी गांड के छेद पर भी तेल लगा लिया. दीदी फिर से कुतिया स्टाइल में हो गईं. पुलिस अफसर साहब ने मेरी बेबस दीदी की गांड पर अपना मोटा लंड रखकर धीरे धीरे दबाना शुरू किया. उसके लंड का सुपारा मेरी बेबस दीदी की गांड में घुस चुका था. फिर उसने दीदी के चूतड़ों को हाथों से फैलाया और जोर से धक्का दे दिया. तेल के कारण पूरा लंड मेरी बेबस दीदी की गांड में घुस चुका था. दीदी अपना मुँह तकिये में घुसा कर मम्मी मम्मी कहकर रोने लगीं. उसने मेरी बेबस दीदी की चिल्लपौं को नजरअंदाज किया और उनकी गांड में अपने मोटे लंड को अन्दर बाहर करते हुए उनकी गांड मारने लगा.

गांड चुदाई के दौरान जब वो पुलिस वाला अपना लंड बाहर खींचता तो मेरी बेबस दीदी की गांड का लाल लाल गूदा लंड के साथ चिपककर बाहर आ रहा था. वो लगातार अपने धक्के देने की गति बढ़ा रहा था और दीदी चुदवाते चुदवाते किसी छोटी बच्ची की तरह से रोने लगी. करीब 15 मिनट तक पुलिस अफसर मेरी बेबस दीदी की गांड को अपने लंबे मोटे लंड से ऐसे ही फाड़ता रहा और अपने हाथों से दीदी के चूतड़ों पर थप्पड़ मार मार कर गांड चुदाई का मजा लेता रहा. उसने मेरी नंगी दीदी के दोनों चूतड़ों को एकदम लाल कर दिया था. दीदी को कराहता देख मुझे भी बहुत तकलीफ हो रही थी और मेरी बेबस दीदी की पहली बार गांड मराई देखकर मजा भी आ रहा था.

करीब आधे घंटे की गांड चुदाई के बाद उसने सारा वीर्य मेरी बेबस दीदी की गांड में छोड़ दिया और वहीं लेट गया. चुदवाने के बाद मेरी बेचारी दीदी वैसे ही नंगी पड़ी रहीं. कुछ देर बाद वो उठा और बोला- ऑफिस आ जाना, तुम्हारा काम कर दूंगा. फिर वो पुलिस वाला सेक्स करें के बाद चला गया. दीदी ने पलंग की दराज से व्हिस्की का हाफ निकाला और सीधे बोतल से मुँह लगा कर कुछ लम्बे घूँट खींचे और एक सिगरेट सुलगा कर धुंआ उड़ाने लगीं. उनके चेहरे से चिंता की लकीरें कम दिखने लगी थीं पर दर्द दिख रहा था. मैं भी अपने रूम में जाकर सो गया और सुबह उठ कर नीचे आया तो दीदी सोई हुई थीं.

मैं बोला की दीदी आठ बजे गए हैं और तुम अभी तक सोई हुई हो. पुलिस अफसर के ऑफिस नहीं जाना है क्या? मेरी बेचारी दीदी बोली की आज मेरी तबियत बहुत खराब है. बाद में जाऊंगी. बेचारी दीदी ठीक से चल भी नहीं पा रही थीं. पुलिस अफसर से चुदवाने के बाद वो पूरे दिन बिस्तर में पड़ी रहीं शायद आज पहली बार उन्होंने कुछ ज्यादा लंबा और मोटा लंड लिया था जिस वजह से वो घायल हो चुकी थी. फिर जब शाम को वकील साहब के साथ जीजाजी घर आए, तब मेरी समझ में आ गया कि जीजाजी को रिहा करने के बदले पुलिस अफसर ने मेरी बेबस दीदी की चूत चोदी और उन्हें कुतिया बनाकर उनकी गांड मारी है. दोस्तों उम्मीद करता हूँ की आप सभी को मेरी कामुकता से भरी आन्तार्वसना हिंदी सेक्स स्टोरी “पुलिस अफसर ने मेरी बेबस दीदी की टाइट चूत चोदी और कुतिया बनाकर गांड भी मारी” बहुत पसंद आयी होगी.

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