Get Indian Girls For Sex

कार सिखाने के बहाने भाभी को चोदा – Car sikhane ke bahane chudai

car sikhane ke bahane chudai – कार सिखाने के बहाने भाभी को चोदा – कार में भाभी की चुदाई सेक्स स्टोरी

कार सिखाने के बहाने भाभी को चोदा कार में भाभी की छुई सेक्स स्टोरी car me chudai photo

car sikhane ke bahane chudai : हेल्लो दोस्तों , इस कहानी में मैं आपको बताऊंगा की कैसे मैंने आपनी भाभी को चोदा । यह बात दो महीने पहले की है, उन दिनो मेरे भैया अपने दोस्तों के साथ गोआ घुमने गये थे। मैं आपको बता दू की हमलोग , मैं , भाभी और भैया यहाँ कोलकाता में रहते है और मेरा नाम राहुल है। मेरे भैया की उम्र ३० है और भाभी की 24. बाकि सब फैमिली गाव में रहती है। मई  b.sc की पढाई करता हु। अब मैं आपको पहले दिन की बात बताता हु। उस दिन शनिवार था। ( कार सिखाने के बहाने भाभी को चोदा – कार में भाभी की चुदाई सेक्स स्टोरी )  मई कॉलेज से चार बजे आया , मुझे बहुत भूख लगी थी। मई सोफे पे बैठ के टीवी चालू कर दिया और भाभी को खाना के लिए आवाज लगाई।

राहुल- भाभी, बहुत जोरो की भूख लगी है खाना दीजिये।

भाभी ने कोई रिप्लाई नही दिया। मैंने उनके रूम में जाकर देखा तो वो सो रही थी। तो मैंने उन्हें हिला कर जगने लगा लेकिन वो गहरी नींद में थी सायद इसीलिये नही जगी। तो मैंने भी हर नहीं मानी। मैंने दोनो हाथो में पानी भर के उनके चेहरे पर छिटक दिया। भाभी अचानक जग गयी । मई उन्हें देखकर हँसने लगा। ( car sikhane ke bahane chudai )

भाभी – क्या यार । तुमने मेरी नींद ख़राब कर दी।

राहुल – अरे भाभी । मुझे बहुत जोरो की भूख लगी है जल्दी से खाना दीजिये।

हॉट भाभी की चुदाई

भाभी- अगर जोरो की भूख लगी है तो अपने हाथो से ही निकल के खा लेते।

 

राहुल – आपको तो पता ही है मै आपके हाथो का पका ही खाना खाता हु .

भाभी – ओह मेरे प्यारे बच्चु। चल हाथ धो ले मई खाना लगाती हु।

राहुल – ओके।

तब भाभी जाकर खाना लगाने लगती है मैं जाकर टेबल पर बैठ जाता हूं.

भाभी खाना लेकर आती है

मैं टेबल पर बैठ कर खाना खाता हूं उसके बाद जाकर tv देखने लगता हूं।

भाभी भी मेरे बगल में सोफे पर बैठ कर tv देखने लगती है।

एक फिल्म आ रही थी जिसमें हीरोइन गाड़ी बहुत तेज चला रही थी भाभी ने कहा यह देखो इसको कितने तेजी से चला रही है मुझे तो कार चलाना ही नहीं था।

मैंने बोला कि मेरे रहते हुए आपको कार नहीं चलाना आता यह कैसे हो सकता है मैं आपको कल कार चलाना सिखाऊंगा । भाभी की खुश हो गई और बोली अगर मैं  कार चलना सिख गयी तो तुम्हे  एक इनाम दूंगी । मैंने बोला ठीक है।ओर हम लोग सोने चले गए। वैसे तो मई सेक्सस स्टोरीज बहूत पढता हु पर भाभी के लिये मेरे मन में कोई गन्दा ख्याल नही आया। कहनियों में लोग बहुत तरह की बातें कारते है, पता  नही कितनी सच होती।

भाभी को चोदा – ( कार सिखाने के बहाने भाभी को चोदा – कार में भाभी की चुदाई सेक्स स्टोरी )

car sikhane ke bahane chudai – कार सिखाने के बहाने भाभी को चोदा – कार में भाभी की चुदाई सेक्स स्टोरी


मई एक देवर भाभी की सेक्स स्टोरी पढ़ने लगा जिसमे एक देवर अपनी भाभी को खूब चोदता है, और भाभी भी उससे चुदवाने के लिए बेचैन रहती है।

मैंने सोचा क्यों ना मैं भी थोड़ा मजा लू, पर मैंने आज तक सेक्स नही की थी और ना ही किसी के बूब्स दबाये थे, मेरे पास 1% का भी एक्सपेरिएंस नही था सो मैंने मजा वाली बात छोड़ दी।

फिर मैंने सोचा पूरा मजा नहीं तो थोड़ा ही सही

क्यों ना भाभी की चूचियों को देखकर ही मजा लिया जाय।

मेरी भाभी बहुत ही सेक्सी है । कोई भी उनको देखेगा तो भाभी की चुदाई  करने को सोचेगा। इनके मस्त गांड में लंड घुसाने की सोचेगा । उनके बड़े बड़े बूब्स दबाने की सोचेगा।
मैं कोई आईडिया सोचने लगा फिर मेरे दिमाग में आया की जैसे भाभी अपने कमरे में सोई रहती है और उनका ब्लाउज खुल गया रहता है। यही सोचकर मैं भाभी के कमरे के तरफ गया। क्योंकि भाभी का अंदर से बंद नहीं था इसलिए मैं थोडा खोलकर अंदर झांकने लगा।

ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्  Shhiiiiiiiiiiiit,,,,

यहाँ तो मामला कुछ और ही है।

ये क्या?

भाभी तो मुठ मार रही हैं।/भाभी को चोदा /

मैं जैसे अपने कम्बल में मुठ मरता हु वैसे ही पर थोडा धीरे धीरे।

उस समय मेरे मन में आया

क्या भाभी के पास एक लंड है?

इसिलिए भाभी के अभी तक कोई बच्चे नही हुए?

जैसे पोर्न मूवीज में होता है की लड़कियो के पास भी लंड होते है।

मेरे जासूसी दिमाग ने ये सोचने ही नहीं दिया की वो डिल्डो भी तो हो सकता है जिसको औरतें इस्तेमाल करती हैं।

मैं हिम्मत करके धीरे धीरे जाके भाभी के पलंग के निचे छिप गया।
मैँ जाके पलंग के निचे छिप गया।

भाभी की सिअकियां धीरे धीरे तेज होने लगी।

आआआआआआआह्ह् ऊऊऊऊऊऊऊऊऊफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्

ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्

और जोर जोर से भाभी आआआआआआह्ह्ह् ओह्हह्हह्हह्ह करने लगी। पलंग थोड़ा थोड़ा हिल रहा था। भाभी को चोदा

1 मिनट जे बाद आवाज शांत हो गयी। शायद भाभी का पानी निकल चूका था। तुरंत ही वो पलंग से उतारी और बाथरूम में चली गयी। मै तुरंत पलंग के निचे से निकला और देखा तो पलंग पर भाभी का डिल्डो पड़ा हुआ था। मेरा शक गलत निकला। मै भाग कर अपने रूम में आ गया।  अपने बेड पर लेट कर भाभी के बारे में सोचने लगा। जल्द ही मुझे नींद आ गयी।

कर में भाभी को चोदा

( कार सिखाने के बहाने भाभी को चोदा – कार में भाभी की चुदाई सेक्स स्टोरी ) , Bhabhi ki chudai, car me bhabhi Ko choda, bhabhi ki gand me Mota lund, bhabhi ki chut ki chudai, 

रूम में भाभी को चोदा

 

सुबह किसी के आवाज लगाने पर मेरी नींद खुली। सामने देखा तो भाभी हाथ में चाय का कप लिए खड़ी थी। मेरे आँख खोलते ही उन्होंने मुझे गुड मॉर्निंग कहा और चाय का कप मुझे दिया।

भाभी – गुड मोर्निग देवर जी।

मै – गुड मॉर्निंग भाभी जी। आज अपने देवर पर इतना प्यार क्यों आ रहा है?

भाभी- क्यू? मै तुम्हें देवर जी नही कह सकती क्या?

मै- नहीं मेरा मतलब वो नही था।

भाभी- चलो कोई नी। जल्दी से फ्रेश होकर आ जाओ नास्ता रेडी है।

मै- ओके भाभी जी।

भाभी मुस्कुराई और चली गयी।

 

मै कुछ देर में फ्रेश होकर बाहर आया। मै और भाभी साथ में नास्ता कर रहे थे।

तभी मेरे दिमाग में कुछ सुझा, मैंने गाजर का एक टुकड़ा भाभी के मुँह के तरफ किया। ये मेरा भाभी को एक इशारा था की वो मेरे हाथ से खाये।

भाभी थोड़ी हैरान हुई क्योंकि मैंने पहले कभी भी ऐसा नही किया था । फिर भाभी ने गाजर का टुकड़ा मुँह में ले लिया । इस बार उन्होंने भी मुझे एक टुकड़ा खिलाया । मैंने बिना कुछ बोले खा लिया। इस बार जब मैंने उन्हें खिलाया तो उन्होंने मेरे उंगलियो को अपने दांतों के बिच दबा लिया जिससे मेरे मुह से धीरे से आह निकल गयी और भाभी की हँसी भी।

भाभी- आज sunday है। कल तुमने कुछ प्रोमिश किया था।

मै – हा मुझे याद है। आपको कार चलना सिखाना है।

भाभी- गुड बॉय।

मै- तो चलिए।

हमलोग नास्ता ख़त्म करके बाहर आ गए। बाहर थोड़ी सी जगह थी जो कार के एक राउंड के लिए काफी थी।

मैंने कार निकली। मैंने भाभी को ड्राईवर के सिट पर बैठने को बोला और खुद बगल वाली सीट पर बैठ गया।

रात में भाभी को चोदा

मैंने भाभी से कार स्टार्ट करवाई और एक हाथ से भाभी का हाथ जो स्टेयरिंग पकडे हुए था उसपर रख कर कार को राउंड घुमा रहा था। भाभी के हाथ छूने की वजह से मेरा लंड धीरे धीरे खड़ा होने लगा। मैंने अपना एक हाथ अपने लंड पर रख लिया ताकि इसका इरेक्शन भाभी को न दिखाई दे।

भाभी- अरे यार मुझे ये ब्रेक और एस्लेटर और क्लच में confusion हो रहा है।

मेरे सोचा क्यों न मै ड्राइविंग सीट पर बैठ जाऊ और भाभी को अपने आगे बैठा लू। पर ये करना अभी ठीक नही होगा। भाभी मना कर देगी और नाराज भी हो सकती है।

मै- मेरे दिमाग में एक आईडिया है।

भाभी- क्या आईडिया है?

मै- पर……

भाभी- क्या पर?

मै- पर…..

भाभी- अरे कुछ बोलोगे भी या पर पर लगाये रहोगे।

मै- ये आईडिया थोडा अनसूटेबल है।

भाभी- क्या?

मै- मेरा मतलब , अगर मेरी गर्लफ्रेंड होती तो उसको कर सकता था।

भाभी- क्या कर सकते थे? तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड भी है और मुझे नही बताया। सो sad।

मै- नही भाभी मेरी कोई गर्लफ्रेंड नही है। मै ये कह रहा था की मै ड्राइविंग सीट पर बैठ जाता और जो मेरा मतलब जिसको सीखना है वो मेरा आगे…..

भाभी- ओह ! ये आईडिया तो बहुत अच्छा है। वैसे भी मै तुम्हारी भाभी हूँ। इतना तो कर ही सकती हूं।चलो आओ मेरे पीछे बैठ जाओ।

मै- नहीं मै…..

अरे देवर जी समझ लो की मै तुम्हारी gf हूं।

मै- पर…

भाभी मुझे खीच कर ड्राइविंग सीट पर बैठा लेती है फिर मेरी टाँगे फैला कर बिच में जगह बना के बैठ जाती है।

मेरी तो हालत ही ख़राब हो गयी।

भाभी का पीठ मेरे चेस्ट से टच हो रहा था । मेरा लंड जो पहले से ही खड़ा था अब अपनी पूरी औकात में आ गया था।

मैंने आगे का प्लान तुरंत बनाया।

मैंने भाभी का हाथ स्टेयरिंग पर रखा और उनके ऊपर अपना हाथ। फिर मैंने कार को थोडा स्पीड में आगे बढ़ाया और ब्रेक ले ली। भाभी के मुह से एक आह निकल गयी। ब्रेक की वजह से मै थोडा आगे खिसका अब मेरा लंड भाभी की गांड में पूरी तरह से टच हो रहा था। मन तो कर रहा था अभी भाभी की सलवार उतार के लंड उनकी गांड में डाल दू पर डर भी था।

मै- आह।

भाभी मुड के मेरे तरफ देखती हुई।

भाभी- क्या हुआ?

मैंने भाभी को खड़ा कर के बगल वाले सीट पर चला गया और अपने लंड को पैंट के ऊपर से ऐसे सहलाने लगा मनो चोट लग गयी हो।

भाभी घबराते हुए।

भाभी- अरे क्या हुआ?

मै- नही कुछ नही। वो….

भाभी- ओह सॉरी लाओ मै देखु।

इतना कह कर भाभी ने लंड को अपने हाथो से सहलाने लगी।

भाभी- ऐसे तो पता ही नही चलेगा की कहा चोट लगी है, इसे बाहर निकालो..

मै- नही मुझे शर्म आती है।

भाभी- जब मेरे पीछे ऐसे खड़ा करके मेरी गांड में घुसा रहे थे तब शर्म नही आ रही थी।

इतना कह कर भाभी ने मेरा लंड बाहर निकाल दिया और हाथ में लेकर धीरे धीरे सहलाने लगी।

मुझसे अब रहा नही गया मैंने अपना हाथ भाभी के बूब्स पर टिका दिए।भाभी को चोदा

भाभी- कुछ करोगे या बस ऐसे ही।

मैंने सेक्सी भाभी की सलवार उतार कर अलग रख दि । फिर कमीज को भी उतार दिया। फिर भाभी को पुरी तरह से नंगा कर दिया और उनके बूब्स चूसने लगा । कुछ देर बाद भाभी ने मुझसे कहा देवर जी अब मुझे भी चूस लेने दो। अब भाभी मेरा लंड अपने मुह में लेकर चूसने चाटने लगी। मूझे लाइफ में पहली बार इतना आनंद मिला था।

मैंने भाभी को सीट पर बैठाया और उनकी टाँगे फैलाई। अपना लंड उनकी चूत पर रखा और एक झटके में पूरा अंदर घुसा दिया। भाभी की आह निकल गयी। मै- आअह्ह्ह्ह्ह भाभी मेरी जान मै तुम्हे कई दिनों से चोदना चाहता था ।

भाभी- हाय मेरी जान चोद अपनी रंडी भाभी को जितना दम है लगा दे आज फाड़ दे मेरी चूत को बहुत दिनों से प्यासी है

आआआआआआःह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह

ऊह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् उम्म्म्म्म्म्म्म उफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़् चोद्दद्दद्दद्दद्द मेरी जान अपनी रंडी भाभी को आज जी भर के चोद अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह्ह…..

15 मिनट के बाद हमलोग झड़ गए। मुझे बहुत मजा आया और भाभी तो कुछ ज्यादा ही खुस थी क्योंकि उनकी प्यास बुझाने के लिए उनका राजा जो आ गया था। फिर हमलोगों ने अंदर जा के एक बार चुदाई की।

अब जब भी मौका मिलता है हमलोग जम के चुदाई करते हैं। – car sikhane ke bahane bhabhi ke chudai – car sikhane ke bahane chudai – car sikhane ke bahane randi bhabhi ke chudai

car sikhane ke bahane chudai – कार सिखाने के बहाने भाभी को चोदा – कार में भाभी की चुदाई सेक्स स्टोरी

Subscribe to Blog via Email

Enter your email address to subscribe to this blog and receive notifications of new posts by email. इस ब्लॉग की सदस्यता के लिए अपना ईमेल पता दर्ज करें और ईमेल द्वारा नई पोस्ट की सूचनाएँ प्राप्त करें।

Name *

Email *

Advertisement