सेक्स खिलौना महिलाओं से दूर रहने वाले पुरुष सेक्स उत्तेजना के लिए काम में लाते है

सेक्स खिलौना महिलाओं से दूर रहने वाले पुरुष सेक्स उत्तेजना के लिए काम में लाते है

सेक्स खिलौना महिलाओं से दूर रहने वाले पुरुष सेक्स उत्तेजना के लिए काम में लाते है : सेक्स के खिलौनों, जिन्हें मैं सुख के साथी या सीधे-सीधे सुख के खिलौने कहना पसंद करती हूँ, क्यों की जब आप अपने फेवरेट सेक्स टॉय के साथ सेक्स सेशन का आनंद लेते हैं तो दुनिया के अनोखे सुख का आनंद आपको मिलता है. सेक्स खिलौना महिलाओं से दूर रहने वाले पुरुष सेक्स उत्तेजना के लिए काम में लाते है : सेक्स खिलौने वयस्क खिलौने एक विशेष प्रकार का डिवाइस है, जो लोगों को अधिक आनंद महसूस करने के लिए यौन क्रिया के दौरान उपयोग किया गया था। सेक्स के इंडियन खिलौने खिलौने की मदद से लोग आसानी से अपनी यौन आवश्यकता को पूरा कर सकते हैं।

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सेक्स खिलौना महिलाओं से दूर रहने वाले पुरुष सेक्स उत्तेजना के लिए काम में लाते है

सेक्स खिलौना (अंग्रेजी: sex toy) या वयस्क खिलौना एक वस्तु या उपकरण है, जो मुख्य रूप से मानवीय यौनानंद के लिए इस्तेमाल किया जाता है। सबसे लोकप्रिय सेक्स खिलौनों को मानव के गुप्तांगों के समान आकार का बनाया जाता है और यह कम्पनशील या अकम्पनशील हो सकते हैं (जैसे डिल्डो)।

इस शब्द में सभी BDSM उपकरण और सेक्स उपस्कर शामिल हैं, लेकिन गर्भनिरोधक, अश्लील साहित्य, या कंडोम जैसी वस्तुओं को सेक्स खिलौनों की श्रेणी मे नहीं डाला जा सकता। सेक्स टॉय वे टूल्स या उपकरण हैं, जो सेक्शुअल आनंद को बढ़ाते हैं। इनका उपयोग केवल अकेले में अपने सेक्शुअल आनंद के लिए ही नहीं किया जाता, बल्कि अपने पार्टनर के साथ सेक्स सम्बन्ध को और मजेदार बनाने के लिए भी इनकी मदद ली जा सकती है। पहले सेक्स टॉय को अजीबो-गरीब सनकी और विशेष लोगों के शौक के रूप में समझा जाता था। सेक्स टॉय खरीदने को लेकर आज भी लोगों में काफी संकोच होता है।

विडियो देखे SEX TOY सेक्स खिलोने का महत्त्व

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भारत के इस शहर में सेक्स toy सबसे ज़्यादा ख़रीदे जाते है

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Sex Toy का बड़ा बाज़ार बनता जा रहा है भारत

डिल्डो (कृत्रिम लिंग)

डिल्डो का आविष्कार (23,000 B.C.) पूरी मानवजाति के लिए उपहार के सामान था। पत्थर की गांठ या फिर लकड़ी के आकार कृत्रिम शिश्न बनाया जाता था। जर्मनी में 2005 में 8 इंच का लंबा पत्थर मिला था (तस्वीर में). उसकी आयु करीब 26,000 साल आंकी गई। इतनी पुराने समय के डिल्डो की आज के समय में हूबहू नकल बताती है कि उस दौरान भी सेक्स सबसे ज्यादा कौतुहल का विषय था।

पेनिस एनलार्जमेंट (तीसरी शताब्दी ए. डी.)

सेक्स ज्ञान पर आधारित कामसूत्र में जीवन जीने से लेकर सेक्स करने तक के बारे में बताया गया है। हम कई बार देखते हैं कि हमारे ईमेल में स्पैम मेल की भरमार होती है। जिसमें सबसे ज्यादा लिंगवर्धक (पेनिस एनलार्जमेंट) के विज्ञापन होते हैं, इसमें किसी ख़ास क्रीम के बारे में बताया जाता है। कामसूत्र के रचियता वात्सायन ने ‘अपद्रव्यास’ के बारे में बताया था। यह सोने, हाथीदांत, चांदी, लकड़ी के मिश्रण से बनी होती है। यह दवा चीनी मिट्टी के बर्तन बनने (7वीं सदी), जीरो की खोज (9वीं सदी) और रोम के पतन से भी पहले बन चुकी थी।

 

द पेनिस रिंग (1200)

प्राचीन काल में महिलाओं को अत्यधिक सुख की चाह होती थी। तब पेनिस रिंग से काम आसान बनाया जाता था। लोहे छल्ले को कस कर पुरुष के लिंग पर बांधा जाता था, जिससे नसों में खून के बहाव को कम किया जा सके और वह लंबे समय तक संभोग कर सके. इस दौरान महिलाओं को अपार सुख की प्राप्ति होती थी, लेकिन पुरुष अंदर ही अंदर दर्द से कराह रहा होता था।

 

कंडोम (1560)

क्या हमारे प्राचीनकाल में कंडोम का इस्तेमाल होता था। संभव है, संभोग के दौरान लोग कुछ न कुछ तो पहनते ही थे। यह कहना मुश्किल है कि यह गर्भनिरोधक के लिए पहना जाता था। आज के समय में यह सबसे ज्यादा लोकप्रिय चीज है। पुराने समय में इसके सबसे सच्चे प्रमाण 1564 के आसपास मिलते हैं।

 

द वायब्रेटर (1969)

‘विक्टोरियन काल’ बड़ा ही ख़ास समय माना जाता था। ब्रिटेन दुनिया पर हुकूमत करता था। मिरगीग्रस्त महिलाओं का इलाज डॉक्टर मैथुन से करते थे। दरअसल, मिरगी पीड़ित महिलाएं कमजोर होती थीं, उन्हें ठीक करने के लिए उनके प्राइवेट पार्ट को रगड़ा जाता था। जब तक कि वह संभोग सुख हासिल न कर लें। लेकिन, बाद में डॉक्टर्स को इसमें बोरियत होने लगी। तब, जॉर्ज टेलर ने पहला स्टीम पॉवर वायब्रेटर का आविष्कार किया। यह असफल रहा। 1880 में जे. ग्रेनविले ने इलेक्ट्रोकेमिकल डिजाइन बनाया, जो महिलाओं में बहुत लोकप्रिय हुआ।

 

ब्लो अप डॉल्स (1904)

17वीं सदी में अपने घर और महिलाओं से दूर रहने वाले पुरुष सेक्स उत्तेजना के लिए रबर की डॉल का इस्तेमाल अपनी संतुष्टि के लिए करते थे। वे इससे मुखमैथुन का आनंद उठाते थे। फ्रांसीसी नाविकों ने पहली बार इस तरह के उपकरण का इस्तेमाल किया। लेकिन इसका सबसे ज्यादा लोकप्रिय मॉडल 1904 में पेटेंट कराया गया। तब इसके बारे में कहा गया था कि यह सिर्फ सज्जन पुरुषों के लिए है।

 

मास्टरबेट सेशन के बाद आपको सेक्स टॉय का सही तरह से ख्याल रखने की भी ज़रूरत होती है…

मास्टरबेट सेशन के बाद आपको सेक्स टॉय का सही तरह से ख्याल रखने की भी ज़रूरत होती है। जितनी देर आप इंटरनेट पर बेस्ट सेक्स टॉय की तलाश करने में समय लगाते है उतना ही समय आपको इसके देखभाल में भी समय देने की ज़रूरत है। यानि सेक्स टॉय का इस्तेमाल करने के बाद आपको इन बातों का ख्याल रखना चाहिए.

साफ-सफाई- अगर आप इस्तेमाल करने के बाद इसको किसी ड्रायर या कैबिनेट में यूं ही रख देते हैं तो हो जाये सावधान! क्योंकि वहां की पूरी गंदगी अपने में समेट लेगा। आप दिन में जितनी भी बार इसका इस्तेमाल करें इसको धोकर या साफ करके रखना न भूले। अगर हो गई तो इंफेक्शन होने का पूरा खतरा होता है जैसे यूटीआई आदि। हर बार एन्टीबैक्टिरीयल साबून और पानी से धोये ज़रूर।

दूसरे चीजों से अलग रखें-इस्तेमाल करने के बाद साफ करना तो भूलना ही नहीं चाहिए लेकिन उससे भी ज़रूरी होता है कि सेक्स टॉय किसी वायरस के संपर्क में न आये। इस बात का ध्यान रखें कि आप अपने किसी भी दोस्त या रूममेट के साथ इसको शेयर न करें। इसलिए इस्तेमाल के बाद हमेशा दूसरों चीजों से अलग रखें।

कैसे करेंगे स्टोर- अगर आप बैटरी वाला सेक्स टॉय यूज़ कर रहे हैं तो स्टोर करने के बाद बैटरी निकाल कर रखें। बैटरी के साथ रखने पर टॉय ज्यादा दिनों तक नहीं भी चल सकती है या खराब हो सकती है। इसलिए बैटरी निकाल कर रूमाल में लपेटकर ही इसको रखें। ताकि अगले बार इस्तेमाल करने के पहले वह साफ रहे। – https://www.thehealthsite.com/hindi/sexual-health/after-you-use-a-sex-toy-you-must-do-these-things-m1017/

 

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