Get Indian Girls For Sex
   

मामी ने कहा कि तुमने मेरी बुर चूसी है, अब मैं भी तुम्हारा लंड चूसूंगी

Big Black Cock Ass Fucking Pic Latina MILF babe Emma Cummings gets bukkake after interracial fuck MILF Babe sucking black cock XXX nude pic (10)

मामी ने कहा कि तुमने मेरी बुर चूसी है, अब मैं भी तुम्हारा लंड चूसूंगी : यह बात कोई 6 महीने पहले की है लेकिन है बिलकुल सच्ची ! मैं किसी काम से मामा के यहाँ गया जो कि शहर में रहते हैं। यह भी दखे : ऐश्वर्या राय की चूत और गांड में हाथ घुसाया और कार में की चुदाई हिंदी सेक्स स्टोरी …जब मैंने घर पहुंचकर घण्टी बजाई तो दरवाजा मेरी मामी ने खोला। और गजब……… मैंने देखा तो फिर देखता ही रह गया। मेरी मामी इतनी खूबसूरत थीं कि उनको देखते ही मेरा मुँह खुला का खुला ही रह गया, चौंका तब जब कि मामी ने पूछा कि कहाँ खो गये? मेरे मुँह से आह की आवाज निकल गई। मैंने कहा- आप में ही खो गया हूँ ! आप सुन्दर ही इतनी हैं कि होश ही न रहा ! यह सुनकर मामी शरमा गईं और कहा- उंह ! चलो अंदर !

Labels: Aunty Stories, मामी  Desi Stories, मामी  Hindi Sex Stories, मामी  Hindi Stories, मामी  Mami Ke Saath, मामी  Sex Story hindi fonts

मैं अंदर आ गया तो मामी से पूछा- मामा कहाँ हैं ?

तो मामी ने बताया- वे काम से शहर से बाहर गये हुए हैं, शाम तक आ जायेंगे।

उस समय दस बज़े थे। तब मामी बोली- तुम बैठो, मैं चाय लेकर आती हूँ।

मैं वहाँ पर बैठ गया और मामी चाय लेने चली गईं। मैं मामी के बारे में सोच रहा था। उनकी उम्र 20 साल की थी और फिगर 34-26-34. वोह गॉड. अब मैं सोचने लगा कि कैसे मामी की चुदाई की जाये। लेकिन मुझे कुछ ज्यादा मेहनत नहीं करनी पडी मामी ने खुद ही शुरूआत कर दी। थोड़ी देर बाद मामी चाय लेकर आ गई। चाय पीते हुए मैं मामी को बड़े ध्यान से देख रहा था, खास तौर से उनकी चूचियों को जो कि उस समय टॉप में से छलक कर बाहर आने को हो रही थीं और जींस की पैंट में कसे हुए चूतड़ ! वाह वाह क्या गजब के थे ! पतली कमर लोच खाती हुई ! मस्त मस्त ! सब कुछ मस्त ही तो था।

यह सब देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया था। मामी यह जानकर भी अंजान बनकर बैठी हुई थीं कि मैं उनको देख रहा हूँ और मुस्कुरा भी रही थीं।

अचानक मामी ने मुझसे पूछा- क्या देख रहे हो?

और मैं हड़बड़ा गया। इसी हड़बड़ाहट में मेरी थोड़ी सी चाय मेरे लंड के पास जांघों पर गिर गई। चाय गर्म थी इसलिए मैं जोर से चीख पड़ा। मेरी चीख सुनकर मामी खड़ी हो गईं और मेरी तरफ लपकी। इसी हड़बड़ाहट में वे चाय को मेज पर रखना भूल गईं और उनकी चाय जो कि आधी से भी कम बची हुई थी उनकी भी बुर के पास जांघों पर गिर गई। मैंने फौरन ही चाय मेज पर रखी और मामी की तरफ़ लपक कर उनकी जींस पर से चाय झाड़ने लगा। चाय झाड़ते हुए कई बार मेरा हाथ उनकी बुर पर भी लगा।

मामी बोली- उफ ! उधर तुम्हारी पैंट पर चाय गिरी और इधर मेरी पैंट पर !

और वो हा हा ही ही करके हंसने लगी। उनको हंसते देखकर मुझे भी हंसी आ गई। लेकिन चाय से होने वाली जलन से मेरी आँखों में आंसू आ गये थे।

उन्होंने कहा- मेरी पैंट तो भीग गई है उतारनी पड़ेगी !

और जब तक मैं कुछ समझता उन्होंने अपनी पैंट नीचे खिसका दी। अब उनकी केले के तने की तरह चिकनी जांघें चमचमा उठीं और मेरा लंड और भी तेजी से खड़ा हो गया।

उन्होंने कहा- यह देखो, यहाँ पर चाय गिरी है !

उन्होंने अपनी जांघ सोफे पर रखकर मुझे दिखाई। उफ्फ़ ! क्या गोरी गोरी चिकनी जांघें थी !

मैंने कहा- मामी, तुम्हारी जांघें कितनी चिकनी हैं !

तो उन्होंने मेरा हाथ पकड़ कर अपनी जांघों पर रख दिया और कहा- पहले मुझको इस दर्द से छुटकारा दिलाओ, फिर तारीफ करना !

मैंने कहा- मामी, तुम्हारी जांघें चाटनी पड़ेंगी तब तुमको इस दर्द से छुटकारा मिलेगा।

मामी ने कहा- चाहे जो करो, लेकिन जल्दी करो !

वे सोफे पर बैठ गईं। मैं मामी की जांघ को जोर जोर से चूमने चाटने लगा। करीब एक मिनट के बाद मैंने अपने हाथों से दूसरी जांघ भी सहलानी शुरू कर दी। मामी चुपचाप आंखें बंद किये मजा ले रही थीं और हल्के हल्के आह उह की आवाजें निकाल रही थीं। मैं जानता था कि चाय इतनी भी गर्म नहीं थी कि फफोले पड़ जायें लेकिन मामी चुदासी थीं, यह अब पता चल रहा था। Labels: Aunty Stories, मामी  Desi Stories, मामी  Hindi Sex Stories, मामी  Hindi Stories, मामी  Mami Ke Saath, मामी  Sex Story hindi fonts

थोड़ी देर बाद मामी बोलीं- हाँ अब दर्द बहुत कम हो गया है !

तो मैंने कहा- मामी मैं दूसरी जांघ को भी चाट लूं !

तो उन्होंने पहले तो मुझे घूरकर देखा फिर धीरे से कहा- अच्छा जो चाहो, चाट लो !

तब मैंने दूसरी जांघ भी चूमनी चाटनी शुरू की और धीरे से अपना एक हाथ उनकी पैंटी पर फिराने लगा। मैंने देखा कि मामी की पैंटी पूरी गीली हो चुकी थी। पैंटी पर हाथ फिराते फिराते मैं उनकी बुर पर भी हाथ फिराने लगा जो कि एकदम गीली थी।

जब मामी कुछ नहीं बोली तो फिर मैं समझ गया कि रास्ता एकदम साफ है। मैंने धीरे से अपना हाथ उनकी पैंटी में डाल दिया और सहलाने लगा। अब मामी जोर जोर से उंह आह आह सीईईईईई आहहहह कर रही थीं। मैं समझ गया कि उनको मजा आने लगा है।

अब मैंने जांघे चाटनी छोड़ कर मुँह ऊपर उठाया तो मामी ने कहा- और जोर से चाटो ! चाटना क्यों छोड़ दिया? मैंने कहा- मामी, मैं अब तुम्हारी बुर चाटना चाहता हूँ !

तो मामी ने गुस्से से मेरी तरफ देखा और कहा- मैंने पहले ही तुमसे कहा था कि जो चाटना चाहो ,चाटो ! मुझसे पूछने की जरूरत नहीं है।

मैं फौरन अपना मुँह मामी की पैंटी के पास ले गया और उनकी बुर को ऊपर से ही चूसने लगा। फिर मैंने उनकी पैंटी को पकड़ा और मामी से कहा- अपने चूतड़ थोड़ा ऊपर उठाओ ताकि मैं तुम्हारी पैंटी को निकाल सकूं।

मामी ने बिना कुछ बोले अपने चूतड़ ऊपर उठाये और मैंने एक झटके से उनकी पैंटी निकाल दी।

वाह एकदम चमाचमा उठी उनकी चिकनी बुर ! कामरस से भीगी हुई ! कितने मोटे मोटे होंठ थे उनकी बुर के ! एक भी बाल नहीं था ! एकदम सफाचट थी !

मैंने उनकी बुर को खोला तो उनका लाल सुर्ख दाना चमक उठा और बुर का छेद पच्चीस पैसे के सिक्के जितना छोटा था। मैं तुरन्त ही अपना मुँह उनकी बुर के पास ले गया और चाटने लगा। मैं अब मामी की