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मेरी चाहत एक कॉल गर्ल निकली

Meri chahat ek name lady nikali:

kamukta,chut chudai

मेरा नाम राहुल है मैं कानपुर का रहने वाला हूं। बचपन में मेरी एक दोस्त हुआ करती थी उसका नाम कृतिका था। मैं और कृतिका साथ में पढ़ा करते थे और हम दोनों हमेशा साथ में खेलने जाया करते थे। धीरे-धीरे हम बड़े हुए और स्कूल से कॉलेज जाने लगे। कॉलेज में भी हम दोनों साथ-साथ रहते थे और कॉलेज भी साथ ही जाते थे। कीर्तिका और मैं बहुत अच्छी दोस्त है कॉलेज पूरा होने के बाद कृतिका कानपुर में ही जॉब करने लगी थी। लेकिन मुझे कहीं दूसरे शहर में जॉब मिली। मैंने सोचा था कि मुझे और कृतिका को साथ में जॉब मिलेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कॉलेज पूरा होने के बाद हम दोनों अलग अलग हो गए थे। मैं कानपुर से कोलकाता चला गया और वही जॉब करने लगा बीच-बीच में कभी कभार मैं कानपुर आ जाया करता था और कृतिका से मिला करता था।

इसके बाद जब मैं कोलकाता गया जाँब करने तो मैंने ऑफिस ज्वाइन कर लिया। काफी समय से मे नागपुर नहीं गया था क्योंकि मुझे समय ही नहीं मिला। मैं अपने काम में बहुत उलझ गया था फिर एक दिन इतने सालों बाद मैं नागपुर गया। जब मैं कृतिका के घर गया तो मैंने कृतिका की मां से पूछा कि कृतिका कहां है तो उसकी मां ने बताया कि कीर्तिका की तो शादी हो चुकी है। अब वह अपने ससुराल में ही है मैं यह सब सुनकर चौंक सा गया मैंने कीर्तिका की मां से पूछा कृतिका की शादी कब हुई और उसने मुझे बताया क्यों नहीं। तब आंटी ने कहा कि उसकी शादी बहुत जल्दी बाजी में हुई और हमने  अपने पूरे रिश्तेदारों को भी शादी में नहीं बुलाया था।  जल्दबाजी की  वजह से  वह तुम्हें नहीं बता पाई होगी। मैं वहां से अपने घर आ गया और सोचने लगा कि ऐसी भी क्या जल्दबाजी रही होगी जो कृतिका ने मुझे नहीं बताया।

मैंने तो सोचा था कि कोलकाता से आकर कीर्तिका को शादी के लिए प्रपोज करूंगा लेकिन बहुत देर हो गई थी। जब कृतिका ने शादी से पहले मुझे नहीं बताया कि उसकी शादी होने वाली है तो कम से कम शादी के बाद एक फोन तो कर देती। यह तो बता देती कि उसकी शादी हो चुकी है मैंने फिर कृतिका को फोन किया लेकिन उसका नंबर नहीं लग रहा था। मुझे लगा उसने नंबर बदल दिया होगा। एक दिन में कृतिका की मां से मिला और मैंने उन्हें कहां की कीर्तिका कहां रहती है और उसका नंबर क्यों नहीं लग रहा। उसकी मां ने बताया कि कृतिका पुणे में है उसने नंबर भी बदल दिया इसीलिए उसका नंबर नहीं लग रहा होगा।

मैंने सोचा कि मैं भी मुंबई जाकर  कृतिका से मिलूंगा लेकिन मुझे तो यह भी नहीं पता था कि पुणे में वह कहां रहती है इतने बड़े शहर में मैं कृतिका को कैसे ढूंढता। मैं तो अब उसके कानपुर आने का इंतजार कर रहा था। मुझे इस बात का बहुत बुरा लग रहा था कि कृतिका ने मुझे अपनी शादी के बारे में नहीं बताया। वह तो मुझे अपना सबसे अच्छा दोस्त मानती थी फिर उसने ऐसा क्यों किया। मैंने आज तक कृतिका से अपने दिल की बात नहीं की थी मैंने स्कूल और कॉलेज में सोचा था कि पहले खुद कुछ कर लेता हू। उसके बाद कृतिका को यह बात बता दूंगा कि मैं उससे कितना प्यार करता हू लेकिन उसने तो मेरा दिल ही तोड़ दिया। जब भी वह मुझे मिलेगी मैं उससे एक बात जरूर पूछूंगा कि तुमने मुझे अपनी शादी के बारे में क्यों नहीं बताया क्या तुम मुझे अपना दोस्त नहीं समझती या फिर इस लायक नहीं समझती कि तुम मुझे कुछ बता सको। अब मुझे उसी दिन का इंतजार रहेगा जब मुझे कृतिका मिलेगी।

मैंने अपनी जॉब दोबारा से शुरू कर दिया और मैं कोलकाता वापस चले गया। मैं ऐसे ही अपने काम में लगा रहा और समय बीतता चला गया। मुझे पता भी नहीं चला कि कब इस बात को एक साल से ऊपर होने को आ गया। मैं अपने काम में कुछ ज्यादा ही बिजी हो गया था तो इसलिए यह सब बातों को मैं याद भी नहीं करता था।

एक दिन मेरे ऑफिस के कलीग ने मुझे कहा कि यार आज किसी कॉल गर्ल को बुलाते हैं। आज सेक्स करने का बहुत ज्यादा मन है। मैंने भी उसे कहा ठीक है आज बुला ही ले मेरा भी बहुत मन हो रहा है। काफी समय हो चुका है किसी को चोदे हुए। उसने रात को कॉल गर्ल को बुला लिया लेकिन मुझे उसके घर जाने में थोड़ा देर हो गई थी। वह अपने कार्यक्रम में लगा हुआ था। वह उसे अच्छे से चोद रहा था जैसे ही मैं उसके घर पहुंचा तो वह अपने कमरे में लगा हुआ था। जब उसका पूरा हो गया तो वह बाहर आया और मुझे कहने लगा जल्दी अंदर जा और अपना जी बहला ले एक नंबर का आइटम है। मुझे तो बहुत मजा आ गया।

मैंने भी शराब के दो पैग लगाया और अंदर चला गया। वह ऐसे ही नंगी लेटी हुई थी मैं जैसे ही अंदर गया तो मैंने देखा और मेरे पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई वह तो कृतिका थी। मैंने उसे देखते ही पूछा कि तुम एक  कॉल गर्ल बन गई हो यह कैसे हुआ। वह मुझे कहने लगी कि तुम अपना काम करो और उसके बाद मैं जाती हूं। तुम्हें मुझे चोदना है तो चोदो उसे नंगा देखकर मुझसे भी नहीं रहा गया। मैंने उसके मुंह में अपना लंड डाल दिया और वह मेरे लंड को अच्छे से चुसती जा रही थी मुझे बहुत मजा आ रहा था। जब वह मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर अंदर बाहर करती। मुझे ऐसा लग रहा था मानो जैसे मेरा वह सपना पूरा हो गया जो मुझे कृतिका से शादी करनी का देखा था। उसके साथ सुहागरात मनाने का, अब मैं भी उसके बड़े बड़े स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसने लग गया और मैंने उसके स्तनों पर लव बाइट भी दे दी थी। मैं उसके निप्पलों को भी अपने मुंह में लेकर अच्छे से चूस रहा था।

मैंने उसके पूरे बदन को ऊपर से नीचे तक चाटना शुरू कर दिया मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मैं किसी अंग्रेजन को चाट रहा हूं। ऐसे ही मैंने उसकी चूत में भी अपना मुंह  डाल दिया और अपनी जीभ से अंदर बाहर करने लगा। उसकी चूत पूरी गीली हो गई थी और उसे अच्छा लगने लगा था। मैंने भी एक ही झटके में उसके दोनों पैरों के बीच में से अपने लंड को प्रवेश करवा दिया और उसके दोनों पैरों को अपने कंधो पर रख लिया। उसका मुंह एकदम मेरे सामने था और मैं उसे किस कर रहा था और साथ उसके चूचो से दूध पी रहा था। मैं उसे काफी तेज धक्के मारते हुए अपनी भड़ास को निकाल रहा था। ऐसे ही मै उसे चोदते चोदते पूछने लगा तुम इतने समय तक कहां थी। वह कहने लगी कि बस स्थिति ऐसी बन गई मुझे शादी करनी पड़ी और मेरी शादी ज्यादा समय तक नहीं चल पाई। मुझे गुजारा करने के लिए एक कॉल गर्ल बनना पड़ा उसने मुझे बताया कि मेरा एक बॉयफ्रेंड बन गया था और मुझे उसने प्रेग्नेंट कर दिया। उसके बाद मुझे उसके साथ शादी करनी पड़ी लेकिन कुछ समय बाद मेरा बच्चा गिर गया। जब तक वह मेरे साथ रह सकता था तब तक था लेकिन उसके बाद एक दिन वह मुझे छोड़कर पुणे से भाग गया।

मेरे पास कोई भी रास्ता नहीं था  कॉल गर्ल बनने के पहले तो मैने वहां मेरे मकान मालिक से अपनी चूत मरवाई क्योंकि उसने वहां पर पैसे भी नहीं दिए थे। ना जाने उसने कितना उधार किया था वह सब मैंने अपनी चूत मारवा कर सब चुकता किया। उसके बाद में कोलकाता आ गई कोलकाता में 6 महीने तक एक बड़े व्यापारी के पास रही। उसने ही मुझे खर्चा पानी दिया और मुझे वह रोज चोदता भी था। अब मैं एक कॉल गर्ल बन चुकी हूं मैं यह सुनकर बहुत ज्यादा सदमे मे था और उसे ऐसे ही झटके मारते जा रहा था। अब उसकी ओर तेज आवाज निकलने लगी। वह कहने लगी कि तुम मुझे बहुत अच्छे से चोद रहे हो। मैंने अपने लंड को बाहर निकाल और उसे घोड़ी बना दिया मैने उसे घोड़ी बनाकर पेलना शुरू किया। उसकी चूतडो को कसकर मैंने अपने हाथों पकड़ लिया और झटके मारना शुरू किया। मैंने उसे बहुत तेज झटके मारे जिससे उसका पूरा बदन हिल जाता और वो कहती कि तुमने मेरा पूरा शरीर हिला कर रख दिया है। मेरा वीर्य झड़ने वाला था तो मैंने अपने माल को कृतिका के अंदर ही गिरा दिया। मुझे बहुत शांति मिली और मैं ऐसे ही उसके बगल में लेटा रहा। फिर मैंने उसे समझाया कि तुम्हें इधर उधर कहीं भटकने की जरूरत नहीं है। तुम मेरे साथ ही रहना लेकिन उसने मना कर दिया क्योंकि उसे अब सिर्फ लंड लेने की आदत पड़ गई थी। जिससे कि वह मेरे साथ नहीं रह सकती थी लेकिन उसने मुझे कहा कि जब भी तुम्हें सेक्स की आवश्यकता हो तो तुम मेरे पास मुझे चोदने आ जाना।


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