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स्कूल की वो हसींन ट्रिप

College ki wo hasin day out:

kamukta, desi kahani

हेल्लो दोस्तों मेरा नाम मोहित है और मैं पंजाब का रहने वाला हूँ | मेरी उम्र 25 साल है और मेरी लम्बाई 6 फुट Four इंच है | दोस्तों आज मैं आपको अपनी सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूँ | ये मेरी पहली कहानी है मुझे आशा है की आपको पसंद आएगी | मैं बचपन से ही सेक्स कहानियों का बहुत शौक़ीन हूँ | और सेक्स कहानिया पढके मैंने सेक्स के बारे में बहुत कुछ सीखा है | मुझे चुदाई करना बहुत पसंद है और मैंने बहुत सी भाभियों और आंटियों की प्यास बुझाई है | अब मैं आप सब को ज्यादा ना पकाते हुए सीधे अपनी कहानी पर ले चलता हूँ |

ये कहानी उस समय की है जब मैं हाईस्कूल में था | मेरी क्लास में मोहनी नाम की एक लड़की थी ये कहानी उसी की है मैं आपको बता दूं की वो बहुत ही खूबसूरत और सेक्सी थी | मेरी क्लास का हर लड़का उसपर मरता था | उसका 32-30-34 का फिगर देखकर मेरी हमेशा हालत पतली हो जाती थी | मैं उसको बहुत पसंद करता था पर कभी उससे कहने की हिम्मत नहीं हुई | मैं हमेशा सोंचता था की अगर इसकी चुदाई करने को मिल जाए तो मेरा जीवन धन्य हो जाए | मैं अक्सर अपने बाथरूम में उसके बारे में सोंच कर मुठ मारता था और अपने लंड को शांत कर लिया करता था | मैं हमेशा क्लास में उसको देखकर उसपर लाइन मरता था और वो भी मुझे देखकर एक प्यारी सी स्माइल देती थी | एक बार की बात है हमारे कॉलेज की तरफ से एक बस टूर पर जा रही थी | मैंने अपने घर वालो से जिद की मैं भी टूर पर जाऊंगा | मेरे बहुत कहने पर वो मान गए | अगले दिन मैं जल्दी ही तैयार होकर स्कूल के लिए निकल पड़ा और मैं जाकर अपनी शीट पर बैठ गया | सभी बच्चे बैठ चुके थे पर मोहनी कही नहीं दिखाई दे रही थी बस चलने वाली थी | मैंने सोंचा की अगर मोहनी नहीं जाएगी तो ट्रिप में मजा नहीं आएगा मैं बैठा उसी के बारे में सोंच रहा था | तभी मैंने देखा की मोहनी चढ़ी मैं उसको देखकर ख़ुशी से उचल पड़ा | किस्मत की बात देखो की सभी सीटे फुल थी पर मेरी पास वाली सीट खाली पड़ी थी | वो मेरे पास आकर बैठ गयी मैं अन्दर ही अन्दर बहुत खुश हो रहा था |

मैंने उससे हेल्लो कहा उसने भी हाय कहा और फिर हम दोनों बातें करने लगे | 7 दिन का टूर था हम दोनों दो ही दिन में बहुत अच्छे दोस्त बन गए | हम दोनों साथ में ही खाना खाते थे मैं बहुत खुश था की इतने दिनों से उससे दोस्ती काना चाहता था और आज वो मेरे साथ बैठी थी | तीसरे दिन हम जहाँ रुके वहां वादियाँ थी चारो तरफ पहाड़ ही पहाड़ हम लोग वहां एक होटल में जाकर रुके रात हो चुकी थी | मैं जिस रूम में था उसके बगल वाले रूम में मोहनी थी | मैंने सोंच लिया की सुबह होते ही मैं मोहनी को प्रपोस करूंगा और मैं अगली सुबह जल्दी उठा और मार्केट जाकर मैंने उसके लिए बहुत ही सुन्दर फूल खरीदे | मैं होटल में वापस आया और मैंने उसके रूम की बेल बजाई | उसने दरवाजा खोला क्या क़यामत लग रही थी उसने जींस और टॉप पहन रखा था | मैं थोडा नर्वस था मैं सोंच रहा था की कहीं ऐसा ना हो की वो मन कर दे | मैं हिम्मत करके अपने घुटनों पर बैठ गया और रोमांटिक स्टाइल में उसको फूल देते हुए मैंने उसको प्रपोस कर दिया | उसने मुस्कुराते हुए मेरे हाँथों फूल ले लिए और उसने मुझे हाँ कर दिया | मैं खुसी के मारे नाचने लगा मैंने उसको अपनी गोद में उठा लिया | हम दोनों की सांसे गर्म हो रही थी मैंने उसको गोद से उतारा और उसको किस करने लगा | वो मेरा कोई विरोध नहीं कर रही थी वो भी मुझे किस किये जा रही थी | हमारी पहली किस लगभग पांच मिनट तक चली |

मैंने उससे कहा की चलो हम कहीं घूमने चलते है | सभी लड़के कहीं ना कही घूमने जा रहे थे हम दोनों भी पहाड़ो पर घूमने पहुंचे | हम दोनों ने उस दिन खूब मस्ती की वो बहुत खुश थी | उसने मुझसे बताया की वो भी मुझे बहुत दिनों से पसंद करती थी | शाम हो चुकी थी मैं उसको वहां के एक अच्छे से होटल में ले गया और हम दोनों ने साथ में डिनर किया | डिनर के बाद हम दोनों होटल वापस आये | सभी लोग अपने अपने कमरे में पहुँच चुके थे | मैं भी अपने कमरे में घुस गया और मोहनी भी मेरे ही कमरे में आ गयी | हम दोनों बैठ कर बातें करने लगे | वो बातें कर रही थी पर मैं तो बस उसी को देखे जा रहा था | उसने मुझसे कहा की तुम मुझे ही क्यूँ देख रहे हो मैंने कहा की तुम हो ही इतनी खूबसूरत की तुम पर से नजर ही नहीं हटती | उसने शर्माते हुए कहा चल झूठे फिर वो मुझे कातिल निगाहों से घूरने लगी | हम दोनों एक दूसरे को देखे जा रहे थे मैंने उसको अपनी बाँहों में भर लिया और उसको किस करने लगा | मैंने उसको अपनी बाँहों में उठा लिया और उसको ले जाकर मैंने बेड पर लिटा दिया | उसने मुझको खींचकर अपने ऊपर गिरा लिया और मुझको किस करने लगी | मैं उसके गुलाबी होंठों को चूमने लगा और उसके बूब्स को सहलाने लगा | वो गरम होने लगी थी मैंने उसका टॉप निकाल दिया और उसकी ब्रा को निकाल दिया | क्या मस्त कसे हुए बूब्स थे एक दम सफ़ेद द्दोध जैसे मैं उसके बूब्स को सहलाने लगा और उसकी चूचियों को मसलने लगा | उसके मुहँ से सीकियाँ निकलने लगी थी पर मैं उसके निपल्स को मसलता रहा और उनको मसलकर लाल कर दिया | फिर मैंने उसके निपल्स अपने मुहँ में ले लिया और उनके चारो तरफ अपनी जीभ को घुमाने लगा |

वो एकदम बेसुध पड़ी हुई थी उसके मुहँ से सिसकियाँ निकल रही थी | मैं उसके बूब्स को चूसता रहा फिर मैंने अपने कपडे निकाले और अपना लंड निकाल कर उसके हाँथ में दे दिया | वो मेरे लंड को देखकर बहुत डर गयी और कहने लगी की तुम्हारा लंड तो बहुत बड़ा है मेरी छोटी सी चूत में ये कैसे घुसेगा | मैंने कहा मेरी जान तू चिंता मत कर मैं बहुत ही आराम से डालूँगा तुझे पता भी नहीं चलेगा | फिर मैंने उससे लंड चूसने को कहा वो कहने लगी नहीं मुझे ये बहुत गन्दा लगता है मैं इसको नहीं चूसूंगी | मैंने उससे कहा प्लीज चूसो ना बहुत मजा आएगा मैंने उससे बहुत कहा तब जाकर वो मानी और मेरे लंड को अपने मुहँ में ले लिया | वो मेरे लंड को आइसक्रीम की तरह चूस रही थी | मुझे बहुत ही मजा आ रहा था कोई मेरे लंड को चूस रहा था | मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मैं जन्नत में पहुँच गया हूँ | मैं उसके मुहँ को धीरे-धीरे चोदने लगा और फिर उसके मुहँ में ही झड गया | वो मेरा सारा माल पी गयी और फिर उसने मेरे लंड को साफ़ किया | अब मैंने उकी पैंट निकाल दी और उसकी पैंटी के ऊपर से उसकी चूत को सहलाने लगा | मैंने उसकी पैंटी निकाल दी क्या मस्त चूत थी एक दम मुलायम गुलाब की पंखुड़ियों जैसी मैं उसको सहलाने लगा | मैंने उसमे अपनी एक उँगली डाल दी वो तड़प उठी उसकी चूत बहुत ही टाइट थी | मैं समझ गया की उसकी सील अभी तक नहीं टूटी है | मैंने उसकी चूत पर अपना मुहं रखा और उसकी चूत के दानो को अपनी जीभ से सहलाने लगा और उसकी चूत को चाटने लगा |

वो मदहोश हो रही थी उसने मुझसे कहा की प्लीज अब मुझे मत तडपाओ अब मुझ से सहा नहीं जा रहा | मैंने कहा अभी कहाँ डार्लिंग अभी तो शुरुआत है | मैं उसकी चूत को चाटता रहा उसकी चूत को अपनी जीभ डालकर चोदता रहा | थोड़ी देर बाद उसकी चूत ने पानी चोद दिया | मैं उसका सारा रस चाट गया और उसकी चूत को चाट-चाट कर साफ़ कर दिया | अब वो बहुत ही गरम हो चुकी थी मैं समझ गया की अब ये लंड लेने के लिए तैयार है फिर मैंने उसकी चूत पर अपना लंड रखा और उसकी चूत में घुसाने लगा | उसकी चूत इतनी टाइट थी की मेरा लंड अन्दर ही नहीं जा रहा था | फिर मैंने अपनी बैग से वैसलीन की डिब्बी निकाली और ढेर सारा वैसलीन अपने लंड परा लगाया और उसकी चूत में भी लगाया | फिर मैंने उसकी चूत पर अपना लंड रखकर एक झटका लगाया मेरा आधा लंड उसकी चूत में समां गया | वो तडपने लगी उसकी आँखों से आंसू निकलने लगे थे और वो मुझको धकेल कर मुझे अपने ऊपर से हटाने की कोसिस करने लगी पर मैं उसको किस करने लगा और उसकी चूचियों को सहलाने लगा | कुछ देर ऐसा करने से वो शांत होने लगी फिर मैंने धक्के लगाने सुरु किये और धीरे-धीरे उसको चोदने लगा | मैंने उस रात उसकी मस्त चुदाई की सुबह वो चल नहीं पा रही थी उसकी चूत में सूजन आ गयी थी | मैंने उसको दावा लाकर दी और फिर तीन दिन बचे थे हम लोग औ