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मेरे दोस्त की खातिरदारी

मेरे दोस्त की खातिरदारी


desi kahani, antarvasna

मेरा नाम पार्थिव है और मैं उड़ीसा का रहने वाला हूँ | मेरी उम्र 23 साल है और मैं अभी अपना पोस्ट ग्रेजुएशन कर रहा हूँ | मेरा रंग साफ़ है और मेरा कद 5 फुट 10 इंच है | मेरा शरीर गठीला है | दोस्तों आज जो मैं आप लोगो के सामने अपनी कहानी लिखने जा रहा हूँ ये मेरी पहली कहानी है | मैं उम्मीद करता हूँ कि आप लोगो को मेरी कहानी पसंद आएगी | तो अब मैं अपनी कहानी शुरू करता हूँ | दोस्तों मेरे घर में मेरे पापा ( रमेशचंद जैन ) जो सरकारी ऑफिसर हैं | मम्मी ( निर्मला जैन ) जो गृहणी हैं | मेरा एक बड़ा भाई है जो प्राइवेट नौकरी करता है जिसका नाम राहुल है | हम घर में बस Four ही लोग हैं | एक बार की बात है मुझे कुछ काम से मुंबई जाना था | वहां पर मेरा एक दोस्त रहता है और उसका नाम रोहन है | रोहन और मैं बचपन के दोस्त हैं और स्कूल और कॉलेज साथ में पढ़े हैं | पर उसकी जॉब वहीँ मुंबई में लग गई और मैंने पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए अप्लाई कर दिया | मेरे दोस्त ने मुझे मुंबई से कॉल किया और ऐसे ही हालचाल पुछा तो मैंने उसे बता दिया और फिर मैंने पुछा तो उसने कहा भाई बहुत मस्त चल रहा है |

मैं तो बोल रहा हूँ कि तू भी यहीं आजा | तो मैंने उसे बताया कि भाई आ तो जाऊँगा पर पैसे भी तो होने चाहिए न | उसने कहा अबे तू बस यहाँ आ जा तेरे भाई के पास हैं तू टेंशन मत ले | मैंने कहा चल ठीक है मैं घर में बात करता हूँ अगर घरवाले मान गए तो मैं तुझे कन्फर्म कर दूंगा | उसने कहा कि मैं तेरे नंबर पर अपने अपार्टमेंट का एड्रेस तुझे भेज देता हूँ | मैंने कहा ठीक है | उसके बाद फिर बात बंद किये | शाम तक पापा आ जाते हैं पर मैंने उनसे बात नहीं किया | मैंने भैया से कहा भैया मेरा एक दोस्त है जो मुंबई में रहता है और अच्छे से सेटल हो गया है वहां पर तो क्या मैं कुछ दिनों के लिए उसके पास चले जाऊं ? तो भैया ने कहा तेरा मन है जाने का तो चले जा | मैं थोडा खुश हो गया और कहा भैया मैं रात को पापा से बात करूँगा अगर वो मना करे तो आप मना लेना उन्हें | भैया ने कहा ठीक है | अब रात हो चुकी थी और हम सब साथ में बैठ कर खाना खा रहे थे | मैंने पापा से कहा पापा आपको वो याद है मेरा एक दोस्त हुआ करता था जिसका नाम रोहन है वो आज कल मुंबई में बहुत पैसे कमा रहा है |

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पापा ने कहा तो मैंने कहा पापा वो मुझे वहां बुला रहा था तो मैंने सोचा कि पहले आप से पूछ लूं | तो पापा ने कहा ठीक है चले जा | मुझे बिलकुल उम्मीद नहीं थी कि पापा मुझे इतनी आसानी से जाने देंगे पर उन्होंने मना नहीं किया और मैं बहुत खुश हुआ | अगली सुबह पापा ने टिकट भी करवा दिए और मुझे Ten thousand रूपए भी दिए मैं बहुत खुश हो गया | मेरी तत्काल की कन्फर्म टिकट थी तो मैंने अपने दोस्त को फ़ोन कर के बता दिया कि मैं आ रहा हूँ | उसने कहा ठीक है तू आजा मैं स्टेशन में मिल जाऊँगा तुझे | जब मैं स्टेशन पंहुचा तो वो मुझे स्टेशन के बाहर ही मिल गया | हम दोनों गले मिले और उसके साथ उसके अपार्टमेंट में चले गए | उसने कहा थोड़ी देर रेस्ट कर ले फिर अपन घूमने चलेंगे | मैंने कहा ठीक है | शाम को करीब 6 बजे हम घूमने निकले | उसने मुझे कई जगह घुमाया और पैसे बाकायदा हम दोनों खर्च किये | ऐसा नहीं हुआ कि मैं उसके पास गया हूँ तो उसे ही पूरा खर्च करना है | उसने मुझे कपड़ो के मार्किट भी ले गया जहाँ से मैंने अपने लिए, पापा के लिए, भैया के लिए, और मम्मी के लिए कपड़े ख़रीदे | उस दिन हम बहुत ज्यादा थक गए थे तो उसने कहा ड्रिंक करना चालू किया तूने | मैंने कहा हाँ बे तू भी कहाँ लगा है | चल कौन सी पिएगा ? तो उसने कहा भाई देख ठण्ड का मौसम वैसे ही है तो चल रम की बोतल लेते हैं |

मैंने कहा चल आज कॉकटेल मारते हैं | उसने कहा ठीक है | हमने एक बोतल रम की लिए और दो बियर की बोतल लिए | उसके बाद हम दोनों रूम पंहुचे | थोडा फ्रेश होने के बाद उसने एक जगह नॉनवेज का आर्डर दे दिया | करीब 15 मिनट बाद वो ले कर आ गया | फिर हम दोनों गाने सुनते हुए पेग मारने लगे | हम दोनों को तीन घंटे लगे पूरी शराब ख़त्म करने में | नशा भी अच्छा ख़ासा हो गया था | मैंने कहा यार अब नींद आ रही है यार बहुत तेज | उसने कहा अबे अभी कहाँ | आज तू मेरे पास आया है भाई को खिदमत का मौका दे | मैंने कहा कैसा मौका ? उसने कहा रुक अच्छा | उसने अपने फ़ोन से पता नहीं किसको फ़ोन किया और कहा अब तू देखता जा | आधे घटने के बाद दो मस्त लड़कियां आई | उनको देख कर तो मेरे मुंह से लार टपकने लगी | उसने मुझसे पुछा कौनसी चलेगी ? मैंने कहा भाई दोनों ही पटाखा माल है कोई भी चलेगी | उसने एक लड़की को ले कर दुसरे कमरे में चला गया और एक लड़की मेरे बाजु में आ कर बैठ गई | मैंने उससे उसका नाम पुछा तो उसने अपना नाम ऐनी बताया | उसकी उम्र कुछ मेरे ही आस पास होगी और उसका फिगर इतना सेक्सी जितना किसी हेरोइन का नहीं होता होगा | उसने कहा मुझसे बात ही करते रहोगे या कुछ करोगे भी | उसके इतना कहते ही मैंने उसे अपनी बांहों में भर लिया और उसके बदन को सहलाने लगा | वो भी मेरे बदन को सहला रही थी | फिर मैंने उसके होंठ में अपने होंठ रख दिया और उसके होंठ को रस को पीने लगा | वो भी मेरा साथ देते हुए मेरे होंठ के रस को पीने लगी | मैं उसके होंठ को पीते हुए उसके बूब्स भी दबा रहा था और वो मेरे होंठ को पीते मेरे बदन को सहला रही थी | उसके बाद मैंने उसके टॉप को निकाल दिया और उसके ब्रा के ऊपर से ही उसके बड़े बड़े बूब्स को दबाने लगा तो उसके मुंह से अहा ऊम्ह औनाह आंह अहा ऊम्ह औनाह आंह अहा ऊम्ह औनाह आंह की सिस्कारियां निकलने लगी |

फिर मैंने उसके ब्रा को भी उतार दिया और उसके दोनों बूब्स को अपने मुंह में लेकर चूसने लगा और वो अहा ऊम्ह औनाह आंह अहा ऊम्ह औनाह आंह अहा ऊम्ह औनाह आंह की सिस्कारियां भरने लगी | मैं जोर जोर से उसके बूब्स को मसल मसल कर बरी बरी से चूस रहा था और वो अहा ऊम्ह औनाह आंह अहा ऊम्ह औनाह आंह अहा ऊम्ह औनाह आंह करते हुए मेरे सिर के बालो को जोर जोर से सहला रही थी | मैंने उसके बूस्ब को बहुत देर तक चूसा था | उसके बाद मैंने अपनी टी-शर्ट उतार दिया और हाफ पेंट को भी उतार दिया | अब मैं उसके सामने बस चड्डी में था | उसने मेरी चड्डी को उतारा और मेरे लंड को अपने मुंह में ले कर चूसने लगी तो मेरे मुंह से भी अहा ऊम्ह औनाह आंह अहा ऊम्ह औनाह आंह अहा ऊम्ह औनाह आंह की सिस्कारियां निकलने लगी | वो मेरे लंड को जोर जोर से आगे पीछे करते हुए चूस रही थी और मैं अहा ऊम्ह औनाह आंह अहा ऊम्ह औनाह आंह अहा ऊम्ह औनाह आंह करते हुए उसके मुंह को चोद रहा था | फिर मैंने उसके जीन्स को उतार दिया और उसकी पेंटी सूंघते हुए उतार कर उसे भी नंगी कर दिया |

फिर मैंने उसे लेटा कर उसके पैरो को अलग कर दिया और अब मैं उसकी चूत चाटने लगा और वो अहा ऊम्ह औनाह आंह अहा ऊम्ह औनाह आंह अहा ऊम्ह औनाह आंह करते हुए सिस्कारियां लेने लगी | मैंने उसकी चूत को करीब 10 मिनट तक खूब चाटा | अब मैंने अपने लंड को उसकी चूत में रखा और एक ही धक्के में पूरा लंड अन्दर पेल दिया | मैं धीरे धीरे धक्के लगाते हुए उसे चोदने लगा और वो अहा ऊम्ह औनाह आंह अहा ऊम्ह औनाह आंह अहा ऊम्ह औनाह आंह करते हुए अपने पैरो को मेरे कमर पर लपेट ली | फिर मैंने अपनी चुदाई की रफ़्तार तेज कर दिया और जोर जोर से धक्के मारते हुए चोदने लगा और वो अहा ऊम्ह औनाह आंह अहा ऊम्ह औनाह आंह अहा ऊम्ह औनाह आंह करते हुए अपने निप्पलस खींचने लगी | मैंने उसको आधे घंटे तक चोदा और अपना वीर्य उसके ऊपर ही निकाल दिया | उस रात मैंने उसे तीन बार चोदा था | मैं जब तक वहां रहा मैंने बहुत ऐयाशी किया | तो दोस्तों ये थी मेरी कहानी |

मेरे दोस्त की खातिरदारी

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