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मकान मालिक के बच्चो की ट्यूशन टीचर को पटाकर चोदा – मुफ्त देसी चुदाई की कहानिया हिंदी सेक्स

Makan malik ke bachcho ke bachchon ki tution trainer ko patakar choda: desi porn stories, kamukta आप सभी पाठको को मेरा नमस्कार मैं आप सब लोगो के लिए बहुत ही रोमांचक काहनी लेकर आया हूँ | ये मेरी पहली कहानी है मुझे आशा है की आपको पसंद आएगी | मेरा नाम रोहित है और मैं […]

Makan malik ke bachcho ke bachchon ki tution trainer ko patakar choda:

desi porn stories, kamukta

आप सभी पाठको को मेरा नमस्कार मैं आप सब लोगो के लिए बहुत ही रोमांचक काहनी लेकर आया हूँ | ये मेरी पहली कहानी है मुझे आशा है की आपको पसंद आएगी | मेरा नाम रोहित है और मैं हरिद्वार का रहने वाला हूँ | मेरी उम्र 24 साल है और मेरा रंग गोरा और मैं दिखने में काफी हैण्डसम हूँ | मैं आज जो कहानी आप लोगो के लिए लेकर आया हूँ वो मेरी जिन्दगी की सच्ची कहानी है | अब मैं आप लोगो का ज्यादा समर ना लेते हुए सीधे कहानी पर ले चलता हूँ |

मैं हरिद्वार में ही एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूँ और वहां एक किराए के घर में रहता हूँ | मैं जिस घर में रहता हूँ वो दो मंजिल का है और उसका मकान मालिक दूसरी मंजिल पर रहता है और मैं पहली ही मंजिल पर रहता हूँ | मेरे मकान मालिक एक दो बच्चे है एक लड़का और एक लड़की | मैं जो कहानी आप लोगोगो के लिए लाया हूँ वो उन्ही बच्चो की ट्यूशन टीचर की है | जो की रोज उनके घर में ही पढ़ाने आती है | मैं आप को बता दूं वो बहुत ही खूबसूरत और सेक्सी है | उसका नाम रचना है और उसकी उम्र लगभग 22 साल है वो जब रोज बच्चो को बढ़ने आती थी तो मैं उसको हमेशा लाइन मारा करता था | वो भी मुझे देखकर मुस्कुरा देती थी | मैं तो उसका दीवाना था क्यूंकि उसका फिगर बहुत ही मस्त था मैं आप को बता दूं  की उसका फिगर लगभग 34-30-36 होगा उसकी मस्त गांड देख कर मेरा लंड हमेशा हिचकोले खाने लगता था |

एक दिन की बात है की बच्चे बैठे उसका इन्तजार कर रहे थे और वो नहीं आई थी | मैंने सोंचा की क्यूँ ना मैं ही उनको कुछ पढ़ा दूं मैं बैठ कर उनको पढ़ाने लगा | मैं उनको पढ़ा ही रहा था की तब तक रचना आ गयी और मेरे पीछे चुपचाप खड़ी होकर मुझे देखने लगी मैंने पीछे मुड़कर देखा तो उससे कहा अरे आप आ गयी | फिर उसने मुस्कुराते हुए कहा की आप ने बहुत अच्छा किया जो इनको पढ़ाने लगे | मैंने कहा हाँ ये बच्चे यहाँ बैठे बहुत शोर कर रहे थे इसी लिए मैं इनको पढ़ाने लगा | फिर मैंने उससे पूछा की आप को आने में देर कैसे हो गयी तो उसने बताया की घर पर कुछ काम था इसीलिए मुझे देर हो गयी | फिर मैंने उससे कहा चलो ठीक है आप सम्हालिए इनको मैं चलता हूँ | फिर उसने मुझे देख कर एक प्यारी सी स्माइल दी | उस दिन के बाद मैं उसको पटाने के लिए सोंचने लगा | अब वो जब भी पढ़ाने के लिए आती थी तो मैं बाहर खड़ा होकर उसको देखा करता था | वो भी मुझे देख कर हमेशा मुस्कुराती थी | एक दिन की बात है मैं मार्केट गया हुआ था | मैंने देखा की वो भी आई हुई थी मैंने उसको हेल्लो बोला और उससे पूछा की आप यहाँ कैसे | उसने बताया की वो सब्जी लेने आई है | वो क्या मस्त लग रही थी सफ़ेद सलवार सूट में | उसके बूब्स बहुत ही मस्त लग रहे थे और उसके कुरते का गला थोडा बड़ा था जिसके कारण उसके बूब्स की नाली साफ़ चमक रही थी | मैं उससे बात करते समय उसके बूब्स को ही देखे जा रहा था |

फिर हम दोनों ने साथ ही में अपना-अपना सामान खरीदा | मैंने उससे कहा की चलो मैं तुमको घर छोड़ देता हूँ | उसने कहा की क्या करोगे मैं ऑटो से चली जाउंगी | मैंने कहा की मेरे पास बाइक है आपको मैं छोड़ दूंगा |फिर वो मान गयी मैंने उसे अपनी बिके पर बिठाया और निकल पड़ा मैंने जानबूझकर  ब्रेक मारी तो उसके बूब्स मेरी पीठ में आकर चिपक गए | मेरे पूरे शरीर में करंट सा दौड़ गया मेरा लंड तन गया था | उसने अपना घर का रास्ता बताया और हम उसके घर पहुँच गए | उसने मुझसे अन्दर आने को कहा मैंने कहा नहीं मैं चलता हूँ फिर कभी आऊंगा | उसने कहा आईये ना एक कप चाय तो पीते जाइये आखिर आप मुझे इतनी दूर तक छोड़ने आये है और मेरे हाँथ की एक कप चाय भी नहीं पियेंगे | फिर मैं उसके बहुत कहने पर उसके घर गया उसके घर में कोई नहीं था | मैंने उससे पूछा की आपके माता-पिता कहाँ है | उसने बताया की उसकी मम्मी उसकी नानी के यहाँ गयी है और उसके पिता जी  ऑफिस गए है शाम तक वापस आयेंगे | फिर वो मेर लिये चाय बनाकर लायी हम दोनों ने चाय पे और हम बातें करने लगे | मैंने सोंचा की मौका अच्छा है अभी नहीं तो कभी नहीं | मैंने उससे कहा की रचना जी आप मुझे बहुत अच्छी लगती है और मुझे आपसे प्यार हो गया है | मेरी बात सुनकर उसने शर्माते हुए एक प्यारी सी स्माइल दी और उसने कह की उसने जिस दिन मुझे पहली बार देखा था उसी दिन से मुझे पसंद करती है |

उसकी हाँ सुनकर मैं तो ख़ुशी से उचल पड़ा और उसको अपनी बाँहों में भरके किस करने लगा | उसने कोई भी विरोध नहीं किया और वो भी मेरा साथ दे रही थी और किस कर रही थी | मैं किस करते-करते उसके बूब्स को मसलने लगा और मैंने अपना एक हाँथ उसकी सलवार में डाल दी | मैं हाँथ उसकी सलवार में डाल कर उसकी चूत को सहला रहा था और उसको किस किये जा रहा था | वो गरम होने लगी थी और उसने अपना हाँथ मेरे लंड पर रख दिया और पैंट के ऊपर से ही मेरे लंड को सहलाने लगी मेरा लंड तन गया था | मैंने अपनी पैंट निकाल दी और उससे लंड चूसने को कहा पहले तो वो नहीं मानी फिर मेरे बार-बार कहने पर उसने मेरे लंड को चूसने लगी | मुझे बहुत मजा आ रहा था मैंने उसके कुरते को निकाल दिया और उसके बूब्स को ब्रा से निकाल कर आजाद कर दिया | मैंने उसके बूब्स को अपने हांथों में ले लिया और उनको मसलने लगा | मैंने उसके निपल्स को मसलकर लाल कर दिया था | फिर मैंने उसके बूब्स को अपने मुहँ में ले लिया और चूसने लगा | वो बहुत ही गरम हो रही थी मैंने उसको सोफे पर लिटा दिया और फिर उसकी नाभि को अपनी जीभ से चाटने लगा | वो बहुत ही कामुक हो रही थी फिर मैंने धीरे से उसकी सलवार का नादा खोल दिया और उसकी चूत को सहलाने लगा | उसकी पैंटी बिलकुल गीली हो चुकी थी फिर मैंने उसकी पैंटी को निकाल दिया | उसकी चूत को देखकर तो मुझे बहुत ही अच्छा लगा मैं मन में सोंच रहा था की आज मेरी तमन्ना पूरी हो गयी | मैं इस्त्ने दिनों से जिस चूत को चोदना चाहता था आज वो मेरे सामने थी | क्या मस्त गुलाबी चूत थी उसकी चूत पर हलके-हलके बाल थे | मैं अपनी उँगली से उसकी चूत को सहलाने लगा और वो बहुत ही मादक सिसकियाँ निकाल रही थी |

मैं कुछ देर उसकी चूत को सहलाता रहा फिर मैंने उसकी चूत पर अपना मुहँ रखा और उसकी गुलाबी चूत के दानो को अपनी जीभ से सहलाने लगा | वो मेरे सिर को अपनी चूत की तरफ दबा रही थी | मैंने अपनी जीभ को उसकी चूत में डाल दिया और उसकी च