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आंटी के सामने बैठ कर चुदाई की भीख माँगा, उन्होंने मुझे चूत दिया भीख में – Hindi Intercourse Kahaniya

मैं मुंबई से हूँ और मार्केटिंग में डिग्री कर रहा हूँ. मुझे हाउसवाइफ, टीचर्स, और 35 से Forty five साल की उम्र वाली औरतें बड़ी सेक्सी लगती हे. मुझे पता नहीं की मेरे में ये सनक कैसी हे. मैं जानता हूँ की ऐसे मच्योर लेडिस को चाहना गलत हे लेकिन मैं कुछ नहीं कर पाता हूँ. …

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सेक्स हमेशा आपसी सहमति से करें।

मैं मुंबई से हूँ और मार्केटिंग में डिग्री कर रहा हूँ. मुझे हाउसवाइफ, टीचर्स, और 35 से Forty five साल की उम्र वाली औरतें बड़ी सेक्सी लगती हे. मुझे पता नहीं की मेरे में ये सनक कैसी हे. मैं जानता हूँ की ऐसे मच्योर लेडिस को चाहना गलत हे लेकिन मैं कुछ नहीं कर पाता हूँ. जब मैं किसी औरत को साडी में देख लूँ तो पागल हो जाता हूँ! और फिर मुझे लंड का पानी निकाले बिना चेन नहीं मिलता हे. मैं दिन में एक बार तो आंटी, टीचर, हाउसवाइफ को फेंट्साइज़ कर के मुठ मारता ही हूँ! ये कहानी मेरी मोम की एक फ्रेंड की  हे जो खुद एक सेक्स बम हे. उसकी मस्त सेक्सी गांड हे और बड़े ज्युसी बूब्स हे. वो एक ऐसी औरत हे जिसकी गांड हर मर्द को फाड़ने का मन करे. उसके बूब्स को देख के मुहं में पानी आ जाता हे. उसकी शादी हो चुकी हे और दो बच्चे भी हे. वो forty साल के ऊपर की हे. उसका पति गवर्नमेंट सर्वेंट हे और पूरा दिन काम करता रहता हे.

अंकल मोर्निंग में ही घर से निकल जाता हे और शाम को काम खत्म कर के शराब पी के घर आता हे. अंकल को डेली पिने की आदत हे. आंटी के दोनों बच्चे भी स्कुल में जाते हे इसलिए वो दिन के समय में घर में अकेली ही होती हे.मैंने आंटी को टीवी रिपेर करने में मदद की तब से मैं उनके करीब आ गया था. मैं रोज सोचता था की आज आंटी को चोदुंगा! और मैं सच में आंटी को कस कस के चोदना चाहता था. और मैं बस सही समय के लिए रुका हुआ था.एक दिन मैं मोर्निंग में करीब 7 बजे क्लास के लिए निकला. लेकिन क्लास पहुँच के पता चला की केंसल हो गई थी. मैं वापस आ के आंटी के घर चला गया. आंटी के बारे में सोचते ही बॉडी का तापमान बढ़ गया और लंड में धक धक भी.

मैं जब आंटी के घर पहुंचा तो वो घर पर एकदम अकेली ही थी. उसने लाईट ग्रीन नाइटी पहली हुई थी जिसके अन्दर से उसका आधा बदन आराम से दीखता था. मैंने आंटी को गुड मोर्निंग कह के उसके बूब्स को देखा. उसने अन्दर ब्लेक ब्रा पहनी हुई थी  जिसके अन्दर से ये बड़े बूब्स बहार आने के लिए तडप रहे थे जैसे!

आंटी ने मुझे देखा और वो बोली, आओ अंदर.

मैंने कहा, क्लास केंसल हो गई मेरी.

वो बोली, अभी अंकल और बच्चे गए और मैं सुस्ताने का सोच रही थी. वो किचन के तरफ जाते हुए बोली, चाय लोगे ना?

मैं आंटी की सेक्सी गांड को देखते ही उसके पीछे पीछे किचन में घुसा और कहा, पिला दीजिये.

नॉर्मली जब मैं मोर्निंग में आंटी के घर जाता हूँ तो वो नाइटी बदल के सलवार या स्कर्ट और ब्लाउज पहन लेटी हे. वो सारी में होती हे तो उसके बूब्स बड़े ही मस्त लगते हे और मैं देखने का कोई मौका नहीं छोड़ता हूँ. लेकिन आज आंटी ने नाइटी नहीं बदली अपनी. और आंटी को पता था की मैं उसके बदन को देख रहा था. आगे उसके बड़े बूब्स ब्रा में से बहार आने को बेताब थे. तो निचे उसकी पेंटी के भी साफ़ साफ़ दीदार हो रहे थे मुझे. वो मेरे लिए चाय पका रही थी और मैं उसके सामने बैठ के उसके बदन के नजारों को लुट रहा था.मेरी जींस के अन्दर लंड कडक होने की वजह से आकार बना हुआ था. और मैंने भी उसे छिपाने की कोई कोशिश नहीं की. आंटी एकदम से मुड़ी तो उसने देख लिया की मैं उसकी पेटी को ही देख रहा था. उसने नजरो से नजरे मिलाई तो मैं एक पल के लिए डर ही गया था. उसने मुझे चाय की प्याली दी. और हॉल में जा के उसने टीवी ओन की. मैं चाय की प्याली ले के पीछे चल दिया उसके. और आंटी ने मुझे देख के एक नोटी सी स्माइल दे दी, और उस स्माइल की वजह से मुझे थोड़ी राहत हुई.

फिर उस स्माइल के बाद आंटी ने मुझे पूछा की अभी क्या देख रहे थे? मैंने कहा आंटी आप इस नाइटी में बड़ी ही सेक्सी लगती हो. और मैंने कहा आप इतनी सेक्सी लगती हो की बार बार आप के ऊपर ही नजर जा रही थी. मुझे लगा की ये सुन के वो अपनी चूत मुझे परोस देगी. लेकिन वो खामोश रही पांच मिनिट तक. वो पांच मिनिट सच में बड़े लम्बे थे. मुझे पता था की आज जैसा चांस कभी नहीं मिलेगा आंटी को चोदने के लिए. लेकिन कुछ हो भी तो नहीं रहा था.मुझे बुरा लग रहा था लेकिन कुछ कहने की हिम्मत भी नहीं थी. आंटी ने मेरी माँ को बता दिया तो मैं मर जाता. इसलिए मैं चाय खत्म कर के आंटी के साथ सोफे के ऊपर ही बैठ गया. आंटी ने मुझे देखा और वो चूप ही रही. मैंने चुप्पी तोड़ी और कहा आंटी आप कुछ बोलती क्यूँ नहीं?

आंटी ने कहा एक मेरिड वुमन के बारे में ऐसा सब सोचना सही नहीं हे. मैंने कहा कैसे सोचना?

वो बोली, सेक्सी वाली सोच!

वो गुस्से में नहीं लेकिन एकदम नोर्मल टोन में मुझे ये कह रही थी.

मैंने कहा आप को ऐतराज़ ना हो तो मैं आप से कुछ करूँ. उसने कहा स्योर!

मैंने कहा आंटी मैं सेक्स के लिए बेहद तडप रहा हूँ. और मैं कैसे कहूँ की मुझे तो जवान लडकियां नहीं लेकिन आप के जैसी मेरिड लेडिज ही पसंद हे. और मैंने कहा आंटी मैं आप को प्यार करना चाहता हूँ.

आंटी ने कहा मैं फिलिंग समझ सकती हूँ तुम्हारी लेकिन मैं मेरिड हूँ और 2 बच्चो की माँ भी.

मैं जैसे आंटी के सामने भीख मांग रहा था भिखारी के जैसे. आंटी ने गुस्से में कहा, जाओ बाथरूम में जाओ और हिला लो अपने पेनिस को.

आंटी के मुहं से ये सुन के थोडा अजीब लगा. मैंने सोचा की अब यहाँ तक बात आ चुकी हे फिर आंटी को चोदा नहीं तो सब बेकार ही हे.मैंने अपने हाथ को आंटी के घुटनों के ऊपर रख दिया और उस से सेक्स की भीख मांगने लगा. आंटी का दाहिना घुटना नाइटी के ऊपर होने की वजह से दिख रहा था. मैंने धीरे से आंटी के घुटने के ऊपर हलकी सी किस कर दी और बोला, बस एक बार ही कर लेने दो ना आंटी!

आंटी ने मेरे माथे के ऊपर हाथ रखा और बोली, चलो हटो और मेरे पास बैठो.

मैंने कहा, आंटी ऐसे नहीं आप पहले कहो की मुझे दो गो तभी मैं उठूँगा. वो बोली, बड़े ही बदमाश हो तुम, मैं सिर्फ लंड हिला देती हूँ तुम्हारा. मैंने कहा आंटी मैं आप के बूब्स को चुसना चाहता हूँ. उसने मन कर दिया और मैं जैसे रोने को था. मुझे अन्दर से शर्म भी आ रही थी ऐसे सेक्स की भीख मांगते हुए!आंटी ने कहा बूब्स फील कर सकते हो लेकिन कपड़ो को खोले बिना. और वो हेंडजॉब के लिए रेडी थी लेकिन साथ में उसने कहा की ये सब बस आज के लिए ही था. मैंने कहा हां आंटी पक्का. और फिर मैं और आंटी उसके बेडरूम में चले गए. वो बेड के पास खड़ी हुई थी और मैं उसके बॉडी के हरेक हिस्से को पागल के जैसे टच कर रहा था. उसके बाल से ले के पाँव की उँगलियों तक सब टच किया मैंने. और फिर मैंने आंटी के दोनों गालों पर, हाथों पर, घुटनों के ऊपर और बूब्स के ऊपर (बिना उसके कपडे खोले) किस किये.

आंटी ने कहा, चलो अब मैं हेंडजॉब दे देती हूँ.मैं जानता था की आंटी ने जैसे ही मेरे लंड को पकड़ा तो खेल ख़त्म हो जाएगा क्यूंकि मैं उतना उत्तेजित था की लंड का पानी छूटने का पूरा भरोसा था मुझे. मैंने कहा, आंटी आप एक ही दिन करोगी तो फिर मेरी मर्जी के हिसाब से करते हे ना प्लीज़.

मैंने सोचा की आंटी के घर अभी तो कोई आना नहीं हे. अगर मैं उसे कुछ देर में उत्तेजित कर दूँ तो पूरा चांस हे की उस