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शादी बहन की थी सुहागरात मैंने मनाई - Hindi Sex Stories | नई हिन्दी सेक्स कहानियाँ

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शादी बहन की थी सुहागरात मैंने मनाई - Hindi Sex Stories | नई हिन्दी सेक्स कहानियाँ

शादी बहन की थी सुहागरात मैंने मनाई - Hindi Sex Stories | नई हिन्दी सेक्स कहानियाँ : आज की कहानी “शादी बहन की थी सुहागरात मैंने मनाया” एक भाई बहन की गन्दी कहानी हे | जब चुदाई घर के अंदर होती तो मजा कुछ और होता | गन्दी गन्दी कहानियों के साथ आपकी सुनीता भाभी आजका भाउज.कम पर | तो मजा लीजिये आज की कहानी का और भेजिए केसी लगी आपको |

मेरा नाम रोशन है. मैं अहमदाबाद से हु. मेरी उम्र २५ साल की है. ये स्टोरी तब की है, जब मेरी शादीशुदा बहन मेरे घर छुट्टिया मनाने आई थी. पहले मैं अपनी फॅमिली के बारे में बता दू. घर में. मैं, मेरे पापा और मेरी मम्मी ही रहते है. मेरी बड़ी बहन अंशु की शादी होके ४ साल हो गये है और उसको एक २ साल का बच्चा भी है. मेरी बहन की जब शादी हुई थी, तो उसका फिगर कुछ खास नहीं था. वो बहुत पतली थी. शादी के बाद, वो मुंबई रहने चली गयी थी और मैं अपनी पढाई पूरी करने के लिए बंगलोर में था. मेरी इंजीनियरिंग के एक्साम्स ख़तम होते ही मैं घर आ गया. तब मम्मी ने बताया, कि तेरी अंशु दीदी और छोटी बेबी छुट्टिया मनाने आ रहे है.

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अगले दिन, सुबह जब पापा उनको उनके लेके आये. मैं बहुत खुश हो गया. दीदी को जब पता चला, कि मैं भी घर आया हु. तो वो तुरंत ही मेरे कमरे में आ गयी और वो मुझे देखते ही मुझसे चिपक गयी. मैं भी एक्साइट होके, दीदी को गले लगा लिया. मैं उनको देखकर दंग रहा गया. उनकी छाती काफी फुल चुकी थी और दीदी का शरीर काफी भर सा गया था. उसदिन, हम सब बाहर खाना खाने गये. उधर उनको घड़ी – घड़ी कॉल्स आ रहे थे जीजा जी के. रात को जब हम वापस आये, तो दीदी मेरे कमरे में आई. मैं छोटी बच्ची के साथ खेल रहा था. वो कुछ काम से कमरे से बाहर गयी. तब उनके मोबाइल में मेसेज आया. मैंने देखा, तो वो जीजू का था. 
उन्होंने लिखा था, जानू जल्दी आ जाओ. मेरा नाग तुम्हारे मुह में जाने के लिए तड़प रहा है. मैं देखता ही रह गया. फिर मैंने मोबाइल रख दिया. देखना चाहता था दीदी क्या रेस्पोंड करती है. जब दीदी ने आकर मोबाइल में मेसेज पढ़ा, तो अजीब सी मुस्कान उनके मुह पर आ गयी. उन्होंने भी मेसेज टाइप करके भेज दिया. मुझे देखना था, कि क्या लिखा था. दुसरे दिन सुबह वो नहाने गयी. तभी मैंने उनका मेसेज पढ़ा. तो मैं पागल हो गया. उन्होंने लिखा था, कि मेरी चूत की हालत बहुत ख़राब हो रही है. मैं जब वापिस आउंगी, तो इससे बुरी तरीके से मारना. तभी मैं समझ गया, कि दीदी सेक्स की भूखी है और हर रोज़ चुदती है.
पापा मम्मी को अचानक बाहर जाना आया. वो सीधा शाम को लौंटने वाले थे. मैं जॉब इंटरव्यू देने गया था. दोपहर को घर आया. तब सिर्फ दीदी थी. आज उन्होंने साड़ी पहनी हुई थी और वो फ़ोन पर बात कर रही थी. जिस तरह से वो बात कर रही थी, मैं समझ गया था, कि वो फ़ोन पर चुदवा रही है. मुझे खाना देकर वो कमरे में चली गयी. खाना खाने के बाद, मैं जब हाथ धोने कमरे के उधर गया, तो अजीब सी आवाज़े आ रही थी. मैंने कमरे का दरवाजा थोड़ा सा खोलकर देखा, तो मेरी आँखे फटी रह गयी. मेरी दीदी फ़ोन पर बात करते – करते साड़ी के अन्दर हाथ डालकर चूत सहला रही थी. वो फ़ोन पर बोल रही थी अहहहः अहहहः उइऊइउईईईई… चूत पूरी गीली है राजा… डंडा डाल दो अहहहः ह्ह्हह्ह… वैसे कुछ समय चला और फिर वो ढीली पड़ गयी. अब मेरे मन में भी, मेरी दीदी के लिए ख़राब खयाल चालू हो गये. मैं तुरंत अपने कमरे में जाकर प्लान बनाने लगा, कि दीदी को कैसे चोदा जाए. तब तक वो बाहर आकर सोफे पर बैठ गयी थी. मैं उनके पास जाकर बैठ गया. हमने काफी सारी बातें की. काम वाली काम ख़तम करके चली गयी.
तब उन्होंने मुझे बोला, कि शादी कब करनी है? मैंने बोला, टाइम है. वो बोली – कर ले राजा भैया, शादी के बाद तो मज़े ही मज़े है और वो मुस्कुराने लगी. मैं समझ गया, कि वो क्या कहना चाहती है! मैंने अनजान बनकर पूछा, बोलो ना दीदी; क्या मज़े आते है? वो शर्मा गयी. तब मैंने बोला, हाँ एक मज़ा तो है. उन्होंने पूछा – क्या? तो मैंने उन्हें बताया, कि मैंने उनको फिन्गेरिंग करते हुए देख लिया था. उनका मुह शर्म से लाल हो गया और वो कमरे में भाग गयी. मैं तुरंत उनके पीछे गया. तो उन्होंने कहा – ये सब तो होता रहता है, मिया – बीवी के बीच. मैं हंस पड़ा. हँसते – हँसते, मैंने उनको पूछा. दीदी एक बाद पुछु? दीदी बोली – पूछ? मैं – क्या जीजा जी तुम्हारी हर रोज़ लेते है? वो बोली – हट बेशर्म, ये क्या पूछ रहा है? मैं – दीदी, बताओ ना. दीदी – हाँ, वो जान निकाल देते है. एकदिन भी नहीं छोड़ते मुझे. मैं जब टाइम में रहती हु, तो साले मेरे दुसरे होल में डाल देते है. मैंने पूछा – आपको मज़ा आता है? दीदी – हाय.. मैं तो यहीं चाहती हु, कि वो मुझसे ऐसे ही करते रहे. ये सब सुनकर, मेरा लंड अन्दर उठने लगा था.
दीदी ने मेरा उभार देख लिया और हँसने लगी और बोली – आग लगी है क्या?
मैं – हाँ, इसी को कोई बुझाने वाला चाहिए. वो समझ गयी और सीधा मेरे लंड पर हाथ रख दिया. मुझे तो १००० वोल्ट का झटका लगा. मैंने कहा – दीदी क्या मैं आपको नंगा देख सकता हु? वो बोली – ठीक है. लेकिन पहले सारे दरवाजे बंद करके आ जा. मैं तुरंत उठा और सारे दरवाजे बंद करके बेडरूम में वापस आया. जब मैं बेडरूम में वापस आया, तो वो बोली – ये गलत है. तुम मेरे सगे भाई हो. मैं रूठकर बाहर आ गया. फिर थोड़ी देर बाद, वो आई और बोली, कि चलो अब कुछ नहीं तो, तुम मुझे ऊपर से सहला सकते हो. मैंने कहा – चलो, कुछ तो मिला. मैं सीधा उनके बूब्स पर हाथ चलाने लगा. वाओ, क्या सॉफ्ट थे. मैं उन्हें दबा रहा था. फिर मैंने उपर से ही उनकी चूत सहलानी चालू की. दीदी गरम होती जा रही थी. मैंने उनके ब्लाउज के अन्दर हाथ डालना चाहा, पर कुछ सोचने लगा. दीदी बहुत गरम हो चुकी थी, कि मैंने कब उनका ब्लाउज खोला, उनको पता ही नहीं चला. मैं उनकी ब्रा से उनकी चुचिया दबा रहा था.
उन्होंने मुझे बेडरूम में आने को कहा. बेडरूम में जाते ही, मैं एक भूखे शेर की तरह टूट पड़ा. उनको सिर्फ ब्रा और पेंटी में ले आया. ओह माय गॉड. मैं यहीं सोच रहा था. जीजा जी कितने लक्की है. जोकि इस गरम बदन को चोदते है. मैं भी अब सिर्फ अंडरवियर में था. उनको थोड़ा होश आया, तब वो वापस मना करने लगी और भागने लगी. तभी मैंने उनको अपनी तरफ खीचा और बोला, आज तो आपको नहीं जाने दूंगा. उन्होंने बोला, ये गलत है. मैंने अपना अंडरवियर उतार दिया और उनको मेरा ७.५ लम्बा और २.५ बड़ा लंड दिखा दिया. वो देखकर कहने लगी, ये क्या है? हाय भगवान, ये तो मुह में भी पूरा नहीं आएगा. अब मैं उसे तड़पाने लगा. कुछ देर बाद, वो बोली – कि एक प्रोमिस करो. आज तुम्हे जो करना है, करो. लेकिन, किसी को मत बताना. मैं एकदम से ये गल मान गया. आह्ह्ह्ह .. क्या मुलायम थे दीदी के निप्पल. वो एकदम खड़े थे. तब उन्होंने मेरे मुह को पकड़ा और सीधा उनके बूब्स पर दबाने लगी.
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बोल रही थी… चूस राजा.. ये तेरे ही कबूतर है ये आज.. चूस ले .. पूरी तरह से चूस ले… मेरे दूध, आज तेरे है. पीले… पुरे पीले.. मैं उनके एक बूब को दोनों हाथ से पकड़ कर पी रहा था और बोला, ये कबूतर में कितना दूध है. दुसरे को निचोड़ रहा था. मैं उनके पुरे चूचो को अपनी जीभ से चाट रहा था. इनती ही देर, मैं घुटनों पर बैठ गयी और मेरा लंड हिलाने लगी. वो बोली, तू मेरा दूसरा सैया है. ऐसा लंड मुझे कहीं नहीं मिलेगा. और सीधा मेरे सुपाडे मुह में लेकर चूसने लगी. मेरा लंड आगे – पीछे करके देखने लगी. उसने मुझे बोला, कि मुझे सेक्स के टाइम पर गाली बोलना बहुत पसंद है. उसने ये कहते हुए बोला मुझे, वाह भडवे! क्या मस्त लंड है तेरा. मैं तो शौक हो गया. मुझे ऐसा लग रहा था, कि मैं एक रंडी को चोद रहा हु. मैं भी उसके बाल पकड़के उसके मुह में लंड देता रहा और बोलता था, ले रंडी.. पूरा ले. आज ये तेरी चूत चीर देगा. ले रंडी रे. फिर मैं उसकी चूत में अपनी जीभ लगाने लगा. तो सिसक उठी. वो सीधा बोली – कितनी औरत या लडकियों को चोद चूका है, तू? मैं उनकी ये बाद सुनकर पागलो की तरह उनकी चूत चाटने लगा.
वो पूरी गीली हो गयी थी. मैं उनका पूरा पानी पी गया. उनकी चूत की खुशबु मुझे पागल कर रही थी. अब वो मुझे लंड अन्दर डालने को बोलने लगी. मैंने लंड उनकी चूत के मुह पर रखा और घुमाने लगा. वो तड़प रही थी. मैंने अचानक से शॉट मारा, तो मेरा आधा लंड अन्दर चले गया. वो थोड़ा चिल्ला उठी. फिर मैंने अपने दुसरे धक्के के साथ, अपना पूरा लंड अन्दर डाल दिया. वो मचल उठी. बोली राजा, चोद आज. तेरी रंडी को चीर दे.. फाड़ दे. मैंने अपनी स्पीड बढाई और धक्का देने लगा. वो गांड उछाल – उछाल कर मेरे हर शॉट का जवाब दे रही थी. मैंने उसको अपने ऊपर खीचा और मेरे लंड पर वो एक मैना की तरह उछल रही थी.