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बेटा मुझे चोद कर दूध का कर्ज उतार दे मेरी रंडी माँ बोली और दबा कर चुदवाया

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बेटा मुझे चोद कर दूध का कर्ज उतार दे मेरी रंडी माँ बोली और दबा कर चुदवाया : मैं सचिन गुप्ता आप सभी का indiansexbazar.com पर बहुत बहुत स्वागत करता हूँ. मेरे पापा श्री रमन गुप्ता    इंजीनियर थे. दिल्ली में उनकी कम्पनी का कोई नया माइनिंग प्रोजेक्ट चल रहा था. पापा उसी सिलसिले में गए हुए थे. मेरी माँ अभी भी बिलकुल जवान थी मेरी माँ रंडी की तरह मस्त चिकनी थी और माँ के बोबे मस्त फुले हुए थे. वो सारा दिन फोन और टीवी पर चिपकी रहती थी. पहले तो मैंने जादा ध्यान नहीं दिया. पर बाद में पता चला की अपने फोन पर वो सारा दिन पोर्न फिल्म XXX Videos  और चुदाई की वेबसाईट पर चुदाई वीडियोस देखा करती है. इतना ही नही माँ ने टीवी में गंदे गंदे चैनल भी खुलवा रखे थे. मैंने उनके कमरे से चुदाई की कहानी वाली कई किताबे पकड़ी. एक दिन जब माँ ने खाना नही बनाया तो मुझे बहुत गुस्सा आ गया.

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माँ!! ये सब आखिर क्या है?? तुम इन्टरनेट पर हमेशा चुदाई वीडियोस देखा करती हों. गन्दी गन्दी कहानी पढ़ती हो. तुमको शर्म करनी चाहिए. माँ तुम शादी शुदा हो, एक जवान बच्चे की माँ हो. कुछ तो शर्म करो!’ मैंने माँ को बहुत जोर से फटकार लगाई. माँ रोने लगी.वो बहुत सीरिअस हो गयी.

‘बेटा जतिन! जब तुमहारे पापा थे, मुझे रोज रात में पेलते थे दावा कर चुदाई करा करते थे. बिना चोदे कोई भी रात नही जाने देते थे. पर जबसे वो दिल्ली गए है, तब से मेरी प्यास बुझाने वाला कोई नही है. बेटा! तू तो अपने कमरे में बैठके पढता रहता है, पर तू नही जान सकता की बिना अपनी लौट में लौड़ा खाये कैसा लगता है. ऐसा लगता है की आज खाना ना खाया हो. इसलिए बेटा जतिन!!

रंडी चुदक्कड़ माँ बोली के बेटे मैं कहूँगी की अपने पापा की जिम्मेदारी अब तू उठा. मुझे चोदकर मेरी गर्म गर्म चूत में लौड़ा देकर तू मेरे जिस्म की प्यास शांत कर दे और मेरे दूध का कर्ज चूका दे’ मेरी रंडी चुदक्कड़ माँ बोली... ‘बेटा! तू एक लड़की होता तो जरुर जान पाता की एक औरत कैसी बिना चुदाये रात काट पाती है. कितना मुस्किल है ये. मर्द तो मुठ मारके अपना माल गिरा देते है पर बेचारी औरत क्या करे. मैं किसी तरह अपनी चूत में गाजर, मूली, बैगन डाल के मुठ देती हूँ, पर जाकर मुझे शांति मिलती है. इसलिए बेटा जतिन मैं एक बार फिर से तुझसे कहूँगी की जबतक तेरे पापा नही आ जाते तू मुझे चोद और मेरे दूध का कर्ज चूका’ रंडी चुदक्कड़ माँ बोली
दोस्तों, ये सुनकर तो मेरी बोलती बंद हो गयी.

मैं अपनी रंडी चुदक्कड़ माँ की कंडिशन से वाकिफ हो गया. अब मुझे ये साफ साफ़ समझ आ गया की रंडी चुदक्कड़ माँ आखिर क्यों इन्टरनेट पर वो चुदाई वीडियोस देखा करती है. रात होने पर मैंने रंडी चुदक्कड़ माँ के कमरे की तरह गया. काफी गर्मी होने के कारण रंडी चुदक्कड़ माँ से शावर लिया था. अब रात के १० बजे वो अपने कमरे में थी. वो नंगी थी, बिलकुल नंगी. ड्रेसिंग टेबल के सामने नंगी खड़ी होकर रंडी चुदक्कड़ माँ अपने लम्बे लम्बे बालों में कंघी कर रही थी. उनका जिस्म बहुत ही चिकना और गठीला था. रंडी चुदक्कड़ माँ के २ चुच्चे बेहद सुंदर और भरे हुए थे. जैसा जादातर हिन्दुस्तानी औरतों के साथ साथ होता है की रंडी चुदक्कड़ माँ बन्ने पर उनकी छातियाँ नीचे की ओर लटक जाती है, वैसा मेरी रंडी चुदक्कड़ माँ के साथ नही था. उसके कलश आज भी बिलकुल टोंड थे. छातियों के उपर शीर्ष पर बड़े सुंदर काले काले चोकलेट जैसे घेरे थे. रंडी चुदक्कड़ माँ के बाल भीगे थे और पानी उनके बालों से उसके चिकने नंगे जिस्म पर टपक कर आग लगा रहा था.

अरे बेटा! तुम आ गए??’ रंडी चुदक्कड़ माँ बोली. उन्होंने मुझे देखकर कंघी करना बंद कर दी. वो बिलकुल टॉप की चोदने लायक माल लग रही थी. क्या मस्त सामान लग रही थी.
रंडी चुदक्कड़ माँ!! मैं तुम्हारी मजबूरी समझ चूका हूँ. मैं तुम्हे चोदने को तैयार हूँ. रंडी चुदक्कड़ माँ!! मैं तुम्हारी चूत में अपना मोटा लौड़ा देने को तैयार हूँ’ मैंने कहा. बस इतना कहना ही हुआ था की उन्होंने कंघी फेक दी और ड्रेसिंग टेबल के लम्बे से शीशे के सामने वो मेरे गले लग गयी. मैंने भी अपनी जवान चुदासी रंडी चुदक्कड़ माँ को गले से लगा लिया ‘ओ बेटा!! तुम कितने अच्छे हो. मैंने तुमको पैदाकर सबसे अच्छा काम किया है. बेटा !! आज मुझसे कसके चोद और अपने दूध का कर्ज चूका दे’ रंडी चुदक्कड़ माँ बोली. फिर हमदोनो गले लग गये. मैंने रंडी चुदक्कड़ माँ को बाहों में भर लिया. मेरे हाथ उनकी कसी चिकनी पीठ पर थे. मैंने रंडी चुदक्कड़ माँ को चूमने लगा. वो बहुत जादा चुदासी हो चुकी थी. मुझसे कसके चुदवाना चाहती थी. रंडी चुदक्कड़ माँ मुझे जगह जगह चूमने चाटने लगी. मेरे गाल, ओंठों, नाक, गले सब जगह वो मेरा चुम्मा लेने लगी.मैं भी इधर पूरी लगन से अपनी रंडी चुदक्कड़ माँ से प्यार फरमाने लगा. रंडी चुदक्कड़ माँ भीगे और गीले बदन में आग जैसी लग रही थी. मैं उसकी चूत जरुर मरूँगा और कसके मारूंगा, ये मैंने सोच लिया था.

फिर मेरी सगी रंडी चुदक्कड़ माँ ने अपने बला के खूबसूरत मेरे लाल ओंठों पर रख दिए और मेरे ओंठ पीने लगी. मैं भी उनकी साँसों की महक ले लेकर उनके ओंठ पीने लगा. मैं जीभ से जीभ सटाकर, उनके मुँह में अपनी जीभ डालकर उनका मुँह पी रहा था. उधर रंडी चुदक्कड़ माँ भी ऐसा ही कर रही थी. मेरे मुँह में अपनी जीभ  डालकर मुझसे चुसवा रही. हम दोनों रंडी चुदक्कड़ माँ बेटे एक दुसरे का मुँह कायदे से पी रहे थे. रंडी चुदक्कड़ माँ के बाल अभी भी भीगे थे. उसके बालों स