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माँ की चूत एक दम से गरम भट्टी की तरह तप रही थी - माँ को चोदा और गांड चाटी बोबो को दबा दबा कर दूध निकाला

माँ की चूत एक दम से गरम भट्टी की तरह तप रही थी माँ की चूत एक दम से गरम भट्टी की तरह तप रही थी माँ को चोदा और गांड चाटी बोबो को दबा दबा कर दूध निकाला : माँ के साथ अनोखा चुदाई : हेल्लो दोस्तों मेरी उम्र 21 साल की है और मेरी प्यारी माँ 43 साल की है। घर पर मेरी माँ और में रहता हूँ। मेरी माँ एकदम सेक्सी है। उनकी बहुत मद मस्त जवानी है। यह भी देखे लंड खड़ा हो जायगा >>> पेशाब पिलाया दादा जी और उनके दोस्तों ने पोती को – Images =>उसके कूल्हे बहुत अच्छे लगते हैं। मैंने एक बार जब वो सोई हुई थी तो तब उसके कमरे में जाकर उसकी गांड देखी थी और बड़ा उत्तेजित हुआ थामुझे उनकी गांड चाटने का बहुत मन होता थालेकिन मौका नहीं मिलता था और भी हिम्मत नहीं होती थी। लेकिन एक दिन मौका भी मिला मुझे।
मेरी माँ भी मेरे खड़े हुए लंड को बार बार देखती थी। मैं सोने की एक्टिंग करता था और वो मेरे पास सो कर मेरे पीछे से मेरे लंड को पकड़ कर सहलाती थी और मैं आँखे बंद करके बहुत मज़ा लेता था। माँ अपनी छाती को मेरे हाथो से दबवाती थी और एक बार तो मेरा लंड चूस भी लिया था। में भी एक्टिंग करता था और माँ की गांड को मसलता रहता था।
एक बार मैंने बाथरूम खोला तो देखा की माँ आधी नंगी बैठ कर कपड़े धो रही थी और उसकी गांड का छेद साफ दिख रहा था। मैं चुपके से पीछे बैठ गया और माँ के गले लग गया। मेरा लंड खड़ा हो गया था पीछे से माँ के बदन को छू रहा था और माँ को अच्छा लग रहा था। मैंने धीरे से अपने हाथ माँ के कूल्हों पर रख दिया और उसे मसलने लगा। माँ तो अपने काम में मस्त थी और मजा ले रही थी।
कूल्हों को मसलते मसलते मेरी नज़र माँ के सिकुड़ते फैलते हुए गांड के छेद पर गई मेरे मन मैं आया की क्यों ना इसका स्वाद भी चखा जाए देखने से तो माँ की गांड वैसे भी काफ़ी खूबसूरत लग रही थी। जैसे गुलाब का फूल हो मैंने अपनी लपलपाती हुई जीभ को उसकी गांड के छेद पर लगा दी और धीरे-धीरे ऊपर ही ऊपर लपलपाते हुए चाटने लगा। गांड पर मेरी जीभ का स्पर्श पा कर माँ पूरी तरह से हिल उठी
“ओह ये क्या कर रहा है ओह बहुत अच्छा लग रहा है, ये सब कहाँ से सीखा, तू तो बड़ा कलाकार है। हे राम देखो कैसे मेरी चूत को चाटने के बाद मेरी गांड को चाट रहा है। तुझे मेरी गांड इतनी अच्छी लग रही है, कि इसको भी चाट रहा है, ओह बेटा सच में गजब का मज़ा आ रहा है। चाट चाट ले अब पूरी गांड को चाट ले ओह ओह।
मैंने पूरी लगन के साथ गांड के छेद पर अपनी जीभ को लगा कर दोनो हाथो से दोनो कुल्हो को पकड़ कर छेद को फैलाया और अपनी नुकीली जीभ को उसमे डालने की कोशिश करने लगा। माँ को मेरे इस काम में बड़ी मस्ती आ रही थी और उसने खुद अपने हाथो को अपने कुल्हो पर ले जा कर गांड के छेद को फैला दियाऔर मुझे जीभ डालने के लिए उत्साहित करने लगी। ईईईईई डाल दे जीभ को जैसे मेरी चूत में डाला था वैसे ही गांड के छेद में भी डाल दे और चोद के खूब चाट मेरी गांड को मर गई रीईईई, ओह इतना मज़ा तो कभी नहीं आया था। ओह देखो कैसे गांड चोद रहा है,,,,,,,,सस्स्स्स्स्सीईई चाटो इसे चाटो और ज़ोर से चाटो।
मैं पूरी लगन से गांड चाट रहा था। मैंने देखा की चूत का गुलाबी छेद अपने रस को टपका रहा है, तो मैंने अपने होंठो को फिर से चूत के गुलाबी छेद पर लगा दिया और ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा जैसे की कोकोकोला पी रहा हूँ। सारे रस को चूसने के बाद मैंने चूत के छेद में जीभ को डाल कर अपने होंठो के बीच में चूत के छेद को क़ैद कर लिया और खूब ज़ोर ज़ोर से चूसना शुरू कर दिया।
माँ के लिए अब बर्दाश्त करना शायद मुश्किल हो रहा था। उसने मेरे सिर को अपनी चूत से अलग करते हुए कहा फिर से चूस कर ही झाड़ देगा क्या? अब तो असली मज़ा लूटने का समय आ गया है। बेटा राजा अब चल मैं तुझे जन्नत की सैर कराती हूँ। अब अपनी माँ की चुदाई करने का मज़ा लूट मेरे राजा चल मुझे नीचे उतरने दे साले।
मैंने माँ की चूत पर से मुँह हटा लिया वो जल्दी से नीचे उतर कर लेट गई और अपने पैरो को घुटनो के पास से मोड़ कर अपनी दोनो जाँघो को फैला दिया और अपने दोनो हाथो को अपनी चूत के पास ले जा कर बोली “आ जा राजा जल्दी कर अब नहीं रहा जाता। जल्दी से अपने मूसल को मेरी ओखली में डाल कर कूट दे जल्दी कर बेटा डाल दे अपना लंड माँ की प्यासी चूत में, मैं उसके दोनो जाँघो के बीच में आ गया पर मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि क्या करू। फिर भी मैंने अपने खड़े लंड को पकड़ा और माँ के ऊपर झुकते हुए उसकी चूत से अपने लंड को सटा दिया।
माँ ने लंड को चूत से सटाते ही कहा “हाँ अब मार धक्का और घुसा दे। अपने सांप जैसे लंड को माँ के बिल में। मैंने धक्का मार दिया पर ये क्या लंड तो फिसल कर चूत के बाहर ही रगड़ खा रहा था। मैंने दोबारा कोशिश की फिर वही नतीज़ा तीन धक्के मारे फिर लंड फिसल कर बाहर इस पर माँ ने कहा “रुक जा मेरे नासमझ खिलाड़ी, मुझे ध्यान रखना चाहिए था, तू तो पहली बार चुदाई कर रहा है, अभी तुझे मैं बताती हूँ, फिर अपने दोनो हाथो को चूत पर ले जाकर चूत के दोनो फांको को फैला दिया और चूत के अंदर का गुलाबी छेद नज़र आने लगा था। चूत एक दम पानी से भीगी हुई लग रही थी। चूत छोड़ी करके माँ बोली ले मैंने तेरे लिए अपनी चूत को फैला दिया है, अब आराम से अपने लंड को ठीक निशाने पर लगा कर चोद ले जितना चाहे उतना चोद
मैंने अपने लंड को ठीक चूत के खुले हुए मुँह पर लगाया और धक्का मारा लंड थोड़ा सा अंदर तो घुसा पानी लगे होने के कारण लंड का मुहं अंदर चला गया था। माँ ने कहा “शाबाश ऐसे ही मुहं चला गया अब पूरा घुसा दे मार धक्का कस के और चोद डाल मेरी चूत को बहुत खुजली मची हुई है। मैंने अपनी गांड तक का ज़ोर लगा कर धक्का मार दिया, पर मेरा लंड में ओर दर्द की लहर उठी और मैंने चीखते हुए झट से लंड को बाहर निकाल लिया। माँ ने पूछा क्या हुआ चिल्लाता क्यों है।
ओह माँ लंड में बहुत