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पागल से चूत चुदवाई जबरदस्त चुदाई करी साले ने

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पागल से चूत चुदवाई जबरदस्त चुदाई करी साले ने

पागल से चूत चुदवाई जबरदस्त चुदाई करी साले ने : हाय दोस्तों…  मेरा नाम जनजना है और मैं जयपुर की रहने वाली हु. और मेरी उम्र 22 साल की है, मेरा रंग गोरा है, और मेरा शरीर एकदम बीच का है, ना ज्यादा मोटा और ना ही ज्यादा पतला किन्तु मेरे मम्मे बहुत मस्त टाइट और फुले हुए है. मेरा चाल चलन ठीक नहीं था इस कारण 1 साल पहले मेरी शादी गांडू लोकेश के साथ कर डाली . उस गांडू लोकेश की उम्र 30 साल की है.  हम दो के आलावा हमारे घर पर कोई भी नहीं रहता है | ( पागल से चूत चुदवाई जबरदस्त चुदाई करी साले ने )

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मैं सेक्स में बहुत रूचि रखती हूँ. मैंने अपनी शादी शुदा जिन्दगी के बारे में बहुत से सपने सजाये थे के मेरी शादी के बाद रोज अपने पति से पोर्न स्टार की तरहे चुदवाउंगी और दबा कर गांड भी मरवाउंगी मेरे पति का कोहे के रोड जैसा काला लम्बा लंड रोज शाम को दिनको और रात को मेरी चूत और गांड में ड्रिल करेगा किन्तु मैंने अपनी जिन्दगी के बारे में जो ख्वाब देखे थे वह सभी ख्वाब गांडू लोकेश से शादी करने के बाद टूट गये. क्योंकि गांडू लोकेश का लंड बहुत ही छोटा था और उससे मेरी चूत की भूख शांत ही नहीं होती थी।

शादी के बाद जब मैं पहली बार अपने ससुराल आई तो मैंने यहाँ आकर देखा कि एक आदमी एकदम नंगा होकर पागलों की तरह हमारे घर के आस-पास चक्कर लगता रहता था. और वह दिखने में तो गठीले बदन का सुन्दर नौजवान दिखता था. और वह किसी अच्छे परिवार का भी लगता था. और उसकी उम्र भी लगभग 27-28 साल की ही होगी. और फिर मैंने गांडू लोकेश से उस पागल के बारे में पूछा तो वह बोला कि यह तो बहुत दिनों से यहीं आस-पास ही घूमता रहता है. हमारे घर के आस-पास बहुत सारे पेड़ और पौधे थे जिस वजह से कोई भी आदमी मेन गेट के बाहर से हमारे घर को आसानी से नहीं देख सकता था.

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( पागल से चूत चुदवाई जबरदस्त चुदाई करी साले ने )  इसलिए वह पागल जब भी हमारे घर के आस-पास होता था तो मैं हमेशा ही छुप-छुपकर उसके लंड को देखती रहती थी, क्योंकि उसका लंड ढीला रहने पर भी लगभग 5” लम्बा और बहुत ही मोटा था. और फिर मैंने सोचा कि काश एकबार मैं उसके लंड को अपने हाथों से पकड़कर देख सकती? और मैं हमेशा ही यह भी सोचा करती थी कि काश गांडू लोकेश का लंड भी इतना ही लम्बा और मोटा होता. क्योंकि गांडू लोकेश का लंड तो पूरा खड़ा होने पर भी लगभग 5” लम्बा और बहुत ही पतला था, और मुझे उससे चुदवाने में बिल्कुल भी मज़ा नहीं आता था. दोस्तों वह पागल रोज ही रात को पूरी रात हमारे घर के दरवाज़े के पास ही बैठा रहता था।

दोस्तों यह उन दिनों की बात है जब गांडू लोकेश 15 दिनों के लिए अपनी कम्पनी के काम से वडोदरा चले गये थे. और उनके जाने के दूसरे दिन रात के 9 बजे के आस-पास वह पागल हमारे घर के दरवाजे के पास आकर बैठ गया था. जब वह रात को आकर दरवाजे पर बैठ जाता तो वह फिर सुबह ही वहाँ से वापस जाता था. और फिर एक दिन मैंने सोचा कि आज उससे कुछ बात करके देखती हूँ. और फिर मैंने डरते हुए दरवाज़ा खोला, और उससे पूछा कि क्या तुम खाना खाओगे? तो फिर उसने अपना सिर हाँ में हिला दिया।

और फिर मैं उसके लिए खाना ले आई, और जब वह खाना खा चुका था तो उसने इशारे से मुझसे पानी भी माँगा. और फिर मैंने उसे पानी भी लाकर दिया. और पानी पीने के बाद वह चुप-चाप वहीँ बैठा रहा. और फिर मुझको लगा कि यह मौका अच्छा है और रात की वजह से पडौस के सभी लोग भी सोए हुए है या अपने-अपने घरों में है. और फिर मैं उसके बगल में जाकर बैठ गई. और मैं तो उसके लंड को अपने हाथ में लेकर देखना चाहती थी. और मैं यह भी देखना चाहती थी कि, उसका लंड खड़ा होने के बाद कितना लम्बा और मोटा हो जाता है? और फिर मैंने अपना हाथ उसकी नंगी जाँघों पर रख दिया. (पागल से चूत चुदवाई जबरदस्त चुदाई करी साले ने) तो वह कुछ भी नहीं बोला तो फिर मैं अपना हाथ उसकी जाँघ पर फेरने लगी. तो उसने फिर भी मुझको कुछ नहीं बोला तो, फिर मैंने अपना हाथ धीरे-धीरे उसके लंड की तरफ बढ़ा दिया, तब भी वह कुछ नहीं बोला और अब तो मेरी ऊँगलियाँ उसके लंड को छू रही थी, और मेरे बदन में एक अजीब सी सुरसुरी सी होने लगी थी, तो फिर मैंने अपनी ऊँगली उसके लंड पर फेरनी शुरू कर दी थी. और जब वह फिर भी कुछ नहीं बोला तो मैंने अपने हाथों से उसके लंड को पकड़ लिया.

और फिर मैं धीरे-धीरे उसके लंड को सहलाने लगी. तो फिर अब वह भी मुझे घूर-घूरकर देखने लगा था. और उसकी आँखों में भी सेक्स की प्यास एकदम साफ़ दिख रही थी. और फिर थोड़ी ही देर में उसका लंड खड़ा होने लगा था. उसका लंड खड़ा होने के बाद लगभग 7.5” लम्बा और लगभग 3.5” मोटा हो गया था. और मैं भी उसके लंड के साइज़ को देखकर जोश के मारे पागल सी होने लगी थी. और फिर थोड़ी ही देर में मेरी चूत एकदम गीली हो गई थी. मुझे अब ग़लत या सही का कोई होश नहीं रह गया था. और फिर मैंने सोचा कि अगर मैं इस पागल से अपनी चुदाई करवा भी लूँ तो मुझे कोई कुछ भी नहीं कह सकेगा, और अगर मुझसे कोई कुछ कहेगा तो मैं कह दूँगी कि इस पागल ने ही मेरे साथ सब कुछ ज़बरदस्ती किया है।

और फिर मैंने सोच लिया था कि आज तो मैं इस पागल से अपनी चुदाई करवाकर ही रहूंगी भले ही उसके बाद मेरी चूत का हाल कुछ भी हो. और फिर मैं उस पागल का हाथ पकड़कर उसको अपने घर के अन्दर ले गई. और उसे देखकर लग रहा था कि जैसे वह कभी नहाया ही ना हो. और फिर मैं उसको बाथरूम में ले गई और फिर मैंने उसको एक साबुन देते हुए नहाने को कहा, और मैं भी वहीँ पर खड़ी रही और फिर वह नहाने लगा था. मेरी होने वाली चुदाई के जोश के मारे मेरी चूत फिर से गीली होने लगी थी.

नहाने के बाद उसका गोरा बदन एकदम निखर आया था, और उसका लंड भी बहुत गोरा था. और फिर जब वह नहा चुका था तो मैं उसको अपने बेडरूम में ले गई थी. और फिर मैंने उसको बेड पर बैठा दिया था. लेकिन वह कुछ भी नहीं बोल रहा था. और फिर मैंने उससे पूछा कि क्या तुम गूंगे हो? तो फिर उसने अपना सिर हाँ में हिला दिया. तो फिर मैंने सोचा कि यह तो और भी अच्छी बात है कि यह गूंगा है. और यह किसी से कुछ कहेगा भी नहीं। और फिर तो मैं भी बेड पर उसके बगल में जाकर बैठ गई थी. और मैंने उसके लंड को फिर से सहलाना शुरू कर दिया था तो, थोड़ी ही देर में उसका लंड फिर से खड़ा होकर एकदम टाइट हो गया था।

और फिर मैंने सोचा कि यह तो पागल है. अगर मैंने इसको चोदने के लिए कहा तो कहीं यह ज़बरदस्ती में अपना पूरा का पूरा ही लंड एक ही झटके में मेरी चूत में ना घुसा दे नहीं तो मेरी चूत फट ही जाएगी. और फिर मैंने उसको बेड पर लिटा दिया और फिर मैंने भी अपने सारे कपड़े उतार दिए थे. और फिर वह मेरे गोरे बदन को घूर-घूरकर देखने लगा था. और फिर मैं उसके बगल में बैठ गई और उसके लंड पर अपनी जीभ फेरने लगी थी. और फिर तो वह भी जोश में आकर आहें भरने लग गया था. और फिर थोड़ी देर के बाद मैंने उससे पूछा कि, तुम भी मेरी चूत को चाटोगे? तो फिर उसने भी अपना सिर हाँ में हिला दिया था. और फिर मैं उसके ऊपर 69 की पोज़िशन में लेट गई थी और मैंने उसका लंड अपने मुहँ में लेकर चूसना शुरू कर दिया था. और वह भी अपनी ऊँगलियों से मेरी चूत के दाने को सहलाते हुए बड़े ही प्यार से मेरी चूत को चाटने लगा था. तो फिर मैं समझ गई थी कि यह तो औरत को चोदने में पुराना खिलाड़ी है.

और फिर थोड़ी देर तक मेरी चूत को चाटने के बाद उसने अपनी बीच की ऊँगली को मेरी चूत में घुसा दी थी और वह अपनी ऊँगली से मेरी चूत के उत्तेजक स्थान को रगड़ने लगा था. और उससे मेरे सारे बदन में एक आग सी लगने लगी थी. और फिर मैंने भी उसके लंड को तेज़ी के साथ चूसना शुरू कर दिया था. और मैं भी जोश से पागल सी होने लगी थी. और फिर 5 मिनट में ही मैं झड़ गयी थी. और उसके बाद मैं उसके ऊपर से हट गई थी. और फिर मैंने ढेर सारी क्रीम लाकर उसके लंड पर लगा दी थी. और थोड़ी सी क्रीम अपनी चूत में भी लगा ली थी. क्रीम लगाने के बाद मैं फिर से उसके ऊपर आ गयी थी. और फिर जैसे ही मैंने उसके लंड के टोपे को अपनी चूत के छेद पर रखा तो उसने मेरा सिर पकड़कर मुझको अपनी तरफ खींच लिया और वह बड़े ही प्यार से मुझको चूमने लगा था.

उसके होंठ उस समय एकदम गरम थे. और उस समय मेरे सारे बदन में एक सिहरन सी दौड़ गयी थी. और फिर थोड़ी देर तक मैंने अपनी चूत को उसके लंड के टोपे पर रगड़ा तो फिर उसके बाद मैंने अपनी चूत को उसके लंड पर थोड़ा सा दबा दिया तो मेरे मुहँ से हल्की सी चीख निकल गई थी, और उसके लंड का टोपा मेरी चूत में घुस गया था. और मुझे बहुत दर्द होने लगा तो मैंने उसके लंड का टोपा अपनी चूत से बाहर निकाल दिया था. और फिर मैंने अपनी चूत को फिर से उसके लंड पर रगड़ना शुरू कर दिया था. और वह बड़े ही प्यार से मेरी पीठ को सहलाता हुआ मुझे चूमने लगा था. और फिर थोड़ी देर के बाद जब मेरा दर्द कुछ कम हुआ तो मैंने अपनी चूत को उसके लंड के टोपे पर फिर से थोड़ा सा दबा दिया था. तो उसके लंड का टोपा फिर से मेरी चूत में घुस गया था. लेकिन इसबार मुझे ज़्यादा दर्द नहीं हुआ था. और फिर मैंने अपनी चूत को जैसे ही थोड़ा सा और दबाया तो मेरे मुहँ से एक चीख निकल पड़ी थी। आप यह कहानी कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और अब उसका लंड मेरी चूत में लगभग 2” तक घुस चुका था. और मेरी टाँगें थर-थर काँपने लगी थी. और मेरी धड़कन भी बहुत तेज चलने लगी थी. और मुझको लग रहा था कि जैसे कोई गरम लोहे की रॉड मेरी चूत को चीरती हुई अन्दर घुस रही हो, और मैं एक पल के लिए रुक सी गई थी. और फिर थोड़ी देर के बाद मैंने फिर से धीरे-धीरे अपनी चूत को उसके लंड पर उपर-नीचे करना शुरू कर दिया था. और जब मेरा दर्द फिर से कुछ कम हुआ तो मैंने थोड़ा सा ज़ोर और लगा दिया, तो मैं फिर से चीख उठी और उसका लंड मेरी चूत में 3” तक घुस गया था. और मैंने फिर से अपनी चूत में उसके लंड को धीरे-धीरे अन्दर-बाहर करना शुरू कर दिया था. और थोड़ी देर के बाद जब मेरा दर्द कुछ कम हुआ तो उसने मुझको बेड पर लेट जाने का इशारा किया, और मैं जोश से पागल हुई जा रही थी. और उसके इशारे के बाद मैं उसके ऊपर से हट गई, और बेड पर लेट गई. और फिर मैंने सोचा कि अब तो जो होगा देखा जाएगा. और फिर उसने मेरी कमर के नीचे 2 तकिये रख दिए. और फिर वह मेरी टाँगों के बीच में आ गया था. और फिर उसने मेरी चूत के बीच में अपने लंड का टोपा रख दिया था. और फिर उसने मेरी दोनों टाँगों को पकड़कर फैला दिया था. और मैं डर भी रही थी कि वह कहीं ज़बरदस्ती ही अपना पूरा का पूरा लंड मेरी चूत में ना घुसेड दे।

लेकिन उसने धीरे-धीरे से अपना लंड मेरी चूत के अन्दर दबाना शुरू किया. और उसका लंड फिर धीरे-धीरे मेरी चूत में घुसने लगा था. और फिर जैसे ही उसका लंड लगभग 4” तक मेरी चूत में घुसा तो मैं फिर से चीखने लगी तो वह रुक गया. और उसने अपने होंठ मेरे होठों पर रख दिए और मेरे बब्स को मसलते हुए धीरे-धीरे अपना लंड मेरी चूत के अन्दर-बाहर करने लगा.